जुबैर अंसारी, सुपौल। जिले में आज शुक्रवार को उप महानिरीक्षक मधुकर अमिताभ, क्षेत्रक मुख्यालय, सशस्त्र सीमा बल, पूर्णिया की अध्यक्षता में 45वीं बटालियन बीरपुर में जब्ती से संबंधित विषयों एवं सीमा सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर मीडिया संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 45वीं बटालियन के अधिकारियों द्वारा भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा, सीमा पार अपराधों की रोकथाम, तस्करी विरोधी अभियानों गुप्त सूचना पर आधारित कार्रवाई से संबंधित महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई।
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा, सीमा पार अपराधों की रोकथाम तथा राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से 45वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, बीरपुर द्वारा निरंतर विशेष अभियान, सघन सीमा निगरानी एवं आसूचना-आधारित कार्रवाई की जा रही है। इन अभियानों के परिणामस्वरूप मादक पदार्थों, अवैध शराब, जाली भारतीय मुद्रा (FICN), मानव तस्करी, अवैध हथियारों तथा अन्य सीमा पार अपराधों के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलताएं प्राप्त की गई हैं।
- मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई
45वीं वाहिनी द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई करते हुए वर्ष 2026 में लगभग 3,216 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है। - नशीली दवाइयों की जब्ती
वर्ष 2026 के दौरान वाहिनी द्वारा लगभग 1,900 नशीली टैबलेट जब्त की गई हैं। - अवैध शराब की जब्ती
जनवरी 2026 से अब तक लगभग 5,240 लीटर अवैध/नेपाल निर्मित शराब जब्त की गई है तथा तस्करी से संबंधित मामलों में 44 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। - अवैध हथियार एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्रवाई
वर्ष 2026 में वाहिनी द्वारा 01 देशी कट्टा जब्त कर 01 अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।
वर्ष 2025 में 99 नग 8 एमएम कारतूस एवं 01 देशी कट्टा बरामद कर कुल 05 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
दिनांक 31 मई 2025 को ₹61,500/- की जाली भारतीय मुद्रा जब्त कर 01 अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया।
दिनांक 29 जनवरी 2026 को नेपाल से भारत में प्रवेश करने के क्रम में 01 बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया गया।
वर्ष 2026 में 03 नग हिरण के सींग बरामद कर 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त एक प्राचीन (Antique) मूर्ति बरामद कर 01 नेपाली अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। - मानव तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई
मानव तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियानों के दौरान वर्ष 2026 में अब तक 35 नाबालिगों का रेस्क्यू कर 08 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं वर्ष 2024 से अब तक मानव तस्करी के मामलों में कुल 110 व्यक्तियों का रेस्क्यू एवं 85 गिरफ्तारियां की गई हैं।
आसूचना के आधार पर SSB एवं बिहार पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान एक संदिग्ध Mahindra Scorpio वाहन संख्या BR-01 PG-4476 को रोककर तलाशी ली गई। वाहन में सवार व्यक्तियों द्वारा भागने का प्रयास किया गया, जिन्हें तत्परता से पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक Wireless (Walkie-Talkie) Set बरामद हुआ, जिसे अभियुक्तों द्वारा साक्ष्य नष्ट करने के उद्देश्य से सड़क पर पटककर क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।
अभियुक्तों से प्राप्त जानकारी के आधार पर SSB एवं बिहार पुलिस द्वारा संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें 509 बोतल (152.7 लीटर) नेपाल निर्मित अवैध शराब बरामद की गई। साथ ही Scorpio वाहन, दो मोबाइल फोन एवं क्षतिग्रस्त वायरलेस सेट को विधिवत जब्त कर अभियुक्तों सहित अग्रिम वैधानिक कार्रवाई हेतु थाना भीमनगर को सुपुर्द किया गया।
सीमा क्षेत्र में तस्करों के कब्जे से वायरलेस सेट की बरामदगी को गंभीरता से लेते हुए इस प्रकरण की तकनीकी एवं आसूचना आधारित जांच की गई। सामान्यतः तस्करों द्वारा संचार के लिए मोबाइल फोन का उपयोग किया जाता है, जबकि वायरलेस संचार प्रणाली का उपयोग अधिक संगठित एवं योजनाबद्ध गतिविधियों तथा निगरानी से बचने के प्रयास की ओर संकेत कर सकता है। इस दृष्टि से मामले की तकनीकी जांच एवं आसूचना संकलन को और अधिक सुदृढ़ किया गया।
45वीं वाहिनी की संचार शाखा तथा बाद में गठित Communication Investigation Team द्वारा उपकरणों का तकनीकी परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान सभी 100 वायरलेस सेट नवीन, चीनी निर्मित एवं पूर्व-प्रोग्राम्ड पाए गए तथा आपस में सफलतापूर्वक संचार करने में सक्षम पाए गए। परीक्षण के अनुसार 5 Watt रेडियो सेटों की प्रभावी संचार दूरी लगभग 4.5 किलोमीटर तथा 8 Watt रेडियो सेटों की लगभग 7 किलोमीटर पाई गई। हालांकि, इन उपकरणों का 45वीं वाहिनी के वर्तमान VHF संचार नेटवर्क से कोई संपर्क स्थापित नहीं हुआ।
विस्तृत तकनीकी परीक्षण एवं विश्लेषण हेतु उपकरणों को सक्षम तकनीकी संस्था को भेजे जाने की अनुशंसा की गई है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर महावीर इलेक्ट्रॉनिक्स, कुनौली बाजार में संयुक्त कार्रवाई करते हुए आवश्यक पूछताछ की गई। साथ ही NIA, बिहार पुलिस, SIB तथा अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा तकनीकी, डिजिटल एवं आसूचना आधारित जांच प्रारंभ की गई है।
अब तक की जांच से प्रथम दृष्टया यह संकेत प्राप्त हुए हैं कि बरामद वायरलेस उपकरण नेपाल के राजबिराज स्थित एक व्यक्ति अजीत यादव तक पहुंचाए जाने थे। इस संबंध में नेपाल APF के साथ भी आवश्यक समन्वय स्थापित किया गया है। वर्तमान में SSB, बिहार पुलिस, SIB, NIA, नेपाल APF एवं अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से मामले की जांच की जा रही है। चूंकि जांच अभी प्रगति पर है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच पूर्ण होने के उपरांत ही स्पष्ट हो सकेगा।
45वीं वाहिनी द्वारा भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर प्रभावी निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीकों एवं समन्वित गश्त का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। सीमा जांच चौकियों पर आवागमन की निगरानी एवं सत्यापन के लिए Border Entry Management System (BEMS) का उपयोग किया जा रहा है। नदीय क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी हेतु बोट के माध्यम से नदी क्षेत्र की निगरानी के साथ-साथ ड्रोन (Drone) Surveillance भी किया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त सीमा क्षेत्र में नियमित रूप से दिन एवं रात्रि गश्त की जा रही है तथा बिहार पुलिस के साथ संयुक्त रात्रि गश्त (Joint Night Patrolling) संचालित कर सीमा सुरक्षा, तस्करी निरोधक कार्रवाई एवं अन्य सीमा पार अपराधों की रोकथाम को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
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