अनिल मालवीय, सीहोर। नगर पालिका के दावों और ‘स्वच्छ भारत’ के नाम पर लाखों रुपये फूंककर बनाए गए अत्याधुनिक और सुंदर कचरा घर की आज सुबह हवा निकल गई। सीहोर के इंग्लिशपुरा में स्थित यह हाईटेक कचरा घर आज सुबह धू-धू कर जल उठा। आग इतनी भयानक थी कि आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया और स्वच्छता के नाम पर किए गए लाखों के खर्च की राख उड़ती नजर आई। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक हादसा था, या फिर शहर की लचर प्रशासनिक व्यवस्था और व्यक्तिगत घोर लापरवाही का जीता-जागता सबूत।

READ MORE: सिंगरौली के संदीपनी स्कूल में बवाल! शिक्षक पर हमला या छात्रों को उकसाने की साजिश? जानिए पूरा मामला

स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस आगजनी की पटकथा कल शाम ही लिख दी गई थी। कल शाम एक कपड़ा दुकानदार, जिसका नाम शैलेन्द्र बताया जा रहा है, उसने इस अत्याधुनिक कचरा घर के बाहर भारी मात्रा में कचरा और वेस्ट मटेरियल लाकर फेंक दिया था। जब कचरा घर के अंदर कचरा डालने की व्यवस्था थी, तो आखिर बाहर कचरे का पहाड़ क्यों खड़ा किया गया और इस पर नगर पालिका की कुंभकर्णी नींद क्यों नहीं टूटी। उसी कचरे के ढेर में आज सुबह अचानक आग लग गई या लगा दी गई, जिसने देखते ही देखते पूरे कचरा घर को अपनी चपेट में ले लिया।

READ MORE: जेल के अंदर बर्थडे पार्टी: वर्दी में डांस करते दिखे उप जेलर और जेलकर्मी, Video वायरल  

बड़ा सवाल है कि लाखों रुपये की जनता की गाढ़ी कमाई से बना यह अत्याधुनिक’ प्रोजेक्ट क्या केवल बाहर कचरा फेंकने और अंत में जलकर खाक होने के लिए बनाया गया था। नगर पालिका की नाकामी का सजीव प्रसारण ​यह घटना सीहोर नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर एक बहुत बड़ा तमाचा है। नपा ने लाखों रुपये लगाकर कचरा घर तो चमचमाता हुआ बना दिया, लेकिन उसकी सुरक्षा और वहां कचरा फेंकने की सही मॉनिटरिंग के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की। जनता के टैक्स के पैसों से बने इस सुंदर ढांचे को असामाजिक तत्वों और लापरवाह दुकानदारों के भरोसे लावारिस छोड़ दिया गया। जब कल शाम को ही खुले में कचरा फेंका जा चुका था, तो नगर पालिका के स्वास्थ्य विभाग और स्वच्छता निरीक्षकों ने तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की, क्या वे किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे थे। 

READ MORE: गुस्से का गुबार: एथनॉल मिश्रित पेट्रोल से बार-बार बंद हो रही थी गाड़ी, तंग आकर अपनी ही बाइक में लगा दी आग

जब शहर में स्वच्छता के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, तो मुख्य मार्गों पर बने इन कचरा घरों की सुरक्षा और देखरेख के लिए कोई गार्ड या सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगाए गए। नियम तोड़ने वाले दुकानदार शैलेन्द्र पर नगर पालिका अब तक क्या सख्त कार्रवाई करने जा रही है।  क्या सिर्फ जुर्माना लगाकर फाइल बंद कर दी जाएगी।

इस आगजनी से हुए सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई किससे की जाएगी, जनता की जेब से या जिम्मेदार अधिकारियों की सैलरी से। सीधे तौर पर कहें तो यह सीहोर नगर पालिका की घोर प्रशासनिक विफलता है। अगर समय रहते ऐसी लापरवाहियों पर नकेल नहीं कसी गई, तो शहर का हर अत्याधुनिक कोना इसी तरह धुआं-धुआं होता रहेगा। मामले में नपा का कहना है कि नगर में नियम अनुसार सफाई होती है, इस मामले आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m