सतीश सिंह, लखनऊ. विकसित उत्तर प्रदेश-2047 के विजन को गति देने के लिए स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (एसटीसी) और लखनऊ विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण पहल की है. दोनों संस्थानों के बीच सेंटर फॉर डेवलपमेंट एंड पॉलिसी रिसर्च (सीडीपीआर) के अंतर्गत ‘पॉलिसी एंड डेवलपमेंट रिसर्च वर्टिकल’ की स्थापना के लिए बुधवार को योजना भवन, लखनऊ में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए.
एमओयू पर स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह (आईएएस, सेवानिवृत्त) और लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने हस्ताक्षर किए. यह समझौता प्रारंभिक रूप से तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे आवश्यकता पड़ने पर दो वर्षों तक प्रतिवर्ष बढ़ाया जा सकेगा.
इसे भी पढ़ें : अब मेट्रो टिकट की झंझट खत्म! लखनऊ में लॉन्च हुआ ‘वन नेशन, वन कार्ड’, हर सफर पर मिलेगा 10% फायदा
इस पहल का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को मजबूत करना, विकासोन्मुखी शोध को प्रोत्साहित करना और सुशासन के लिए ज्ञान-आधारित दस्तावेज तैयार करना है. इसके तहत राज्य के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों की तैयारी, स्टेट इकोनॉमिक सर्वे, स्टेट डेवलपमेंट रिपोर्ट, विभिन्न विकास संकेतकों के आधार पर जिलों की रैंकिंग, विकास संबंधी चुनौतियों की पहचान और विभिन्न विषयों पर शोध कार्य किए जाएंगे.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने कहा कि एमओयू के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय पूर्ण शैक्षणिक एवं संस्थागत सहयोग प्रदान करेगा. उन्होंने कहा कि शासन और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी और साझा दृष्टिकोण के माध्यम से विकसित उत्तर प्रदेश-2047 के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है.


