राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए Government of NCT of Delhi ने दिल्ली सेमीकंडक्टर पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पहल का उद्देश्य दिल्ली को सेमीकंडक्टर डिजाइन, उन्नत अनुसंधान एवं विकास (R&D) और असेंबली गतिविधियों के लिए एक मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) के नेतृत्व में यह कदम राजधानी को हाई-टेक इंडस्ट्री में आगे बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। खासतौर पर सेमीकंडक्टर सेक्टर, जो इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम और रक्षा जैसे क्षेत्रों की रीढ़ माना जाता है, उसमें दिल्ली की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने सेमीकंडक्टर नीति को लेकर सरकार के विज़न को स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र आज वैश्विक अर्थव्यवस्था की एक अहम कड़ी बन चुका है, जो आधुनिक तकनीक और उद्योगों की रीढ़ है। मुख्यमंत्री के अनुसार, दिल्ली सरकार इस सेक्टर के संतुलित और व्यवस्थित विकास के लिए एक समग्र (कॉम्प्रिहेंसिव) नीति ढांचा तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना है जिसमें रिसर्च, डिजाइन, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग सभी पहलुओं को बढ़ावा मिले।
5 प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित नीति ढांचा
1. सेमीकंडक्टर डिजाइन और बौद्धिक संपदा (IP) विकास
दिल्ली को चिप डिजाइन और इनोवेशन का हब बनाने पर जोर होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर नई तकनीक और पेटेंट विकसित किए जा सकें।
2. अनुसंधान, विकास और नवाचार (R&D)
रिसर्च संस्थानों, इंडस्ट्री और स्टार्टअप्स के बीच सहयोग बढ़ाकर अत्याधुनिक तकनीक पर काम को प्रोत्साहित किया जाएगा।
3. विनिर्माण से जुड़ी गतिविधियां (ATMP और OSAT)
नीति में असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP) तथा आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्टिंग (OSAT) जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है, ताकि दिल्ली मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू चेन में भी शामिल हो सके। साथ ही, इससे जुड़े सहायक उद्योगों का विकास भी किया जाएगा।
4. टैलेंट डेवलपमेंट और स्किलिंग
युवा पेशेवरों और छात्रों को सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए तैयार करने हेतु विशेष ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
5. स्टार्टअप और औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत करना
नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप्स, निवेशकों और उद्योगों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी और समर्थन तंत्र विकसित किया जाएगा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित सेमीकंडक्टर नीति के रोजगार और कौशल विकास पर पड़ने वाले असर को लेकर अहम बात कही है। उन्होंने बताया कि यह नीति चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर अनुसंधान और उन्नत पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार अवसर पैदा करेगी। इससे युवाओं को हाई-टेक सेक्टर में करियर बनाने का मौका मिलेगा और दिल्ली में नई इंडस्ट्री की संभावनाएं मजबूत होंगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार लक्षित प्रशिक्षण कार्यक्रम, इंटर्नशिप और उद्योग-शैक्षणिक साझेदारी के जरिए स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देगी। इससे छात्रों और पेशेवरों को इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक तैयार किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल कुशल पेशेवरों को आकर्षित करने और उन्हें बनाए रखने में मददगार होगी। इसके जरिए दिल्ली को एक मजबूत ज्ञान (Knowledge) और नवाचार (Innovation) केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है।
निवेश प्रोत्साहन और अनुकूल वातावरण
उन्होंने बताया कि नीति के तहत लक्षित प्रोत्साहन (Targeted Incentives) दिए जाएंगे उद्योगों की परिचालन लागत कम करने पर जोर होगा निवेशकों के लिए अनुकूल व्यावसायिक वातावरण तैयार किया जाएगा इसके अलावा, सरकार पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy) और बेहतर आधारभूत संरचना (Infrastructure Development) के जरिए कंपनियों को दिल्ली में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस नीति को केंद्र सरकार की प्रमुख पहल India Semiconductor Mission के साथ समन्वय में लागू किया जाएगा, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा। इस समन्वित प्रयास का उद्देश्य घरेलू और वैश्विक निवेशकों दोनों को आकर्षित करना है, ताकि दिल्ली को सेमीकंडक्टर सेक्टर में एक प्रतिस्पर्धी और भरोसेमंद गंतव्य बनाया जा सके।
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित सेमीकंडक्टर नीति PM Narendra Modi के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन के अनुरूप तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य देश में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास में दिल्ली की सक्रिय और मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से राजधानी में सशक्त, नवाचार-आधारित और टिकाऊ सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित होगा। इससे न केवल तकनीकी क्षमताएं बढ़ेंगी, बल्कि रोजगार, निवेश और रिसर्च के नए अवसर भी पैदा होंगे।
उन्होंने प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए कहा कि 21वीं सदी की डिजिटल अर्थव्यवस्था में सेमीकंडक्टर सिर्फ एक औद्योगिक उत्पाद नहीं, बल्कि तकनीकी संप्रभुता (Technological Sovereignty), राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक मजबूती का आधार बन चुके हैं। इसी दूरदर्शी सोच के तहत राज्यों को भी इस क्षेत्र में सक्रिय नीतिगत पहल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि देशभर में एक मजबूत, समन्वित और प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित हो सके।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

