रणधीर परमार, छतरपुर। उत्तर प्रदेश में अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी के खुलासे से न सिर्फ दानदाताओं का विश्वास उठा है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को भी ठेस पहुंची है। चोरी, जांच और कार्रवाई के बीच बागेश्वर धाम पीठाधीश पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भी इस पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने चोरों को पापी बताते हुए कहा है कि भगवान खुद उन्हें महादंड देंगे।

करोड़ों लोगों की आस्था और श्रद्धा की चोरी- धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

दरअसल, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इंडोनेशिया में आयोजित हनुमान कथा के दौरान चंदा चोरी की घटना पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पैसों की नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की आस्था और श्रद्धा की चोरी है। 

धीरेंद्र शास्त्री ने दिया रावण का उदाहरण

उन्होंने रावण का उदाहरण देते हुए कहा, “माता सीता को चुराने वाले रावण के पूरे वंश का नाश हो गया था। राम मंदिर में चोरी करने वाले महापापी हैं, उन्हें भगवान खुद महादंड देंगे।” दर्ज हुई एफआईआर (FIR) का जिक्र करते हुए बागेश्वर महाराज ने कहा कि इस मामले में अभी और जांच होनी चाहिए, जिससे कई और आरोपी पकड़े जाएंगे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ऐसे लोगों को सरकारी दंड तो मिलेगा ही, साथ ही वे ईश्वरीय न्याय से भी नहीं बच पाएंगे।

क्या है पूरा मामला ?

सपा के पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने 7 जून को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि 5 से 7.5 करोड़ रुपए की चोरी की है। इसके बाद 8 जून सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की अपील की। 9 जून भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को एक चिट्ठी लिखकर मामले की CBI और ED से जांच की मांग की। 9 जून को राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने ट्रस्ट के सदस्यों के साथ बैठक की। चढ़ावे की राशि, गिनती और लेखा-जोखा पर चर्चा की। 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मंदिर ट्रस्ट से मामले पर रिपोर्ट मांगी ली। दूसरी तरफ, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सभी आरोप खारिज किए। 11 जून को मंदिर के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह का बयान सामने आया। CCTV फुटेज को लेकर आरोप लगाए।

अब तक क्या हुआ ? 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख और उनके निर्देश पर गठित SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के चढ़ावा चोरी प्रकरण में FIR दर्ज  की गई। ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में मामला दर्ज किया गया। FIR में 8 लोगों को नामजद किया गया जिनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के नाम शामिल थे।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस्तीफा (Champat Rai Resigns) दे दिया है।  साथ ही ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने अपना पद त्याग (Anil Mishra Resigns) दिया है। गबन के बाद से इन दोनों पदाधिकारियों पर ही सबसे ज्यादा दबाव बना हुआ था। दोनों पर इस्तीफे का दबाव था। 

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