कुंदन कुमार, पटना। बीजेपी नेता और बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल आज शुक्रवार (5 जून) को अचानक जेडीयू कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने जदयू एमएलसी संजय गांधी से मुलाकात की। संजय गांधी से मुलाकात को लेकर दिलीप जायसवाल ने कहा कि, काफी दिनों से मुलाकात नहीं हो पाई थी। इसलिए उनका हालचाल जानने और शिष्टाचार भेंट के लिए वे जेडीयू कार्यालय आए हैं।
लालू-राबड़ी की सुरक्षा घटाने पर कही ये बात
वहीं, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा श्रेणी में कटौती को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर दिलीप जायसवाल ने कहा कि, सुरक्षा प्रदान करना या उसमें बदलाव करना पूरी तरह एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत होता है। उन्होंने कहा कि बिहार में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए एक समिति बनी हुई है, जो समय-समय पर आकलन करती है कि किस व्यक्ति को कितनी सुरक्षा की आवश्यकता है।
आकलन के आधार पर होता है फैसला
दिलीप जायसवाल ने कहा कि समिति की रिपोर्ट और सुरक्षा आकलन के आधार पर ही किसी की सुरक्षा बढ़ाई या घटाई जाती है। अगर किसी व्यक्ति को यह महसूस होता है कि उसे किसी प्रकार का खतरा है, तो वह अपनी बात संबंधित एजेंसियों के समक्ष रख सकता है। उसके बाद समीक्षा कर आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा का मुद्दा राजनीतिक नहीं बल्कि प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों के आकलन का विषय है, इसलिए इसे अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।
सरकार ने वापस ली Z+ की सिक्योरिटी
गौरतलब है कि बिहार सरकार ने पूर्व सीएम लालू यादव और राबड़ी दवी की सुरक्षा को लेकर नया आदेश जारी किया है। सरकार ने दोनों नेताओं की जेड प्लस सुरक्षा वापस ले ली है। अब उन्हें सरकार की ओर से लालू यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा के लिए बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) से 2-8 हाउस गार्ड, पटना जिला बल से दो बॉडीगार्ड, (राबड़ी देवी के लिए महिला जवान) सादे लिबास में तीन जवान, बुलेट प्रूफ कार और जिला बल के एस्कॉर्ट तथा ड्राइवर की प्रतिनियुक्ति की जाएगी।इसके साथ ही सरकार ने तेज प्रताप यादव को मिल रही वाई श्रेणी की सुरक्षा को भी हटा लिया है।
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