भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल ने भिलाई इस्पात संयंत्र को निर्देशित किया है कि भिलाई टाउनशिप प्रशासित क्षेत्र में आवासीय एवं व्यावसायिक भवनों पर सर्वप्रथम स्मार्ट मीटर की व्यवस्था पूरी करें। इसके बाद विद्युत व्यवस्था स्थानांतरित किए जाने पर विचार होगा। इस प्रक्रिया को पूरी करने के लिए आनंन-फानन में भिलाई इस्पात संयंत्र छत्तीसगढ़ राज्य शासन को सप्लाई करने वाले ठेकेदारी फर्म को भिलाई टाउनशिप क्षेत्र के लिए मीटर सप्लाई करने ठेका दे रही है।
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उल्लेखनीय है कि राज्य शासन ने महंगी दरों पर स्मार्ट मीटर की खरीदी की थी और इसी आधार पर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के उक्त ठेकेदार को भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा बगैर टेंडर नोटिफिकेशन के ठेका दिया जाना जनहित में उचित प्रतीत नहीं होता।

इसकी शिकायत भिलाई स्टील सिटी चेंबर ऑफ कॉमर्स भिलाई के द्वारा विद्युत नियामक आयोग के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है, और देश और राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से स्मार्ट मीटर को लेकर आ रहे परेशानियों को ध्यान में रखते हुए भिलाई टाउनशिप क्षेत्र में मीटर की व्यवस्था करने के पूर्व स्मार्ट मीटर की हर स्थिति की जांच की जानी चाहिए।
देश और राज्य के विभिन्न भागों में जब स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के मध्य विरोधाभास है ऐसी स्थिति में भिलाई इस्पात प्रबंधन को सजग होने की आवश्यकता है। उपरोक्त विषय पर चैंबर ने आयोग का ध्यान आकर्षित कराया है। इसके साथ ही यह भी कहा है भिलाई इस्पात संयंत्र भिलाई के आम उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर इंस्टालेशन चार्ज और मीटर का पैसा तो कहीं वसूल नहीं करेगा, इस विषय को भी आयोग को आपत्ति में दर्ज करने का निवेदन किया है ।
भिलाई निगम के 2047 अनाधिकृत विकास प्रकरणों की फाइलें वापस
भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितीकरण संशोधन अधिनियम 2022 व 2024 के तहत भिलाई नगर पालिक निगम द्वारा भेजे गए 2047 प्रकरणों को जिला नियमितीकरण समिति ने वापस कर दिया है। संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश दुर्ग ने आयुक्त नगर पालिक निगम भिलाई को पत्र लिखकर प्रकरणों का पुनः परीक्षण कर स्पष्ट अनुशंसा, हस्ताक्षर सहित भेजने को कहा है।
भिलाई नगर निगम के भवन अनुज्ञा विभाग 2047 नियमित किए जाने के लिए भेजी गई फाइल में से 884 गैर आवासीय एवं 2057 फाइल आवासीय के हैं। इन फाइल का निराकरण किया गया है और 874 फाइल का निराकरण भिलाई नगर निगम के भवन अनुज्ञा विभाग द्वारा किया जा रहा है।
क्या है मामला- जिला नियमितिकरण समिति दुर्ग की बैठक 18 मई को कलेक्टर, अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई थी। बैठक में नगर पालिक निगम भिलाई के 2047 प्रकरण निर्णय के लिए प्रस्तुत किए गए थे। समिति ने अवलोकन के बाद निर्देश दिया कि इन प्रकरणों को छ.ग. अनधिकृत विकास का नियमितिकरण अधिनियम 2022 व 2024 तथा आवास एवं पर्यावरण विभाग के आदेश के दिशा-निर्देशों के अनुसार पुनः परीक्षण किया जाए।
आगे की प्रक्रिया अब नगर निगम भिलाई को इन सभी प्रकरणों की फिर से जांच कर, नियमों के अनुसार स्पष्ट अनुशंसा और हस्ताक्षर के साथ फाइलें जिला कार्यालय को पुनः प्रेषित करनी होंगी। इसके बाद ही नियमितीकरण की आगे की कारवाई हो सकेगी। क्या कहा गया पत्र में
संयुक्त संचालक एवं जिला नियमितिकरण अधिकारी द्वारा 20 मई को जारी पत्र में कहा है कि सभी 2047 प्रकरणों को मूल नस्ती सूची सहित स्पष्ट अनुशंसा के साथ अग्रिम कार्वाही के लिए नगर पालिक निगम भिलाई को वापस भेजा जा रहा है। पत्र के साथ छ.ग. शासन के नियम / आदेश की प्रति एवं नियमितिकरण प्रकरणों की सूची भी संलग्न है।
सीएसवीटीयू ने शुरू किए 10 जॉब ओरिएंटेड, सर्टिफिकेट कोर्स, 25 तक आवेदन
भिलाईनगर। तकनीकी शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने युवाओं के लिए सुनहरा अवसर उपलब्ध कराया है। तकनीकी विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट एंड इंफॉर्मल एजुकेशन द्वारा गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक स्थित एक्सटेंशन सेंटर में 10 अल्पकालीन जॉब- ओरिएंटेड सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। इन कोर्सों के लिए ऑनलाइन आवेदन 25 जुलाई तक किए जा सकते हैं।
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक कौशल (स्किल) भी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बन चुके हैं। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए सीएसवीटीयू ने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं, जो छात्रों, युवाओं और नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को उद्योगों की वर्तमान मांग के अनुरूप तैयार करेंगे। इन सभी कोर्सों की अवधि 30 दिन (प्रतिदिन 2 घंटे) रखी गई है तथा प्रत्येक कोर्स का पंजीयन शुल्क 3000 रुपए निर्धारित है।
इन 10 क्षेत्रों में मिलेगा प्रशिक्षण – प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आटोकेड 2डी, ज्वेलरी डिजाइनिंग, फ्रंट एंड वेब डेवलपमेंट, मेटालेब प्रोग्रामिंग के बेसिक, मेडिकल सेल्स रिप्रेजेंटेटिव ट्रेनिंग, भाषा में प्रोग्रामिंग, कोर जावा के बेसिक, प्रोग्रामिंग, ऑटोडेस्क का रेविट और जीएसटी (जीएसटी) के साथ टैली जैसे रोजगारपरक विषय शामिल हैं।
इन अभ्यर्थियों को मिलेगा अवसर – विश्वविद्यालय के अनुसार हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी, आईटीआई, डिप्लोमा, स्नातक एवं स्नातकोत्तर किसी भी विषय के विद्यार्थी एवं अभ्यर्थी इन कोर्सों के लिए आवेदन कर सकते हैं। सफल प्रशिक्षण के बाद परीक्षा आयोजित होगी तथा उत्तीर्ण प्रतिभागियों को ग्रेड सहित प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। वहीं किसी भी कोर्स का संचालन तभी होगा, जब उसमें न्यूनतम 13 अभ्यर्थी प्रवेश लेंगे।
सीएसवीटीयू ने फार्मेसी कॉलेजों में व्याख्याताओं की नियुक्ति को दी मंजूरी
भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने फार्मेसी कॉलेजों में चयनित व्याख्याताओं की नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान कर दी है। तकनीकी विश्वविद्यालय ने यह अनुमोदन विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत गठित चयन समिति की अनुशंसा के आधार पर दिया है।
नियुक्ति तभी प्रभावी मानी जाएगी जब संबंधित अभ्यर्थी संस्थान में कार्यभार ग्रहण करेंगे। ज्वाइनिंग के बाद उसकी प्रति तकनीकी विश्वविद्यालय को भेजनी होगी जिसके बाद ही संबंधित शिक्षकों के नाम सीएसवीटीयू की वरिष्ठता सूची में शामिल किए जाएंगे। तकनीकी विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या दस्तावेजों में गलत जानकारी सामने आती है, तो अनुमोदन पत्र निरस्त किया जा सकता है।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि संस्थान द्वारा जारी पत्र की तिथि से 15 दिनों के भीतर चयनित अभ्यर्थियों को कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जाता, तो संबंधित अभ्यर्थी इस संबंध में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक अनुभाग को ई-मेल के माध्यम से अपनी शिकायत या जानकारी भेज सकते हैं।
बहुचर्चित मनरेगा प्लांटेशन मामले में जांच तीन महीने बाद भी अधूरी
जामगांव आर। पाटन ब्लॉक के बहुचर्चित मनरेगा प्लांटेशन मामले का खुलासा हुए लगभग तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से अब तक किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। करोड़ों रुपये की लागत से किए गए पौधारोपण में अनियमितताओं, सूखे पौधों, गायब ट्री गार्ड और भुगतान प्रक्रिया पर उठे सवाल आज भी अनुत्तरित हैं। प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति, दुर्ग की बैठक में सांसद विजय बघेल ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद जिला पंचायत दुर्ग को जांच सौंपी गई और डिप्टी कलेक्टर उत्तम ध्रुव को जांच अधिकारी बनाए जाने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, अब तक जांच रिपोर्ट या कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक नहीं हो सकी है। उद्यानिकी विभाग के उपसंचालक लावतारे के मुताबिक विभाग इसमें केवल टेक्नीकल एजेंसी थी सारा काम जिला पंचायत की देखरेख में हुआ था ।
2.38 करोड़ की योजना, लेकिन जमीन पर सवाल
गौरतलब हैं कि वर्ष 2024-25 में पाटन ब्लॉक के बेल्हारी, टेमरी, धमना, सोनपुर, तरीघाट, केसरा और सिकोला आदि गांवों में मनरेगा के तहत लगभग 2 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से पौधारोपण कार्य स्वीकृत किया गया था। उद्यानिकी विभाग और बिहान सीएलएफ के माध्यम से पौधे लगाने, ट्री गार्ड लगाने और मजदूरी भुगतान का दावा किया गया, लेकिन स्थानीय स्तर पर अधिकांश पौधों के सूख जाने और व्यवस्थाओं में कमी के आरोप लगाए गए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद 90 से 95 प्रतिशत पौधे नष्ट हो गए हैं।
चावल की हेराफेरी पर राशन दुकान संचालक गिरफ्तार
भिलाईनगर। सेक्टर 7 स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में 1007.51 क्विंटल चावल की हेराफेरी का मामला सामने आया है। खाद्य विभाग ने अनियमितता की शिकायत पर जब जांच की तो स्टॉक में 1007.51 क्विंटल चावल कम पाया गया। इस मामले में खाद्य विभाग की शिकायत पर भिलाईनगर पुलिस ने संचालक को गिरफ्तार कर लिया है।
ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि 22 जुलाई को कलेक्टर (खाद्य शाखा), जिला दुर्ग के आदेश के परिपालन में खाद्य निरीक्षक ने थाना भिलाई नगर में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया । आवेदन के आधार पर शासकीय उचित मूल्य दुकान, सेक्टर- 07 मार्केट, भिलाई ( दुकान आईडी-431004118) के अध्यक्ष धनंजय सिंह राजपूत एवं विक्रेता नमिता सिन्हा के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई हेतु प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई। प्राप्त शिकायत के आधार पर गठित जांच समिति ने गुरुवार को संबंधित उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण किया।
दुकान के अभिलेखों, उपलब्ध स्टॉक एवं ऑनलाइन प्रदर्शित खाद्यान्न की मात्रा का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में वितरण पंजी, चावल उत्सव पंजी, बैठक पंजी एवं बारदाना पंजी उपलब्ध पाए गए, जबकि स्टॉक पंजी उपलब्ध नहीं था। अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि स्टॉक पंजी विक्रेता के पास है। भौतिक सत्यापन एवं ऑनलाइन रिकॉर्ड के मिलान में 1007.51 क्विंटल अरवा चावल की कमी पाई गई।
जांच के समय दुकान में केवल 26.50 क्विंटल चावल उपलब्ध था, जबकि ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार 1034.01 क्विंटल चावल उपलब्ध होना चाहिए था। वहीं अध्यक्ष ने संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं किया। खाद्य विभाग की शिकायत पर थाना भिलाई नगर ने मामले में धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की। विवेचना के दौरान दस्तावेजों के परीक्षण, साक्ष्य संकलन एवं अन्य आवश्यक कार्रवाई उपरांत आरोपी संचालक / अध्यक्ष धनंजय सिंह राजपूत (63 वर्ष) निवासी सेक्टर- 07 को गिरफ्तार किया गया।
ऑनलाइन खाद-कीटनाशक सप्लाई के नाम पर साइबर ठगी
खैरागढ़। ऑनलाइन खाद एवं कृषि दवाई उपलब्ध कराने का झांसा देकर 5.40 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले एक आरोपी को खैरागढ़ पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 12 एटीएम कार्ड, दो बैंक पासबुक और वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन जब्त किया गया है। न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार ग्राम चिखलदाह निवासी ऋषभ सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कृषि कार्य के लिए खाद एवं कृषि दवाई खरीदने के उद्देश्य से उसने कुछ मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया। खुद को सप्लायर बताने वाले आरोपियों ने व्हाट्सएप और मोबाइल कॉल के माध्यम से ऑर्डर लिया तथा अलग-अलग किश्तों में कुल 5.40 लाख रुपये अपने बैंक खातों में जमा करा लिए।
भुगतान मिलने के बाद न तो सामान भेजा गया और न ही राशि लौटाई गई। बाद में आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए । शिकायत की जांच में साइबर धोखाधड़ी की पुष्टि होने पर थाना खैरागढ़ में अपराध क्रमांक 151/2026 के तहत धारा 318 (4) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 66डी सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर पुलिस को आरोपी की लोकेशन मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) में मिली। इसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से दबिश देकर अनुरुद्ध कुमार ( 27 ) निवासी नगला लछी थाना किसनी जिला मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया गया है।
उद्यानिकी फसलों का फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई तक
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ शासन कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा उद्यानिकी फसलों में पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ मौसम में फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।
सहायक संचालक उद्यान ने बताया कि उद्यानिकी फसलों की खेती कर रहे किसानों को कम तापमान, अधिक तापमान, कीट- व्याधि के प्रकोप के अनुकूल मौसम, अनियमित वर्षा की स्थिति निर्मित होना, ओला वृष्टि, प्रतिकुल मौसम से होने वाले हानि से बचाने के लिए पुर्नगठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू की गई है।
खरीफ वर्ष 2026 में राजनांदगांव जिले अन्तर्गत बीमा कराने वाले कृषकों को अधिसूचित फसल टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता, अमरूद के अनुसार निर्धारित कुल बीमित राशि का अधिकतम 5 प्रतिशत अथवा वास्तविक प्रीमियम जो कम हो राशि कृषक अंश के रूप में ऋणी एवं अऋणी दोनों प्रकार के कृषकों को जमा करना होगा।
बीमा कराने के लिए अऋणी कृषक फसल लगाने का स्वघोषित प्रमाण पत्र, नक्शा खसरा, आधार कार्ड, आईएफएससी कोड सहित अन्य आवश्यक जानकारी उल्लेखित बैंक पासबुक के प्रथम पृष्ठ की छायाप्रति की आवश्यकता होगी। योजना में शामिल नहीं होने के इच्छुक ऋणी कृषक को भारत सरकार द्वारा जारी चयन प्रपत्रानुसार हस्ताक्षरित घोषणा पत्र बीमा आवेदन की अंतिम तिथि के 7 दिवस पूर्व तक संबंधित वित्तीय संस्थान में अनिवार्य रूप से जमा करना होगा।
अवैध प्लॉटिंग के लिए पहाड़ काटकर बनाए गए रास्तों पर चला बुलडोजर
राजनांदगांव। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण एवं अवैध प्लॉटिंग के विरूद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम झुराडबरी में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पहाड़ काटकर अवैध प्लॉटिंग की नीयत से बनाए गए कच्चे रास्ते को बुलडोजर से ध्वस्त कर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया।
राजस्व विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम झुराडबरी स्थित शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 672, रकबा 32.9723 एकड़ पर स्थित पहाड़ को काटकर अवैध रूप से कच्चा रास्ता तैयार किया गया था। कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्रगौतम पाटिल के नेतृत्व में राजस्व अमले ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की सहायता से अवैध रास्ते को हटाते हुए शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया।
इसी कार्रवाई के दौरान खसरा क्रमांक 563 / 1,563 / 2 एवं 563/3 के सामने शासकीय नाले को पाटकर बनाए गए अवैध रास्ते को भी हटाया गया। जिला प्रशासन ने नाले को उसके मूल स्वरूप में बहाल करते हुए जल निकासी व्यवस्था को पुनः सुचारू किया।
प्रशासन स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि, नाला, पहाड़, चरनोई तथा अन्य प्रकार का अवैध कब्जा, निर्माण अथवा सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किसी भी प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के विरूद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार श्रीमती सुरेखा वर्मा, राजस्व निरीक्षक, पटवारी तथा राजस्व विभाग का अमला उपस्थित थे।
आयुष्मान कार्ड अपडेट के नाम पर ठगी, तीन गिरफ्तार
खैरागढ़। आयुष्मान कार्ड अपडेट कराने के नाम पर ग्रामीणों से धोखाधड़ी कर अवैध वसूली करने वाले तीन आरोपियों को खैरागढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने स्वयं को कलेक्टर कार्यालय का अधिकारी बताकर ग्रामीणों से प्रत्येक व्यक्ति से 50 रुपये वसूले जबकि किसी का भी आयुष्मान कार्ड अपडेट नहीं किया गया है।
खैरागढ़ पुलिस ने बताया कि अपराध धारा 318 (4), 319 (2) एवं 3 ( 5 ) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अंतर्गत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई। विवेचना के दौरान आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त कंप्यूटर सेट एवं मोबाइल फोन जब्त किए गए। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में शम्मी सिंह ठाकुर उर्फ मोनू सिंह ठाकुर ( 35 ) निवासी भिलाई, शुभलायक सिंह ठाकुर (35) निवासी पटेवा जिला राजनांदगांव तथा गोपी निषाद (35) निवासी पुलगांव जिला दुर्ग शामिल हैं। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह लोगों को सरकारी योजनाओं का झांसा देकर ठगी की है या नहीं। खैरागढ़ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी सरकारी योजना के नाम पर धनराशि मांगने वाले या स्वयं को शासकीय अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों पर बिना सत्यापन विश्वास न करें।
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