भिलाईनगर। पुरानी भिलाई थाना अंतर्गत हथखोज के एक यार्ड में पुलिस की दबिश में भिलाई इस्पात संयंत्र से करोड़ों रुपए के लोहे चोरी का बड़ा खुलासा हुआ है। रात में पुलिस ने खुर्सीपार निवासी में संजय सिंह के घर में दबिश दी, लेकिन वह फरार बताया गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इस मामले में पुलिस चार लोगों से पूछताछ कर रही है।
चोरी के लोहा के खेल में अभी भले ही ट्रांसपोर्टर संजय सिंह का नाम आया हो, लेकिन इस चोरी का असली मास्टर माइंड कौन है इसका खुलासा पूरी जांच के बाद ही होगा। पुलिस ने मौके पर एक ट्रक, दो हाइवा, एक जेसीबी व एक क्रेन व सैकडो ‘टन लोहा बरामद किया है।
क्राइम डीएसपी यदुमणि सिदार ने बताया कि मंगलवार की शाम 5 बजे गुप्त सूचना मिली कि पुरानी भिलाई थाना अंतर्गत एके ट्रेडर्स यार्ड में बड़े पैमाने पर बीएसपी से चोरी का लोहा डंप किया जा रहा है। सूचना पर शहर एएसपी सुखनंदन राठौर, छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा, पुरानी भिलाई टीआई अंबर सिंह व पुलिस स्टॉफ ने दबिश दी। जहां पर हाइवा में लोड सैकड़ों की संख्या में बीएसपी से चोरी का लोहा, जेसीबी, केन, ट्रक व हाइवा मिला।

मौके पर मिले ड्राइवरों से पूछताछ में पता चला कि यार्ड चलाने वाला कोई संजय सिंह है। पूरी जांच और पूछताछ के बाद पुलिस की टीम ने देर रात खुर्सीपार स्थित उसके निवास पर दबिश दी, जहां संजय सिंह नहीं मिला। अनुमान लगाया जा रहा है कि संजय को पुलिस के आने की भनक लग गई होगी तो वह फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। वहीं चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। स्पष्ट नहीं हो पाया कि इस चोरी के मामले में और कौन-कौन संलिप्त है।
प्रमाण पत्र प्रकरण में लापरवाही पर सहायक ग्रेड-2 निलंबित
भिलाईनगर। नगर निगम भिलाई में अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के जाति व मूल निवास प्रमाण पत्र जारी करने में लापरवाही बरतने पर सहायक ग्रेड-2 नवीन कुमार साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने आदेश जारी किया।
छत्तीसगढ़ शासन के 11 जनवरी 2018 के परिपत्र के अनुसार ऐसे एससी, एसटी, ओबीसी परिवारों की पहचान करनी थी जिनके पास जाति व मूल निवास के दस्तावेज नहीं हैं। इसके लिए सामान्य सभा ने 16 अगस्त 2023 को प्रस्ताव पारित कर सात सदस्यीय जांच समिति बनाई थी। उपायुक्त नरेन्द्र कुमार बंजारे की अध्यक्षता में बनी समिति ने 15 मई को प्रतिवेदन दिया था।
नोटिस का जवाब असंतोषजनक : महापौर परिषद ने 27 मई की बैठक में करवाई के लिए नस्ती तत्कालीन प्रभारी अधिकारी नवीन कुमार साहू को भेजी थी, लेकिन साहू ने समुचित कार्रवाई नहीं की। 12 मई को कारण बताओ नोटिस दिया गया। 14 मई को साहू ने जवाब दिया कि सलाहकार समिति की 3 बैठकें हुईं पर कोई निर्णय नहीं लिया गया, इसलिए आगे कार्रवाई नहीं हो सकी।
आयुक्त ने माना गंभीर लापरवाही : आयुक्त ने माना कि साहू का जवाब समाधानप्रद नहीं है। सलाहकार समिति से निर्णय न होने पर उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराना था या महापौर परिषद में प्रकरण रखना था। समिति की बैठकों के कायर्वाही विवरण भी कभी प्रस्तुत नहीं किए गए। इसे गंभीर लापरवाही व अनुशासनहीनता मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत निलंबित किया गया। निलंबन अवधि में साहू का मुख्यालय जोन-4 कार्यालय रहेगा। प्रतिदिन जोन-4 कार्यालय में उपस्थिति देने पर जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
ई-रिक्शा चोरी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग। चोरी करने के बाद ई-रिक्शा को बेचने की फिराक में घूम रहे दो आरोपी को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चोरी की ई- रिक्शा बरामद की गई है। आरोपियों ने वर्ष 2024 में उर्स में लेकर दौरान ई-रिक्शा को चोरी किया था। आरोपी चोरी की ई रिक्शा को बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे।
पुलिस ने बताया कि प्रार्थी प्रताप गोस्वामी निवासी बॉम्बे आवास उरला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 1 जून 2024 की रात को वह अपने परिवार के साथ ई रिक्शा सीजी 07 सी क्यू 8647 से पुराना बस स्टैंड दुर्ग स्थित उर्स मेले में आया हुआ था। ई-रिक्शा को कचहरी गेट के पास खड़ी करने के बाद लॉक कर परिवार सहित उसे देखने चला गया था।
थोड़ी देर बाद जब वापस आया तो ई रिक्शा गायब थी। आसपास पता तलाश करने के बाद प्रार्थी ने शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति लाल रंग की ई रिक्शा को बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी करते हुए दो संदिग्धों को पकड़ा।
आरोपियों ने अपना नाम चाणक्य कुमार निवासी ग्राम बोरी नगपुरा तथा गोविंद यादव निवासी कोसा नगर मार्केट सुपेला बताया। पूछताछ में आरोपियों ने उर्स मेले से ई रिक्शा चोरी करना स्वीकार किया। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
फेक मैरिज कार्यक्रम पर भड़के ग्रामीण, पुलिस ने संचालक को किया गिरफ्तार
दुर्ग। जेवरा सिरसा चौकी अंतर्गत कोशी एयरो क्लब एंड रिसॉर्ट में प्रस्तावित फेक मैरिज थीम कार्यक्रम को लेकर हुए विवाद के बाद पने कार्रवाई करते हुए संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। कार्यक्रम के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों और हिंदू युवा मंच के कार्यकर्ताओं ने जमकर नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि इस तरह के आयोजन हिंदू रीति-रिवाजों और विवाह जैसे पवित्र संस्कार का मजाक उड़ाते हैं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
पुलिस ने बताया कि यह कार्यक्रम 30 मई को विवाहित जोड़ों के लिए आयोजित किया जाना था। हिंदू युवा मंच ने पुलिस को ज्ञापन सौंपकर कार्यक्रम पर रोक लगाने और आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मामले की गंभीरता और संभावित तनाव को देखते हुए पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए रिसॉर्ट मैनेजर ब्रह्मदत्त पांडे को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
राजस्थान के अंतर्राज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़
भिलाईनगर। दुर्ग पुलिस ने फर्जी वाट्सएप डीपी लगाकर 20 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी करने वाले राजस्थान के अंतर्राज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का खुलासा कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह रायपुर में गुप्त ठिकाने बदल-बदलकर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 20 हजार रु. नगद सहित मोबाइल, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिमकार्ड एवं बैंक दस्तावेज जब्त किया है।
शहर एएसपी सुखनंदन राठौर ने पत्रवार्ता में बताया कि प्रकरण में प्रार्थी यश बत्रा निवासी सुंदर नगर ने थाना सुपेला में आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि उनकी कंपनी सांईराम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते से अज्ञात व्यक्तियों ने कंपनी डायरेक्टर श्रीचंद बत्रा की फोटो लगाकर फर्जी वाट्सएप प्रोफाइल तैयार किया तथा विश्वास में लेकर एचडीएफसी बैंक खाते में 20 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिये गये।
कंपनी के तीनों डायरेक्टरों के बीच राशि लेनदेन के लिए एक वाट्सएप ग्रुप संचालित था। इसमें विभिन्न ब्रांचों की आवश्यकता अनुसार रकम भेजने के लिए संदेश डाला जाता था तथा किसी भी डायरेक्टर की स्वीकृति मिलने पर एकाउंटेंट द्वारा राशि ट्रांसफर की जाती थी। आरोपियों ने इसी प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए फर्जी वाट्सएप डीपी एवं मैसेज के माध्यम से ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
मामले में थाना सुपेला एवं एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित कर तत्काल तकनीकी जांच प्रारंभ की। जांच में पाया कि आरोपी संगठित तरीके से फर्जी बैंक खाते खुलवाकर एवं खाता धारकों को कमीशन का लालच देकर साइबर ठगी की रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर नकद निकासी करते थे। आरोपी वाट्सएप एवं जंगी ऐप के माध्यम से संपर्क कर टोकन सिस्टम से पैसों का आदान-प्रदान करते थे ।
राठौर ने बताया कि खुफिया सूचना मिली कि आरोपी से रायपुर स्थित तनिष्क होटल राठौर चौक में रुके हुए थे। इसी दौरान मुखबिर के माध्यम से पुलिस को उनकी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर आरोपी अपने ठिकाने लगातार बदलने लगे तथा गिरफ्तारी से बचने के लिए रायपुर शहर में अन्य गोपनीय स्थानों पर किराए का मकान तलाश रहे थे, ताकि छिपकर साइबर ठगी की वारदातों को लगातार अंजाम दे सके।
पुलिस टीम आरोपी पंकज शर्मा सहित कुछ आरोपियों को रायपुर जय स्तंभ चौक के पास संदिग्ध अवस्था में पकड़ा, जबकि अन्य आरोपी बूढ़ा तालाब क्षेत्र के आसपास किराए के मकान की तलाश करते हुए पकड़े गये।
खैरागढ़ के दल्लीखोली जंगल में वन्यजीवों की रहस्यमयी मौत
खैरागढ़। खैरागढ़ जिले के ग्राम दल्लीखोली – लछना के जंगल से सामने आए एक भयावह घटनाक्रम ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। जंगल के भीतर स्थित एक जलस्रोत के आसपास बड़ी संख्या में पक्षियों और जंगली जानवरों के शव मिलने से वन विभाग सहित वन्यजीव प्रेमियों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया।
जानकारी के अनुसार, वन्यजीव एवं प्रकृति प्रेमी मुकेश वर्मा दोपहर के समय बर्ड वॉचिंग और नेचर फोटोग्राफी के लिए दल्लीखोली के जंगल पहुंचे थे। जंगल के भीतर भ्रमण के दौरान उन्हें सबसे पहले एक ग्रेटर रैकेट- टेल्ड ड्रॉन्गो मृत अवस्था में दिखाई दिया। जब उन्होंने आसपास का क्षेत्र देखा तो वे स्तब्ध रह गए। जलस्रोत के किनारे कई पक्षी और वन्यजीव मृत पड़े थे।
मुकेश वर्मा ने घटनास्थल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। वायरल वीडियो में एक नर मोर, दो मादा मोर, तीन एशियन पाम सिवेट सहित कई दुर्लभ पक्षियों के शव दिखाई दे रहे हैं। इनमें रुफस ट्रीपाई, ओरिएंटल मैगपाई रॉबिन और जंगल आउलेट जैसे पक्षियों भी मृत मिलने की बात सामने आई है। सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है। कि एक ही स्थान पर इतने अलग-अलग वन्यजीवों की मौत आखिर कैसे हुई।
मुकेश वर्मा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में आशंका जताई है कि जंगल के जलस्रोत में किसी जहरीले रसायन या पदार्थ को मिलाया गया हो सकता है। संभावना जताई जा रही है कि दूषित पानी पीने के बाद इन बेजुबान वन्यजीवों की मौत हुई होगी हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम तत्काल सक्रिय हो गई है। विभाग द्वारा घटनास्थल से पानी और अन्य नमूनों को जांच के लिए संग्रहित किया गया है। मृत वन्यजीवों का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी भी की जा रही है. ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
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