Durg-Bhilai-Rajnandgaon News Update: राजनांदगांव। शहर के कोचिंग संस्थानों में पुलिस की टीम ने दबिश देकर फायर सेफ्टी एवं सुरक्षा मानकों की बारिकी से जांच की। इस दौरान कोचिंग संस्थानों के संचालकों को विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए।
दरअसल, पुलिस टीम द्वारा 29 जून को पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के नेतृत्व में राजनांदगांव शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में पावर सेफ्टी एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान थाना कोतवालीतपुर एवं चिखली क्षेत्र के लगभग 12 कोचिंग संस्थानों का सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पुलिस टीम ने कोचिंग संस्थानों में उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों आपातकालीन निकास, काली खिड़कि विद्युत वायरिंग, विद्युत सुरक्षा उपकरणों, सीढ़ियों एवं विकास मार्गों सहित अन्य सुरक्षा मानकों का बारीकी से परीक्षण किया।
ज्ञात हो हाल ही में नगर सेना की टीम ने भी शहर के निजी कोचिंग सेंटरों में दबिश देकर जांच पड़ताल की थी। के साथ ही प्रशासन भी लखनऊ की घटना के बाद से ही कोचिंग सेंटरों को लेकर सतर्क हो गया है। किसी भी प्रकार के हादसे से बचने के लिए निरीक्षण कर अपनी जिम्मेदारी पूरी की जा रही है। हालांकि शहर में इस जां पड़ताल के दौरान किसी भी कोचिंग सेंटर को सौल नहीं किया गया है के निर्देश जारी किए गए है।
फर्जी दस्तावेज से होम लोन लेने वाला गिरफ्तार
दुर्ग जिले के रानीतराई थाना क्षेत्र में शासकीय भूमि का फर्जी पट्टा एवं पंचायत प्रमाण पत्र तैयार कर आवास ऋण लेने का प्रयास करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड में होम लोन के लिए आवेदन किया था, लेकिन कम्पनी के आंतरिक जांच के दौरान दस्तावेजों में कई विसंगतियां पाई गई, जिसके बाद पाए ऋण आवेदन निरस्त कर पुलिस को सूचना दी गई।
पाटन क्षेत्र के ग्राम पंचायत तेलीगुंडरा की सरपंच हुलेश्वरी साहू द्वारा थाना रानीतराई में लिखित शिकायत दिया गया कि ग्राम तेलीगुंडरा निवासी धनेश्वर कुमार निर्मलकर द्वारा लगभग 1800 वर्गफुट भूमि का फर्जी पट्टा एवं पंचायत प्रमाण पत्र तैयार कर आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, न्यू दीपक नगर, दुर्ग में आवास ऋण लेने के लिये आवेदन प्रस्तुत किया गया है।
शिकायत की जांच के दौरान सरपंच सभी गवाहों से पूछताछ किया। पंचायत अभिलेखों के जांच में यह प्रमाणित हुआ कि संबंधित पट्टा प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत द्वारा कभी जारी नहीं किया गया था। दस्तावेज पर अंकित मुहर भी ग्राम पंचायत का वास्तविक नहीं है। विवेचना के दौरान आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से आरोपी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की सत्यापित प्रतियां प्राप्त की गईं। संस्था द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ऋण आवेदन निरस्त कर दिया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।

नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार
गंडई। पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम से जुड़े एक गंभीर मामले में कार्रवाई करते हुए अपहृत नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, 9 अप्रैल 2026 को एक व्यक्ति ने थाना गंडई में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत के आधार पर अपराध क्रमांक 121/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने लगातार पतासाजी करते हुए नए मुखबिर सक्रिय किए।
मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम को मुंगेली जिले के फास्टरपुर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम झिटकनिया भेजा गया है। वहां दबिश देकर नाबालिग सकुशल बरामद किया गया तथा आरोपी राकेश कुमार डाहिरे को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी नाबालिग को शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया था और मुंगेली जिले में रखकर उसके साथ लगातार दुष्कर्म करता रहा। इसके बाद प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 ( 2 ) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 सहित अन्य प्रासंगिक धाराएं जोड़ी गई। पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
साइबर ठगी के लिए म्यूल अकाउंट देने वाला गिरोह पकड़ाया
दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी के लिए म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 23 लोगों को हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया कि आरोपी कमीशन के लालच में अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन्हीं खातों के जरिए ठगी की रकम का लेनदेन और ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक, आधार कार्ड सहित अन्य बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए हैं। मामले की जांच जारी है।
एडिशनल एसपी एवं पुलिस प्रवक्ता मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि थाना छावनी में दर्ज अपराध क्रमांक 312/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318 (2), 318 (3) एवं 318 (4) के मामले की विवेचना के दौरान साइबर ठगी के इस संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण और अन्य प्रमाणों के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
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