Rajasthan News: राजस्थान सरकार के अंदर चल रही खटपट की खबरें अब सबके सामने आ गई हैं। कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीना शुक्रवार शाम सीधे एसीबी मुख्यालय पहुंच गए।

इस दौरे ने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। किरोड़ी बाबा ने अपनी ही सरकार के कामकाज और सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने साफ कहा कि एसीबी के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि एफआईआर दर्ज होने से पहले ही उसका मजमून बाहर आ गया। आखिर ये जानकारी लीक किसने की?

मामला नकली खाद-बीज घूसकांड का है। किरोड़ीलाल मीना ने एसीबी के डीजी के सामने अपनी बात रखी। उनका कहना है कि 9 जून को एफआईआर वेबसाइट पर आई, लेकिन उससे एक दिन पहले ही इसके तथ्य सोशल मीडिया और खबरों में वायरल हो गए।

मंत्री ने सीधा आरोप लगाया कि किसी प्रभावशाली व्यक्ति ने जानबूझकर डॉक्टर और मंत्री का नाम उछालकर भ्रम फैलाया है। जनता में ये मैसेज गया कि शायद इशारा उन्हीं की तरफ है। उन्होंने कहा कि वो घूस लेने और देने वाले, दोनों को पकड़वा चुके हैं, फिर भी उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।

खाचरियावास का तंज- सरकार नहीं सर्कस

किरोड़ी बाबा के इस कदम पर कांग्रेस ने भी तंज कसने में देर नहीं की। प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि यह विडंबना ही है कि प्रदेश का कैबिनेट मंत्री खुद एसीबी के चक्कर लगा रहा है। अगर मंत्री कह रहे हैं कि उन्हें फंसाया जा रहा है, तो साफ है कि सरकार में अविश्वास की खाई कितनी गहरी है। खाचरियावास ने मुख्यमंत्री से पूछा है कि आखिर सरकार के भीतर चल क्या रहा है।

एसीबी के डीजी ने मंत्री को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। अब जांच अधिकारी यह तय करेंगे कि एफआईआर में जिस डॉक्टर और मंत्री का जिक्र है, वो असल में कौन है। किरोड़ीलाल मीना ने कहा है कि वो इस साजिश को लेकर मुख्यमंत्री से भी मुलाकात करेंगे।

क्या सरकार के भीतर की यह गुटबाजी जल्द शांत होगी या फिर कोई बड़ा इस्तीफा देखने को मिलेगा? जयपुर के सत्ता के गलियारों में अब यही सबसे बड़ी चर्चा है।

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