० 150 से ज्यादा कर्मचारी गिन रहे दान, अब सोना-चांदी और विदेशी मुद्रा की होगी गणना
चित्तौड़गढ़। मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्री सांवलिया सेठ मंदिर में एक बार फिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मंदिर का मासिक भंडार (दानपेटी) खुलते ही चढ़ावे की गिनती शुरू हुई और पहले ही चरण में 10 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपये की नकद राशि सामने आ गई। शुरुआती आंकड़ों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सांवलिया सेठ के दरबार में श्रद्धा और विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर परंपरानुसार सबसे पहले भगवान श्रीसांवलिया सेठ की विशेष भोग आरती की गई। इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दानपेटियां खोली गईं और चढ़ावे की गिनती का कार्य शुरू हुआ।
150 से अधिक कर्मचारियों की टीम जुटी
इतनी बड़ी दानराशि की गिनती के लिए मंदिर प्रशासन ने 150 से अधिक बैंक अधिकारियों और मंदिर कर्मचारियों की टीम तैनात की है। मशीनों और मैन्युअल तरीके से नोटों की गिनती, छंटाई और बंडल बनाने का काम लगातार जारी है।
अभी और बढ़ेगा आंकड़ा
मंदिर प्रबंधन के मुताबिक, फिलहाल केवल पहले चरण की नकद राशि की गिनती पूरी हुई है। अभी दानपेटियों से निकले सोने-चांदी के आभूषणों का वजन और मूल्यांकन, साथ ही विदेशी मुद्राओं की गिनती बाकी है। पूरी प्रक्रिया 5 से 6 चरणों में पूरी होगी, जिसके बाद इस महीने के कुल चढ़ावे की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

‘बिजनेस पार्टनर’ मानते हैं श्रद्धालु
देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु श्री सांवलिया सेठ के दरबार में अपनी आस्था अर्पित करने पहुंचते हैं। खासकर व्यापारी वर्ग में यह गहरी मान्यता है कि भगवान सांवलिया सेठ उनके ‘बिजनेस पार्टनर’ हैं। व्यापार में होने वाले लाभ का एक हिस्सा श्रद्धालु नियमित रूप से मंदिर में चढ़ाते हैं। मान्यता है कि ठाकुरजी की कृपा से कारोबार में लगातार उन्नति और समृद्धि बनी रहती है।
यही वजह है कि हर महीने खुलने वाला श्री सांवलिया सेठ का भंडार न सिर्फ श्रद्धा का प्रतीक बनता है, बल्कि करोड़ों रुपये के चढ़ावे के साथ आस्था की नई मिसाल भी पेश करता है।

