पानीपत में नशा मुक्त अभियान के तहत 176 गांव और 35 वार्ड नशामुक्त हो चुके हैं। प्रशासन ने अब तक 3500 नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा है।
पानीपत। जिले ने मुख्यमंत्री के ‘नशा मुक्त हरियाणा’ के संकल्प को पूरा करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले के कुल 198 गांवों में से 176 गांव और 43 वार्डों में से 35 वार्डों को आधिकारिक तौर पर नशामुक्त घोषित कर दिया गया है। इस उपलब्धि को और अधिक मजबूती देने के उद्देश्य से गीता यूनिवर्सिटी में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ। स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के डीआईजी सुनील कुमार ने युवाओं को संबोधित करते हुए नशे से होने वाले विनाशकारी प्रभावों के प्रति सचेत किया। इस दौरान अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और डीएसपी रैंक के कर्मियों को सम्मानित भी किया गया।
विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत
स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और जिला पुलिस के संयुक्त प्रयासों से 11 से 26 जून तक प्रदेशभर में एक विशेष जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य 15 से 25 वर्ष के युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालना और उन्हें भविष्य के प्रति जागरूक करना है। एसपी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस की टीमें लगातार गांव-गांव और वार्ड-वार्ड जाकर लोगों को इस सामाजिक बुराई के खिलाफ एकजुट कर रही हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि जल्द ही पूरे जिले को पूरी तरह से नशामुक्त बनाया जाए।
तस्करों पर सख्त कानूनी कार्रवाई
साल 2022 में स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की स्थापना के बाद से अब तक करीब 3,500 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 1,850 मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब उन अपराधियों पर पीआईटी एक्ट के तहत कार्रवाई कर रही है, जो बार-बार नशा तस्करी में शामिल पाए जाते हैं। डीआईजी सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार की नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो। समाज को फिर से समृद्ध बनाने के लिए पुलिस के साथ जनभागीदारी अनिवार्य है, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित और नशामुक्त रह सके।

