भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ में जयंती स्टेडियम का शिवमहापुराण की कथा गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हो गया है। यह उपलब्धि आयोजक बोलबम सेवा एवं कल्याण समिति के अध्यक्ष दयासिंह के नाम रही। एक ही जगह पर एक ही महीने यानी सावन के महीने में एक ही कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा सीहोर वाले के द्वारा कथा करने और पांच विशाल अस्थाई पंडाल के नाम पर यह रिकार्ड दर्ज किया गया है।

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गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के एशियन हेड मनीष विश्नोई नई दिल्ली ने इस रिकार्ड सर्टिफिकेट और मेडल बोल बम सेवा समिति के अध्यक्ष दयासिंह को अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के समक्ष का प्रदान किया। लाखों शिवभक्त इसके साक्षी बने ।

एशियन हेड विश्नोई ने कहा कि बगैर कोई सूचना के हमारी टीम पिछले तीन दिनों से रिसर्च कर रही थी। लाखों शिवभक्त अपनी आस्था लेकर ऐसे आते और जाते हैं जो किसी अन्य कथा में नही दिखाई देती । कथावाचक पंमिश्रा और पूर्व सांसद सरोज पांडेय, विधायक बिलासपुर अमर अग्रवाल, महापौर भिलाई नीरज पाल, दुर्ग महापौर अलका बाघमार, पूर्व विधायक गोपाल अग्रवाल, समाजसेवी गोपाल खंडेलवाल ने दया सिंह को ऐतिहासिक रिकार्ड पर बधाई दी।

बस – कार टक्कर विवाद में मारपीट पर 4 आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग। बस का दरवाजा कार से टकराने की बात को लेकर हुए विवाद में चार आरोपियों ने प्रार्थी एवं उसके दोस्त के साथ जान से मारने की धमकी देते हुए मारपीट की। इसके बाद आरोपीगण दो मोबाइल एवं रकम लूट कर फरार हो गए। नगर पुलिस अधीक्षक दुर्ग हर्षित मेहर से की गई शिकायत के बाद पद्मनाभपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के खिलाफ धारा 115 (2), 296, 3 (5), 309 (6), 351 (3) के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है। प्रार्थी ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने पद्मनाभपुर थाना पहुंचकर जानकारी दी थी परंतु पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया था। इसके बाद उसने सीएसपी दुर्ग के पास पहुंचकर शिकायत की थी।

जानकारी के मुताबिक, प्रार्थी सूरज साहू माजदा शोरूम जेवरा सिरसा में मैकेनिक का काम करता है। 17 अगस्त की रात को उसके जीजा अमलेश्वर निवासी मिथलेश साहू का जन्मदिन था। रात में जन्मदिन मना कर प्रार्थी सूरज साहू, रवि साहू, राहुल साहू और राजा कार सीजी 11 ए एन 2387 से अमलेश्वर से बस स्टैंड दुर्ग 18 अगस्त की सुबह पहुंचे थे, और कार में बैठे हुए थे। तभी अरबानिया बस सीजी 07 सी वाई 9600 कार की बगल में आकर रुकी और उसमें बैठा एक युवक दरवाजा जोर से खोलकर बस से उतरने लगा। इस पर दरवाजा कार से जा टकराया।

तब रवि ने कहा कि देख कर दरवाजा खोलो कार में लगा है। इस पर बस से उतर रहे आरोपी महेश ने अपने दोस्तों पूरन, कोमल, योगेश्वर को बुला लिया। सभी लोग बस से नीचे उतरे और रवि के साथ मारपीट करने लगे। जब रवि का बीच-बचाव किया गया तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए सभी के साथ मारपीट की।

आरोपी पूरन अपने पास रखे कटर को दिखाकर जान से मारने की धमकी देने लगा। इसके बाद आरोपियों ने प्रार्थी का सैमसंग का मोबाइल तथा रवि का आईक्यू कंपनी का मोबाइल लूट लिए। इसके बाद आरोपी कार के सामने एवं पीछे का ग्लास एवं साइड की एक खिड़की के कांच को तोड़ दिया और कार के डेस बोर्ड में रखा 5000 रुपए जबरन लेकर सभी आरोपी बस में बैठे और वहां से फरार हो गए।

इस मारपीट में रवि साहू के हाथ पैर सिर, राजा उर्फ राजकुमार के नाक सिर में चोटें आई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों कोमल निषाद पिता जगदीश निषाद (32 वर्ष) निवासी कुंदरा पारा, पुरन निषाद पिता पुनीत राम (19 वर्ष) निवासी कुंदरा पारा एवं दो नाबालिग को गिरफ्तार कर पूछताछ में लिया है।

डिजिटल ई-रिक्शा पंजीयन एवं क्यूआर कोड पहचान प्रणाली का शुभारंभ

दुर्ग। पुलिस द्वारा शहर में संचालित ई- रिक्शाओं के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी संचालन के उद्देश्य से जनहित आर. फाउंडेशन के सहयोग से डिजिटल ई-रिक्शा पंजीयन एवं क्यूआर कोड आधारित पहचान प्रणाली का सफल संचालन किया गया।

इस पहल के तहत जनहित आर. फाउंडेशन द्वारा विकसित विशेष डिजिटल ऐप के माध्यम से ई- रिक्शा चालकों का ऑनलाइन पंजीयन कर प्रत्येक वाहन को यूनिक क्यूआर कोड प्रदान किया गया। इससे वाहन एवं चालक की पहचान सरल होगी तथा नागरिक सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

यह पहल छत्तीसगढ़ में ई-रिक्शाओं के व्यापक डिजिटल पंजीयन की दिशा में एक अभिनव एवं अनुकरणीय कदम है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से नागरिकों को सरक्षित एवं बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिकता है।

इस परियोजना की मूल अवधारणा एवं विचार उमा शंकर व्यास द्वारा जनहित फाउंडेशन को प्रदान किया गया, जिनकी दूरदर्शी सोच से प्रेरित होकर फाउंडेशन द्वारा इस मॉडल को छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम में ट्रैफिक एडिशनल एसपी कुशेन्द्र देव पटेल, जनहित आर. फाउंडेशन के अध्यक्ष ऋषभ सोनी सहित पुलिस अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे डिजिटल इंडिया, स्मार्ट सिटी एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था की दिशा में 4 महत्वपूर्ण कदम बताया।

सेक्टर 06 में अवैध निर्माण के चलते 100 परिवारों के शौचालय जाम

भिलाईनगर। सेक्टर 06 के क्रॉस स्ट्रीट 11 से 09 तक के बोरिया क्वार्टर में सीवरेज लाइन पूरी तरह चोक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भूमाफिया के सीवरेज लाइन के ऊपर अवैध निर्माण के चलते इसकी सफाई नहीं हो पा रही है। इससे 100 से ज्यादा परिवारों के शौचालय जाम हैं।

प्रभावित लोगों का कहना है कि बड़ी संख्या में शौचालयों के जाम होने से मल मूत्र घरों में बैक फ्लो हो रहा है। इससे संक्रामक रोग के फैलने का खतरा उत्पन्न हो गया है। बारिश का मौसम है ऐसे में खतरा ज्यादा बढ़ गया है।

इस संबंध में कुछ कब्जाधारियों को बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग की ओर से संयंत्र की भूमि से अवैध कब्जा खाली करने का नोटिस दिया गया था। लेकिन नोटिस देने के बाद नगर सेवाएं विभाग ने अवैध कब्जों को हटाने या तोड़ने की कार्रवाई नहीं की। इस संबंध में 24 नवंबर 2025 को भी स्थानीय लोगों ने ज्ञापन दिया था।

इसके बाद जीएम इंचार्ज नगर सेवाएं विभाग एबी श्रीनिवास को भी पत्र देकर उचित कार्रवाई का अनुरोध किया गया लेकिन अब तक मामला ठंडे बस्ते है। इससे अवैध कब्जेधारियों के हौसले बुलंद हैं और रहवासी बेहद परेशान हैं। लोगों का कहना है कि यहां बारिश के चलते कभी भी संक्रामक रोग फैल सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर सेवाएं विभाग की होगी।

कृषि भूमि को फर्जी तरीके से बेचने पर दो आरोपी गिरफ्तार

भिलाईनगर। कृषि भूमि को फर्जी तरीके से विक्रय कराने के प्रकरण में लंबे समय से फरार 02 आरोपियों को पाटन पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि थाना पाटन में धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी, 34 भादवि के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। प्रकरण में ग्राम कुम्हली स्थित संयुक्त नाम की कृषि भूमि के विक्रय के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी।

विवेचना के अनुसार आरोपी ईश्वर दास ने षड्यंत्रपूर्वक अपने सगे भाई संजय कुमार के स्थान पर अन्य व्यक्ति को संजय कुमार के रूप में प्रस्तुत कर उक्त कृषि भूमि का विक्रय आरोपी दिलीप बंजारे के पक्ष में कराया गया। उक्त विक्रय पत्र में आरोपी कन्हैया बंजारे को गवाह बनाया गया था।

मामले में आरोपी ईश्वर दास को पूर्व में 7 जून को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है, जबकि आरोपी दिलीप बंजारे एवं कन्हैया बंजारे घटना के बाद से फरार चल रहे थे। फरार आरोपियों की लगातार तलाश एवं संभावित ठिकानों पर निगरानी के दौरान पुलिस टीम ने द्वारा दोनों आरोपी दिलीप बंजारे (51 वर्ष) निवासी ग्राम सिरसाकला थाना पुरानी भिलाई व कन्हैया बंजारे, (52 वर्ष) निवासी सत्यम चौक, भिलाई -03 को गिरफ्तार किया है।

भिलाई निगम के 600 से ज्यादा वाहनों में लगेगा जीपीएस सिस्टम

भिलाईनगर। भिलाई नगर निगम अब अपने वाहनों की जीपीएस सिस्टम के माध्यम से निगरानी करेगा। डीजल की खपत में लगातार वृद्धि को देखते हुए निगम प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। इसके लिए मुख्य अभियंता द्वारा नियम और शर्तें बनाई जा रही हैं। साथ ही अन्य नगर निगमों में चल रही जीपीएस व्यवस्था का भी परीक्षण-निरीक्षण किया जा रहा है।

निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था के लिए सबसे अधिक वाहन संचालित होते हैं। इसके अलावा लोडिंग-अनलोडिंग डाला, ट्रैक्टर, जेसीबी, स्वीपिंग मशीन सहित लगभग 600 से ज्यादा वाहन शहर में रोजाना चलते हैं। अब इन सभी वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा।

ड्राइवर और रूट दोनों पर रहेगी नजर : निगम अधिकारियों के अनुसार जीपीएस लगने के बाद प्रत्येक वाहन की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए अलग से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। कौन सी गाड़ी कौन सा ड्राइवर चला रहा है, इस पर भी नजर रखी जाएगी। हर ड्राइवर का मोबाइल नंबर मॉनिटरिंग कक्ष में दर्ज रहेगा।

नगर निगम भिलाई में वार्ड आरक्षण की तैयारी शुरू, 5 सदस्यीय समिति गठित

भिलाईनगर। कार्यालय नगर पालिक निगम, भिलाई ने छ.ग. नगर पालिका अधिनियम 1994 के तहत वार्डों के आरक्षण की कार्यवाही शुरू कर दी है। इसके लिए आयुक्त सुरुचि सिंह ने 5 सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। वार्डों का आरक्षण किया जाना है। इसके लिए कलेक्टर को विहित प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।

कलेक्टर ने प्रारंभिक समीक्षा बैठक में सभी निकायों से वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर वार्डवार कुल जनसंख्या, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या की जानकारी मांगी है। समिति में कौन-कौन शामिल आरक्षण संबंधी तथ्यात्मक जानकारी तैयार कर समय-सीमा में प्रस्तुत करने के लिए समिति बनाई गई है।

जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी, जिला दुर्ग, दिनेश कुमार नगर निगम कोसरिया, उपायुक्त, भिलाई, जे.पी. तिवारी, राजस्व अधिकारी, दशरथ ध्रुव, अधीक्षक (राजस्व) व सुरेश देवांगन, जनगणना लिपिक, नगर निगम भिलाई शामिल हैं। क्या होगा आगे समिति को वार्डों के परिसीमन और 2011 की जनगणना ब्लॉक के आधार पर डाटा तैयार कर 3 दिवस के भीतर प्रस्तुत करना होगा। इसी डाटा के आधार पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए वार्डों का आरक्षण तय किया जाएगा।

दुर्ग निगम का सावन मेला 21 अगस्त से

दुर्ग। दुर्ग निगम द्वारा 21 अगस्त से रिमझिम सावन – 2026 का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में महिलाओं के लिए विभिन्न मनोरंजक, खेलकूद, सांस्कृतिक एवं आकर्षक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि समाज सेविका कौशल्या देवी साय तथा अति विशिष्ट अतिथि पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भाजपा डॉ. सरोज पाण्डेय की उपस्थिति में होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर अलका बाघमार करेंगी।

महापौर अलका बाघमार के मार्गदर्शन में आयोजित तैयारियों की बैठक में सांस्कृतिक विभाग प्रभारी श्रीमती हर्षिका संभव जैन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग प्रभारी शशि साहू ने महिला पार्षदों तथा अधिकारी-कर्मचारियों के साथ कार्यक्रम की कार्ययोजना तैयार की। आयोजन में महिलाओं के लिए कुर्सी दौड़, मटकी फोड़, आलू दौड़, कंचा-चम्मच दौड़, बिंदी लगाओ प्रतियोगिता सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

प्रतियोगिताओं में भाग लेने की इच्छुक प्रतिभागी सुबह 9 बजे से 10.30 बजे तक अपना पंजीयन करा सकेंगी। वहीं ‘सावन क्वीन 2026’ फैशन शो आयोजन प्रतिभागियों को भारतीय वेशभूषा एवं का विशेष आकर्षण रहेगा, जिसमें 4 पारंपरिक परिधान में शामिल होना होगा।

खेल सामग्री खरीदी की होगी जांच, पांच साल के खर्च का मांगा हिसाब

राजनांदगांव। जिले के खेल विभाग में खिलाड़ियों के लिए की गई खेल सामग्री की खरीदी और प्रशिक्षण के नाम पर किए गए खर्च को लेकर शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। कलेक्टर ने शिकायत की जांच के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में खेल अधिकारी को अब तक की गई खरीदी और खिलाड़ियों को वितरित की गई खेल सामग्री का पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराने कहा गया है।

बताया गया है कि कलेक्टर की बैठक में खेल विभाग के अधिकारियों से खरीदी से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इसमें पिछले वर्षों में खिलाड़ियों के लिए खरीदी गई खेल सामग्री की संख्या, सामग्री का प्रकार, खरीदी की तारीख, भुगतान की राशि तथा संबंधित फर्मों की जानकारी शामिल है। इसके अलावा किन-किन खिलाड़ियों या खेल संस्थाओं को सामग्री वितरित की गई, इसकी सूची भी मांगी गई है।

जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि खेल विभाग द्वारा जिन सामग्रियों की खरीदी की गई, उनका वास्तविक उपयोग और वितरण हुआ है या नहीं। खिलाड़ियों को वितरित गई सामग्री की सूची के साथ वितरण का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए की गए हैं। इससे खरीदी की गई सामग्री और उसके वितरण के बीच किसी तरह का अंतर है या नहीं, इसकी भी जांच हो सकेगी।

पांच साल के प्रशिक्षण खर्च का भी हिसाब बैठक में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के नाम पर पिछले पांच वर्षों में खर्च की गई राशि का भी पूरा विवरण मांगा गया है। इसमें वर्षवार कितनी राशि स्वीकृत हुई, कितनी राशि खर्च की गई, किन खेलों के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया गया और प्रशिक्षण के लिए किन संस्थाओं, प्रशिक्षकों अथवा एजेंसियों को भुगतान किया गया, गया है। इसका दस्तावेजी ब्यौरा प्रस्तुत करने कहा दस्तावेजों से सामने आएगी वास्तविक स्थिति खेल विभाग से खरीदी और प्रशिक्षण से जुड़े बिल भुगतान संबंधी दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर तथा अन्य संबंधित रिकॉर्ड लिए जाने की संभावना है।

जांच में इन दस्तावेजों का मिलान वास्तविक सामग्री और खिलाड़ियों को किए गए वितरण से किया जाएगा। यदि दस्तावेजों और मौके की स्थिति में अंतर पाया जाता है तो जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई भी हो सकती है। शिकायत के बाद विभाग में बढ़ी हलचल खेल सामग्री की खरीदी और खिलाड़ियों प्रशिक्षण पर खर्च होने वाली राशि सीधे खेल प्रतिभाओं से जुड़ी है। ऐसे में खरीदी में पारदर्शिता और सामग्री का वास्तविक खिलाड़ियों तक पहुंचना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कलेक्टर द्वारा जांच के निर्देश दिए जाने के बाद अब खेल विभाग को पिछले पांच वर्षों के खर्च और खरीदी से जुड़े रिकॉर्ड व्यवस्थित कर प्रस्तुत करने होंगे। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी वास्तविकता है और कहीं वित्तीय अथवा प्रक्रियागत अनियमितता हुई है या नहीं। ऐसा कोई लेटर नहीं मिला है-एक्का खेल एवं युवक कल्याण विभाग के प्रमुख श्री एक्का है कि ऐसा कोई लेटर जिला प्रशासन की तरफ से नहीं मिला है।

12 लाख देकर 43 लाख के सौदे की जमीन की रजिस्ट्री

राजनांदगांव। 12 लाख रुपए देकर 43 लाख रुपए के सौदे की जमीन की रजिस्ट्री कर लेने का मामला सामने आया है। शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है । घटना की जांच की जा रही है।

छुरिया पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता प्रवीर मोहन सिंह ने इंदिरा नगर राजनांदगांव निवासी मोहम्मद परवेज गोरी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि 1.15 एकड़ जमीन का 43 लाख रुपए में सौदा करने के बाद खरीदार ने कथित तौर पर महज 12 लाख रुपए का भुगतान किया और 0.35-0.35 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री कराने की बात कहकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए। बाद में जब पटवारी रिकॉर्ड की जांच हुई तो पता चला कि खसरा नंबर 599/5 की पूरी 1.295 हेक्टेयर भूमि ही खरीदार के नाम दर्ज हो चुकी है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उक्त भूमि उसकी माता बिमला देवी राजपूत, भाई नवीन मोहन सिंह, बहन पूर्वा परिहार सहित अन्य के नाम शामिलात में दर्ज थी। 19 मई 2026 को 1.15 एकड़ जमीन का सौदा 43 लाख रुपए में हुआ था। सौदे के दौरान पांच लाख रुपए दो चेक के माध्यम से बतौर बयाना दिए गए थे, और छह माह के भीतर शेष 38 लाख रुपए का भुगतान कर रजिस्ट्री कराने की बात तय हुई थी।

शिकायत के मुताबिक, 27 जुलाई को सभी को पंजीयन कार्यालय बुलाया गया। वहां 0.35 एकड़ भूमि की रजिस्ट्री कराने की बात कहकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए गए। इसके बाद 29 जुलाई को पंजीयन कराया गया। इसी तरह 30 जुलाई को फिर 0.35 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री की बात कही गई और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए, जिसका पंजीयन 3 अगस्त को कराया गया। मामले का खुलासा 6 अगस्त को हुआ, जब खेत में अधिया पर खेती करने वाले मुकुंद सिंह ने शिकायतकर्ता को बताया कि पटवारी रिकॉर्ड में पूरी जमीन खरीदार के नाम दर्ज हो गई है। इसके बाद शिकायतकर्ता ने खरीदार से संपर्क किया।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि मोहम्मद परवेज गोरी ने पूरी जमीन की रजिस्ट्री होने की बात स्वीकार करते हुए इसे अर्जीनवीस की गलती बताया और वापसी बयनामा कराने का आश्वासन दिया। 11 अगस्त को भी कथित तौर पर दुर्ग पहुंचकर पुलिस कार्रवाई नहीं करने और जल्द जमीन वापस करने की बात कही गई। लेकिन अगले ही दिन ग्रामीणों से शिकायतकर्ता को जानकारी मिली कि आरोपित जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेचने की तैयारी में है और लोगों को भूमि दिखाई जा रही है।

शिकायत में आरोप यह भी है कि 43 लाख रुपए में सौदा होने के बावजूद अब तक केवल 12 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। इसके बावजूद पूरी 1.295 हेक्टेयर भूमि की रजिस्ट्री करा ली गई। शिकायतकर्ता ने पुलिस से पंजीयन दस्तावेजों, भुगतान के रिकॉर्ड और पूरी रजिस्ट्री प्रक्रिया की जांच कराने तथा धोखाधड़ी के आरोप में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस जांच के बाद ही दस्तावेजों में हुई वास्तविक प्रक्रिया और लगाए गए आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।

रक्षाबंधन के लिए सजा राखियों का बाजार

राजनांदगांव। 28 अगस्त को धूमधाम से राखी पर्व मनाई जाएगी। उसके पहले भाईयों को समय पर राखी पोस्ट करने के लिए बहने बाजार पहुंच रही है। बाजार में रंग बिरंगी राखियां लोगों को आकर्षित कर रही है। इस बार बाजार में बच्चों के लिए म्यूजिकल राखी और अमेरिकन डायमंड ब्रेसलेट और कार्टून वाली राखी खास बनी हुई है। राखी बाजार में दिनभर ग्राहकी दिखने लगी है।

शहर के चौक, गुड़ाखू लाइन, मानव मंदिर भारतमाता चौक, सदर बाजार में सड़क किनारे दुकाने लग चुकी है। इसके आलावा शहर के कमला कालेज रोड़, नंदई चौक में भी दुकाने लगी है। जहां रंग बिरंगी राखी खरीदने का सिलसिला शुरू हो गया है | इस रक्षाबंधन पर इविल आइज राखियां, अमेरिकन डायमंड एडी ब्रेसलेट, स्टोन वर्क, बच्चों के लिए म्यूजिकल व कार्टून लाइट्स वाली राखियां, और स्टाइलिश भैया-भाभी (लुम्बा) सेट आए हैं। जिसे खासतौर पर पसंद किया जा रहा है। इसके साथ ही म्यूजिकल राखी से बच्चे प्रभावित हो रहे है। वहीं मोटू पतलु, छोटा भीम जैसी राखियां भी बाजार में उपलब्ध है।

व्यापारियों ने बताया कि इस बार ग्राहकी अच्छी दिखने लगी है, उनका कहना है कि आने वाले दिनों में भीड़ और बढ़गी जब लोकल स्तर पर खरीदी शुरू होगी। अभी बहने दूर में रहने वाले भाईयों के लिए राखी की खरीदी में जूटे हुए है। गुड़ाखू लाइन स्थित देवांगन राखी दुकान के संचालक गुड्डा सोनी ने बताया कि, इस बार राखी के दाम में करीब पन्द्रह फीसदी की रेट बढ़ गई है। इसमें जीएसटी लगे होने के कारण थोक रेट पहले से ज्यादा बढ़ गए है।

बाजार में साधारण और अच्छी राखियां प्रति पीस पांच रूपए तथा फैंसी व डिजाइनर राखियां 10 से 200 और एक हजार रूपए तक भी उपलब्ध है। युवाओं के बीच कलाई पर पहनने योग्य मेटल और अमेरिकन डायमंड ब्रेसलेट और किड्स म्यूजिकल राखी जो बच्चों के लिए लाइट और साउंड वाले कार्टून कैरेक्टर डिजाइन की राखियां भी बाजार में मिल रही है।

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