देश ही नहीं, विदेशों से भी भक्तों का बाबा बैद्यनाथ के दरबार में पहुंचना जारी, मंदिर के रिकॉर्ड में दर्ज है श्रद्धालुओं की भक्ति
देवघर। युगों से आस्था और श्रद्धा का केंद्र रहे झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम की महिमा देश ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में प्रसिद्ध है। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ के दरबार में सावन के पवित्र महीने में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों में रहने वाले सनातनी श्रद्धालु भी अपनी आस्था अर्पित करते हैं।
मान्यता है कि बाबा बैद्यनाथ का यह धाम शिव और शक्ति की उपासना का प्रमुख केंद्र है। धार्मिक ग्रंथों में भी इस पवित्र स्थल का उल्लेख मिलता है। आदि शंकराचार्य ने भी बाबा बैद्यनाथ धाम की महिमा का वर्णन किया है।
विदेशों से भी पहुंचती है आस्था
सावन के महीने में बाबा बैद्यनाथ के दरबार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इस दौरान विदेशों में रह रहे सनातनी भी अपनी श्रद्धा और भक्ति से बाबा भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं। श्रद्धालुओं की ओर से गंगाजल और बेलपत्र अर्पित करने के साथ मंदिर की दानपेटी में दान भी दिया जाता है।
मंदिर के खजाने और दान से जुड़े रिकॉर्ड इस बात के गवाह हैं कि बाबा बैद्यनाथ के प्रति श्रद्धा की सीमा देश की सीमाओं तक सीमित नहीं है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले सनातनी भी सावन में बाबा के दरबार से अपनी आस्था जोड़ते हैं।
मनोकामना लिंग के दरबार में लगता है विशाल मेला
बाबा बैद्यनाथ धाम को मनोकामना लिंग के रूप में भी श्रद्धालुओं के बीच विशेष मान्यता प्राप्त है। सावन के दौरान यहां लगने वाला मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शुमार है। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए देवघर पहुंचते हैं।

