जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) नूंह ने जिला जेल के मुलाकाती परिसर में एक विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किया है। इसके जरिए जेल में बंद कैदियों और उनके परिवारों को मुफ्त कानूनी सहायता और जरूरी मार्गदर्शन दिया जाएगा।

सोनू वर्मा, नूंह। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) नूंह ने जिला कारागार में बंद कैदियों और उनके परिजनों को त्वरित कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल की है। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (HALSA) के उच्च निर्देशों के तहत जिला कारागार नूंह के मुलाकाती क्षेत्र में इस विशेष हेल्प डेस्क को स्थापित किया गया है। जारी किए गए आधिकारिक आदेशों के अनुसार, यह हेल्प डेस्क जेल में बंद कैदियों, उनके परिवारों तथा अन्य सभी जरूरतमंद लोगों को बिल्कुल मुफ्त कानूनी सहायता, उनके मौलिक अधिकारों की जानकारी और विभिन्न जटिल कानूनी प्रक्रियाओं के संबंध में उचित मार्गदर्शन प्रदान करेगा। इसके सुचारू संचालन के लिए योग्य पैरा लीगल वालंटियर्स (PLVs) की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार विशेष रूप से लगाई गई है।

परिजनों को मिलेगी मुफ्त कानूनी सलाह

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नेहा गुप्ता का इस संबंध में कहना है कि कई बार जेल में बंद कैदियों के परिजनों को जटिल कानूनी प्रक्रियाओं, जमानत के नियमों, ऊपरी अदालत में अपील करने और अन्य कानूनी मामलों की पर्याप्त जानकारी नहीं होती है। ऐसी विषम परिस्थितियों में यह नया हेल्प डेस्क उनके लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और मददगार सहारा साबित होगा। यहां हेल्प डेस्क पर हर समय मौजूद रहने वाले पैरा लीगल वालंटियर्स आने वाले पीड़ित लोगों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनेंगे। इसके साथ ही वे उन्हें न केवल उचित कानूनी सलाह देंगे, बल्कि संबंधित सरकारी विभागों तक उनकी आसान पहुंच बनाने में भी पूरी मदद करेंगे।

न्याय व्यवस्था बनेगी अधिक सुलभ

इस कल्याणकारी पहल का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय की आसान पहुंच सुनिश्चित करना और समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों को मुफ्त कानूनी सेवाओं से जोड़ना है। इस DLSA Nuh Jail Help Desk के माध्यम से जहां एक ओर कैदियों के कानूनी अधिकारों की रक्षा होगी, वहीं दूसरी ओर उनके परिजनों को भी जरूरी कानूनी जागरूकता का सीधा लाभ मिलेगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नूंह की इस मानवीय पहल को वर्तमान न्याय व्यवस्था को अधिक जनहितैषी, संवेदनशील और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा और सराहनीय कदम माना जा रहा है। स्थानीय प्रबुद्ध लोगों ने भी इस नई व्यवस्था का पुरजोर स्वागत किया है।