देहरादून. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय देहरादून में समारोह आयोजित किया गया. पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने ध्वजारोहण किया और पुलिसकर्मियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई. इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 154 पुलिसकर्मियों को महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क ‘गोल्ड’, पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क ‘सिल्वर’ और पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया.
डीजीपी ने दी शुभकामनाएं
अपने संबोधन में डीजीपी दीपम सेठ ने सभी पुलिसकर्मियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि यह दिन उन स्वतंत्रता सेनानियों, आजादी के नायकों और अमर शहीदों को नमन करने का अवसर है, जिनके त्याग, साहस और बलिदान से देश स्वतंत्र राष्ट्र बना.
उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता के साथ संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना सभी का दायित्व है. इस जिम्मेदारी को निभाने में पुलिसकर्मी हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहे हैं.
पुलिस की उपलब्धियां गिनाईं
डीजीपी ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उत्तराखंड पुलिस ने अलग-अलग क्षेत्रों में पेशेवर दक्षता और कार्यकुशलता का प्रदर्शन किया है. प्रधानमंत्री मोदी के रोड शो में सुरक्षा प्रबंधन की चुनौती से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री की मौजूदगी में आयोजित पांच दिवसीय न्याय संहिता प्रदर्शनी के सफल आयोजन तक पुलिस ने अपनी जिम्मेदारियां प्रभावी तरीके से निभाईं.
विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा और कांवड़ मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर समन्वय के साथ संभाला गया. डीजीपी के मुताबिक, उत्तराखंड पुलिस ने सुरक्षा, सेवा और आस्था के बीच संतुलन बनाए रखा.
साइबर अपराध प्रबंधन के क्षेत्र में प्रगति समीक्षा बैठक में उत्तराखंड पुलिस ने देश के शीर्ष पांच राज्यों में स्थान हासिल किया. पासपोर्ट सत्यापन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भारत सरकार से Institutional Performance Award for State Police मिला, जबकि BRICS सम्मेलन में सिल्क्यारा टनल और धराली-हर्षिल रेस्क्यू मॉडल की सराहना की गई.
950 से अधिक पदोन्नतियां
डीजीपी ने बताया कि खिलाड़ियों ने भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर उत्तराखंड पुलिस का गौरव बढ़ाया है. पुलिस कर्मियों के कल्याण और प्रोत्साहन के लिए पिछले एक वर्ष में 950 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को समयबद्ध पदोन्नति दी गई है.
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस की इन उपलब्धियों के पीछे कई ‘नायक’ हैं. बैरियर पर दिन-रात तैनात जवान, परिवार से दूर ड्यूटी करने वाली महिला पुलिसकर्मी, वाहन चालक, ट्रैफिक कर्मी, वायरलेस ऑपरेटर, साइबर विशेषज्ञ और फील्ड में काम करने वाला प्रत्येक पुलिसकर्मी पुलिस की असली ताकत है.


