Odisha desk, पुरी: ओडिशा की पावन नगरी पुरी के बड़ादांड (मुख्य मार्ग) पर आज एक ऐसा अलौकिक और अवर्णनीय आध्यात्मिक माहौल देखने को मिल रहा है, जिसे शब्दों में बांधना मुमकिन नहीं है। महाप्रभु श्री जगन्नाथ के दिव्य दर्शन पाकर ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो संपूर्ण सृष्टि धन्य हो गई है। रथ यात्रा के इस पावन अवसर पर आकाश, पवन, मिट्टी और यहां तक कि हर एक जीव एक ही स्वर में प्रभु की महिमा का गान कर रहा है। भक्तों के लिए भगवान को अपने इतने करीब पाना जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य बन गया है।

भक्त और भगवान के मिलन का महामुहूर्त

पुरी की रथ यात्रा केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं है, बल्कि यह भक्त और भगवान के मिलन का एक सर्वोच्च महामुहूर्त है। आज पुरी की धूल से लेकर बड़ादांड का हर एक कण महाप्रभु के स्पर्श से पवित्र हो उठा है। भगवान जगन्नाथ का वह दिव्य रूप, उनकी मनमोहक बड़ी-बड़ी आंखें और करुणामयी मुस्कान देखकर वहां मौजूद लाखों भक्तों का हृदय पूरी तरह भाव-विभोर हो गया है। प्रभु की एक झलक पाते ही कई श्रद्धालुओं की आंखों से भक्ति और आनंद के आंसू छलक पड़े।

भक्तों का अटूट विश्वास: श्रद्धालुओं का मानना है कि करोड़ों जन्मों के पुण्यफल और अच्छे कर्मों के बाद ही महाप्रभु के इस दिव्य रूप के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है।

हर दिल में बस एक ही मौन प्रार्थना

इस पावन बेला में पुरी पहुंचे हर भक्त के मन में बस एक ही मौन प्रार्थना चल रही है “हे प्रभु! आप सदैव इसी तरह हमारी आंखों के सामने रहें और आपके इस दिव्य दर्शन से हमारा जीवन हमेशा आलोकित होता रहे।” भक्ति, प्रेम और पूर्ण समर्पण का यह महासंगम एक बार फिर यह साबित करता है कि महाप्रभु श्री जगन्नाथ की लीलाएं अनंत हैं और उनकी कृपा अपार है। पुरी का यह दृश्य साक्षात अध्यात्म के चरमोत्कर्ष को दर्शाता है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m