Lifestyle Desk – बरसात का मौसम आते ही खान-पान में गर्म और हल्की चीजों को शामिल करने का मन करता है। इस मौसम में उमस और बदलते तापमान के कारण कई लोगों को पाचन से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में डाइट में पौष्टिक और फाइबर से भरपूर चीजों को शामिल करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। जौ यानी बार्ली भी ऐसा ही अनाज है, जिसे सूप के रूप में डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। जौ में फाइबर समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इससे तैयार सूप हल्का होने के साथ पेट भरने वाला भी हो सकता है। आइए जानते हैं इसके सेवन के फायदे।

पाचन के लिए हो सकता है फायदेमंद
जौ में डाइटरी फाइबर की अच्छी मात्रा होती है। फाइबर पाचन तंत्र को सामान्य रखने और मल त्याग को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसलिए जौ का सूप संतुलित डाइट का हिस्सा बनाकर खाने से कब्ज जैसी समस्या में राहत पाने में मदद मिल सकती है। अगर आप सूप में गाजर, बीन्स, मटर या अन्य सब्जियां शामिल करते हैं, तो इसकी पौष्टिकता और बढ़ सकती है।
पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद
फाइबर से भरपूर भोजन पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। ऐसे में जौ का सूप अनहेल्दी स्नैकिंग या बार-बार कुछ खाने की आदत को कम करने में सहायक हो सकता है। जो लोग वजन मैनेज करने की कोशिश कर रहे हैं, वे इसे संतुलित डाइट के हिस्से के तौर पर ले सकते हैं। हालांकि, वजन कम करने के लिए पूरी डाइट और शारीरिक गतिविधि पर ध्यान देना जरूरी है।
ब्लड शुगर के लिए भी उपयोगी हो सकता है
जौ में मौजूद घुलनशील फाइबर भोजन के बाद ब्लड शुगर बढ़ने की गति को प्रभावित कर सकता है। इसलिए साबुत जौ से बना भोजन संतुलित आहार का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, डायबिटीज से पीड़ित लोगों को अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर है।
शरीर को मिल सकते हैं जरूरी पोषक तत्व
जौ में फाइबर के अलावा प्रोटीन, विटामिन और कई मिनरल्स भी पाए जाते हैं। जौ के सूप में अलग-अलग सब्जियां और दालें मिलाने से इसमें पोषक तत्वों की विविधता बढ़ाई जा सकती है। बारिश के मौसम में गर्म सूप शरीर को आरामदायक महसूस करा सकता है और हल्के भोजन के विकल्प के रूप में इसे लिया जा सकता है।
कैसे बनाएं हेल्दी जौ का सूप?
इसके लिए जौ को अच्छी तरह साफ करके कुछ समय के लिए भिगो दें। फिर इसे पानी या सब्जियों के स्टॉक में अच्छी तरह पकाएं। इसमें गाजर, बीन्स, लौकी, मटर जैसी सब्जियां डाल सकते हैं। स्वाद के लिए हल्के मसालों का इस्तेमाल करें और नमक की मात्रा सीमित रखें। सूप को बहुत ज्यादा क्रीम, मक्खन या नमक डालकर बनाने से बचें।
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
जौ में ग्लूटेन होता है। इसलिए सीलिएक डिजीज या ग्लूटेन से जुड़ी संवेदनशीलता वाले लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, अगर जौ खाने से आपको गैस, पेट फूलना या किसी तरह की एलर्जी होती है, तो इसे खाने से बचें और विशेषज्ञ की सलाह लें।


