सतीश सिंह, लखनऊ. 80वें स्वतंत्रता दिवस पर जन भवन का माहौल देशभक्ति और राष्ट्रगौरव से ओतप्रोत रहा. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी. इसके बाद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया. जन भवन के अधिकारियों-कर्मचारियों और आदर्श माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया. कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई.

राज्यपाल ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तिरंगे को देखते ही उन महान स्वतंत्रता सेनानियों का स्मरण होता है, जिन्होंने वर्षों के संघर्ष, त्याग और बलिदान के बाद देश को आजादी दिलाई. उन्होंने कहा कि अनेक वीरों ने छोटी उम्र में ही देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. ऐसे सभी स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना और उनके आदर्शों को जीवन में उतारना हर नागरिक का दायित्व है.

इसे भी पढ़ें : आजादी सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, अराजकता और पिछड़ेपन से मुक्ति का संकल्प: योगी

राज्यपाल ने कहा कि देश ने पिछले वर्षों में कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है और बड़ी संख्या में लोग गरीबी से बाहर निकले हैं. हालांकि अभी भी कई लोगों को गरीबी से बाहर लाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं. उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा दिलाना, किसानों की सहायता करना और समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाना केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है.उन्होंने नागरिकों से जनगणना में अपने परिवार की सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की. विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी अपने परिवार की सही जानकारी जनगणना प्रपत्र में दर्ज कराने के लिए जागरूक करने की जरूरत बताई.

नक्सलवाद के खिलाफ बलिदान देने वालों को किया नमन

छत्तीसगढ़ की राज्यपाल के रूप में अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए आनंदीबेन पटेल ने कहा कि उन्होंने वहां नक्सलवाद की गंभीर स्थिति को करीब से देखा है. उस दौर में कई क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई और सामान्य जनजीवन भी कठिन था. उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सेना और सुरक्षा बलों के जवानों के साहस और बलिदान को नमन किया. उन्होंने कहा कि अनेक जवानों ने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी और कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया. अब प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास, रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी काम हो रहा है.

इसे भी पढ़ें : CM योगी ने शासकीय आवास पर किया ध्वजारोहण, कहा- आज भारत हर क्षेत्र में बढ़ रहा आगे

राज्यपाल ने ‘वंदे मातरम्’ के महत्व पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि देशवासियों को यह समझने की जरूरत है कि स्वतंत्रता आंदोलन में इसका क्या महत्व रहा है. उन्होंने कहा कि एक समय ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष पर प्रतिबंध लगाए गए थे, लेकिन इससे देशवासियों के मन में पैदा होने वाला आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति कभी समाप्त नहीं हुई. उन्होंने उन मातृशक्तियों और देशभक्तों को नमन किया, जिन्होंने जेल जाना स्वीकार किया, लेकिन ‘वंदे मातरम्’ का गायन नहीं छोड़ा. राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा और प्रत्येक व्यक्ति को अपने दायित्व का समयबद्ध व अनुशासित तरीके से निर्वहन करना होगा.

विकास के साथ बदलती व्यवस्था पर जोर

राज्यपाल ने प्रधानमंत्री के देश के समग्र विकास के लिए निर्धारित ‘सप्तधारा’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को विश्व की अग्रिम पंक्ति में लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. समय के अनुरूप अप्रासंगिक हो चुके पुराने कानूनों में बदलाव किए गए हैं, ताकि विकास की जरूरतों के अनुरूप व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके. कार्यक्रम में विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर महादेव बोबडे ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि राज्यपाल की प्रेरणा से जन भवन में कई महत्वपूर्ण और अभिनव कार्य हुए हैं, जिससे इसकी पहचान और ख्याति बढ़ी है.