रणधीर परमार, छतरपुर। छतरपुर के बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इशारों में ही अपने सेवादारों को चेतावनी देते हुए कहा कि वह बागेश्वर धाम आने वाले लोगों से विनम्रता के साथ व्यवहार करें। एक संबोधन के दौरान अपने ही धाम के सेवादारों और शिष्यों को शास्त्री ने कड़े शब्दों में अनुशासन का पाठ पढ़ाया। आत्मचिंतन के बाद मंच से बोलते हुए उन्होंने धाम की आंतरिक व्यवस्था में बड़े बदलाव के संकेत दिए और उन लोगों को आड़े हाथों लिया जो सेवा की आड़ में अपनी मर्यादा भूल रहे हैं।
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बाबा बागेश्वर ने बेहद तल्खी के साथ कहा कि कुछ सेवादारों की मानसिकता ऐसी हो गई है कि उनके पीठ फेरते ही वे खुद गुरु बन बैठते हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि “चाय से ज्यादा तो केतली गरम हो रही है।” उन्होंने दुख जताया कि उनके पास रहने वाले लोग उनकी सरलता से कुछ नहीं सीख पा रहे। लोगों की नजर गुरु की शिक्षाओं पर नहीं, बल्कि इस बात पर है कि गुरु का रसूख कितना बड़ा है, कितने मुख्यमंत्री उनसे सीधे जुड़े हैं और कौन से बड़े सेलिब्रिटी लाइन में लगे हैं।
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उन्होंने कहा कि समय आने पर चेलों का पर्चा खोलेगे , धीरेंद्र कृष्ष शास्त्री ने उन लोगों को भी कड़ा संदेश दिया जो गलत मंशा के साथ धाम से जुड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो लोग सेवा के नाम पर केवल स्वार्थ सिद्ध करने या गलत आचरण (लौंडा-लौंडिया बाजी) के चक्कर में आते हैं, वे सावधान हो जाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर मैं दुनिया का पर्चा खोल सकता हूँ, तो अपने चेलों का भी पर्चा मेरे पास खुला रखा है।” उन्होंने साफ किया कि वे सब कुछ जानते हैं और सही समय पर उचित कदम भी उठाएंगे। बाबा बागेश्वर ने कहा कि उनकी सफलता इसी में है कि वे अपना जीवन बेदाग गुजारें।

