पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर की जेजे कॉलोनी में होली के दिन हुई तरुण की हत्या के बाद से इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल गहरा गया है। हालात ऐसे हैं कि लोग अपने ही घरों में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। घटना के बाद से कॉलोनी की गलियां सुनसान पड़ी हैं और लोगों ने जरूरी कामों के अलावा घर से निकलना कम कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस वारदात ने उनके मन में गहरा डर बैठा दिया है, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। डर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई परिवारों ने अपने घरों के बाहर ‘यह मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगा दिए हैं। कुछ लोग तो अपनी पुश्तैनी जमीन तक छोड़ने को मजबूर हो गए हैं, जबकि किरायेदार भी अब दूसरे इलाकों में शिफ्ट होने की तैयारी कर रहे हैं।

सुरक्षा के बजाय मिल रही धमकी

होली के दिन शुरू हुआ एक मामूली विवाद खूनी झगड़े में बदल गया। जानकारी के मुताबिक, एक बच्ची के गुब्बारे के पानी को लेकर हुए विवाद में तरुण नाम के युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि आरोपियों के परिजन, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, गवाहों को लगातार धमका रहे हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें “एक को मार दिया, अब दूसरे की बारी है” जैसी धमकियां दी जा रही हैं। इन धमकियों से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं।

वहीं, स्थानीय पुलिस पर निष्क्रियता के आरोप लग रहे हैं। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। हालांकि, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मामले में लोगों से पूछताछ जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल

स्थानीय निगम पार्षद साहिब ऐशवाल का दावा है कि पुलिस खुद आरोपियों के रिश्तेदारों को ‘एस्कॉर्ट’ कर उनके घर तक पहुंचा रही है। आरोप के मुताबिक, 13 अप्रैल को बाबू खान और कुछ महिलाओं को पुलिस सुरक्षा में इलाके में लाया गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वहां पहुंचते ही इन लोगों ने परिवार को डराना-धमकाना और प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। तरुण के परिवार के वकील सुमित चौहान ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि धमकियों के स्पष्ट वीडियो सबूत मौजूद होने के बावजूद पुलिस नई एफआईआर दर्ज करने से बच रही है। इससे पीड़ित परिवार में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

पुलिस सुरक्षा व्यवस्था

जानकारी के अनुसार, जिस गली में आरोपियों का घर है, उसके कोने पर दो पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। वहीं, आरोपियों के घर के बाहर भी लगातार दो पुलिसकर्मी ड्यूटी पर मौजूद रहते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की यह तैनाती सुरक्षा के नाम पर पक्षपातपूर्ण तरीके से की जा रही है। उनका कहना है कि जब भी आरोपियों के रिश्तेदार या अन्य लोग वहां रहने के लिए आते हैं, तो पुलिस अधिकारी उन्हें सुरक्षा घेरे में घर तक पहुंचाते हैं। उत्तम नगर की जेजे कॉलोनी में हुए इस हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों के आरोप लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। उनका कहना है कि घटना के बाद इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

पीड़ितों के प्रमुख आरोप इस प्रकार हैं:

सोशल मीडिया पर धमकियों के वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं

आरोपियों के रिश्तेदारों द्वारा जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं

वीडियो साक्ष्य होने के बावजूद नई शिकायतें दर्ज नहीं की जा रहीं

जेजे कॉलोनी में 60-65 साल से रह रहे परिवार अब सुरक्षा के अभाव में घर बेचने को मजबूर हैं

स्थानीय लोगों ने पुलिस पर आरोपियों के घरों की पहरेदारी करने का आरोप लगाया है

इसी बीच, जेजे कॉलोनी में एक घर की दीवार पर लगा पोस्टर भी चर्चा में है, जो इलाके के बढ़ते तनाव और लोगों के डर को साफ दर्शाता है।

 ‘मामले की जांच जारी’

अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि इलाके में पोस्टर चिपकाने की घटना हुई है और इस संबंध में लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि धमकी देने वालों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पुलिस ने यह भी भरोसा दिलाया है कि इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने साफ कहा कि किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है कानून सभी के लिए समान है और हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की जिम्मेदारी है।

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