Business Desk – Digital Gold News : अगर आप मोबाइल ऐप से 10 रुपए, 100 रुपए या इससे ज्यादा का Digital Gold खरीदते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। केंद्र सरकार अगले साल तक डिजिटल गोल्ड के लिए नया Regulatory Framework लागू कर सकती है। इसका मकसद डिजिटल गोल्ड में निवेश करने वाले करोड़ों लोगों के निवेश को ज्यादा सुरक्षित बनाना और फर्जी या अविश्वसनीय प्लेटफॉर्म पर लगाम लगाना है।

अभी Digital Gold सेक्टर के लिए कोई व्यापक सरकारी रेगुलेशन नहीं है। ऐसे में नए नियम लागू होने के बाद इस बाजार में पारदर्शिता बढ़ने और निवेशकों का भरोसा मजबूत होने की उम्मीद है।
निवेशकों की सुरक्षा के लिए बन रहा नया Regulatory Framework
Digital Precious Metals Assurance Council of India (DPMACI) ने पिछले एक महीने के दौरान वित्त मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के साथ कई दौर की बैठकें की हैं।
इन बैठकों का उद्देश्य डिजिटल गोल्ड कारोबार के लिए ऐसा रेगुलेटरी ढांचा तैयार करना है, जिससे निवेशकों के हित पूरी तरह सुरक्षित रह सकें और बिना भरोसे वाले ऑपरेटर लोगों के साथ धोखाधड़ी न कर सकें।
DPMACI की चेयरपर्सन निरुपमा सुंदरराजन ने कहा कि भारत में Digital Gold तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि अगले साल तक इस सेक्टर के लिए औपचारिक नियम लागू हो सकते हैं।
Digital Gold सेक्टर के लिए किसने बनाई DPMACI?
डिजिटल गोल्ड कारोबार में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से करीब तीन महीने पहले उद्योग से जुड़ी कंपनियों और फिनटेक प्लेटफॉर्म ने मिलकर Digital Precious Metals Assurance Council of India (DPMACI) की स्थापना की थी।
इस संस्था में SafeGold, MMTC-PAMP, Augmont और फिनटेक प्लेटफॉर्म PhonePe तथा Gullak जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इन सभी का उद्देश्य Digital Gold बाजार में भरोसा बढ़ाना, निवेशकों के हितों की रक्षा करना और इस सेक्टर के लिए मजबूत नियम बनाने में सहयोग देना है।
भारत में तेजी से बढ़ रहा Digital Gold का कारोबार
DPMACI के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान निवेशकों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए करीब 10 टन सोना खरीदा। यह आंकड़ा बताता है कि अब बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक ज्वेलरी खरीदने के बजाय मोबाइल ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भी सोने में निवेश करना पसंद कर रहे हैं।
कम रकम से निवेश शुरू करने की सुविधा ने Digital Gold को खासकर युवाओं और छोटे निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय बना दिया है।
दूसरे देशों के मॉडल का भी होगा अध्ययन
उद्योग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि तुर्की, इंडोनेशिया, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और चीन जैसे देशों में Digital Gold का मजबूत इकोसिस्टम पहले से मौजूद है। भारत के नीति-निर्माता भी इन देशों के मॉडल का अध्ययन कर सकते हैं, ताकि यहां निवेशकों के लिए ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी व्यवस्था तैयार की जा सके।
आखिर Digital Gold होता क्या है?
Digital Gold के जरिए कोई भी व्यक्ति मोबाइल ऐप या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से 10 रुपए, 100 रुपए या अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी राशि से 24 कैरेट सोना खरीद सकता है। कंपनियों का दावा है कि खरीदार के नाम पर उतनी मात्रा का वास्तविक सोना सुरक्षित Vault में रखा जाता है। जरूरत पड़ने पर निवेशक इसे ऑनलाइन बेच सकते हैं। कई प्लेटफॉर्म ग्राहकों को तय मात्रा पूरी होने पर भौतिक सोने (Physical Gold) की डिलीवरी लेने का विकल्प भी देते हैं।
नए नियम लागू होने से क्या होगा फायदा?
अगर सरकार Digital Gold के लिए नया रेगुलेटरी फ्रेमवर्क लागू करती है, तो इससे निवेशकों को ज्यादा सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।
फर्जी और अविश्वसनीय प्लेटफॉर्म पर रोक लगेगी।
निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की आशंका कम होगी।
Digital Gold बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी।
निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा।
पूरे सेक्टर में एक समान नियम लागू किए जा सकेंगे।
अभी क्या बदला है?
फिलहाल सरकार ने कोई नया नियम लागू नहीं किया है। अभी केवल रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार करने को लेकर चर्चा चल रही है। अगर अगले साल नए नियम लागू होते हैं, तो Digital Gold में निवेश करने वाले करोड़ों लोगों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है और यह सेक्टर पहले के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बन सकता है।


