ODISHA DESK, केंद्रापड़ा: सामाजिक कार्यकर्ताओं के एक समूह ने एक संयुक्त बयान जारी कर ओडिशा सरकार से चमेली ओझा को तुरंत उन्नत (बेहतर) चिकित्सा उपचार और सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह किया है। चमेली ओझा एक दलित महिला सरपंच हैं, जिन्हें कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया है और वह वर्तमान में अस्पताल में भर्ती हैं।
एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में 11 जून को केंद्रपाड़ा अस्पताल में चमेली से मिलने वाले कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि उन्होंने अपनी जान का खतरा बताया है। कथित तौर पर हमले में शामिल पुलिस और गुंडों की उपस्थिति के कारण वह बेहद डरी हुई दिखाई दे रही थीं। कार्यकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने इस स्थिति से तुरंत बाहर निकालने की गुहार लगाई।
कथित राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिशोध का मामला
संयुक्त बयान के अनुसार, एक शिक्षित दलित परिवार से आने वाली और सत्ताधारी दल की सदस्य चमेली ओझा को कथित तौर पर तब निशाना बनाया गया, जब उन्होंने अपनी ही पार्टी के स्थानीय विधायक और बीडीओ (ब्लॉक विकास अधिकारी) द्वारा की जा रही कथित अनियमितताओं और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई। बयान में आरोप लगाया गया है कि सुरक्षा मिलने के बजाय, वह पुलिस और गुंडों के क्रूर हमले का शिकार बन गईं।
कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों के इस रवैए को “अमानवीय” बताते हुए इसकी तीखी आलोचना की। उनका कहना है कि न्याय देने के बजाय प्रशासन ने उन्हें झूठे आरोपों में जेल भेज दिया और उचित चिकित्सा देखभाल से वंचित रखा। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि शारीरिक चोटों और मानसिक आघात के कारण वह अवसाद (डिप्रेसन) में जा सकती हैं।
बयान में इस पूरी स्थिति को “अराजकता” जैसा बताया गया है और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष, उच्च स्तरीय जांच के आदेश देने की अपील की गई है।
उन्नत उपचार:चमेली ओझा को बेहतर इलाज के लिए तुरंत कटक के किसी बड़े अस्पताल में स्थानांतरित (ट्रांसफर) किया जाए।
सुरक्षा:उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए।
दोषियों की गिरफ्तारी: चमेली की शिकायत के आधार पर पुलिस कर्मियों और बीडीओ सहित सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
यह संयुक्त बयान प्रफुल्ल सामंतरा, कल्याण आनंद, डॉ. बिस्वजीत, देबप्रसाद राय और देबी प्रसाद पृष्टि सहित प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा जारी किया गया था।
एक दिवसीय उपवास:
लोक शक्ति अभियान से जुड़े कार्यकर्ता सामंतरा और आनंद ने इस “साहसी दलित महिला” के साथ एकजुटता दिखाने और न्याय की मांग को लेकर आज सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक एक दिवसीय उपवास भी रखा। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया है कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं और चमेली ओझा को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

