भिलाईनगर। केन्द्र सरकार की मोनेटाइजेशन (मुद्रीकरण) पॉलिसी के चलते सेक्टर 6 के आवासों को जल्द से जल्द खाली कराना बीएसपी मैनेजमेंट की प्राथमिकता है। आवासों को खाली कराकर इन्हें पूरी तरह डिसमेंटल किया जाएगा। इसके बाद यहां नेशनल लैंड मोनिटाइजेशन कार्पोरेशन की सलाह के हिसाब से प्लानिंग की जाएगी।
बीएसपी मैनेजमेंट मान रहा है कि सेक्टर 6 को सबसे पहले खाली कराना आसान होगा। कारण, यहां सर्वाधिक ब्लाक अनफिट घोषित किए गए हैं। इनसे से बहुत सारे खुद गिर गए हैं, कई ब्लाक डिसमेंटल किये जा चुके हैं। कुछ ब्लाक पूरी तरह खंडहर हैं लेकिन इनमें चुनिंदे लीजधारियों के चलते इन्हें डिसमेंटल नहीं किया जा सका रहा है।

इसी तरह सेक्टर-7 में भी बड़ी संख्या में 2-बी टाइप के आवास खण्डहर हो चुके है। इसके अलावा हॉस्पिटल सेक्टर के 1-बी टाइप के तिमंजिला आवासों को भी बहुत पहले अनफिट घोषित किया जा चुका है। मैनेजमेंट मान रहा है कि इन आवासों को जल्दी डिसमेंटल करना होगा। आने वाले दिनों में आवासों को तेजी से खाली कराने पर फोकस रहेगा।
840 लाइसेंसधारी बेदखल होंगे
नगर सेवाएं विभाग ने बीएसपी से रिटायर्ड लाइसेंसधारियों के आवासों का रिनीवल बंद कर दिया है। सेक्टर 6 में बीएसपी से रिटायर 840 लाइसेंसधारी हैं। इनमें से जिनकी लाइसेंस अवधि समाप्त हो गई है उन्हें नोटिस देकर बकाया भुगतान कर आवास जमा करने का नोटिस भेजा जा रहा है। इन्हें अब जबरिया खाली कराया जा सकता है।
लीजधारियों को शिफ्ट किया जाएगा
सेक्टर 6 में 347 लीजधारी जर्जर आवासों में रह रहे हैं। मैनेजमेंट इन लीजधारियों की काउंसिल कर उन्हें दूसरे सेक्टर में बेहतर विकल्प देने की कोशिश कर रहा है। हालांकि धीरे धीरे लीजधारी अन्य सेक्टरों में अलाट कराकर शिफ्ट हो रहे हैं। मैनेजमेंट अब लीजधारियों को जल्द शिफ्ट कराने पर जोर दे रहा है।
थर्ड पार्टी के 340 लोग भी निकाले जाएंगे
सेक्टर 6 में थर्ड पार्टी यानी तृतीय पक्ष के 340 लाइसेंसधारी आवंटी भी हैं। इनका भी लाइसेंस रिनीवल नहीं किया जा रहा। इन्हें नोटिस देकर बीएसपी कभी भी आवास से बेदखल कर सकता है। इन्हें खाली कराना सबसे आसान माना जा रहा है।
कामधेनु विश्वविद्यालय में उपकरण खरीदी पर विधानसभा में पूछा गया सवाल
दुर्ग। ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक ललित चंद्राकर ने दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय अंजोरा के लाइवलीहुड / इनक्यूबेशन सेंटर में उपकरण खरीदी में बरती गई अनियमितताओं को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा में तारांकित प्रश्न लगाया है।
विधायक ललित चंद्राकर ने वित्त विभाग से पूछा है कि अंजोरा स्थित विश्वविद्यालय कुल कितने के लाइवलीहुड सेंटर में उपकरण खरीदे गए, किस माध्यम टेंडर या जैम से खरीदे गए और क्या उपकरणों की तकनीकी विशिष्टता क्रय समिति द्वारा तय की गई थी या नहीं। उन्होंने मांग की है कि सभी उपकरणों की सूची, क्रय दर, फर्म का नाम एवं वारंटी अवधि सहित जानकारी सभा पटल पर रखी जाए। साथ ही यह भी बताया जाए कि किन उपकरणों का खरीदी से पूर्व डेमो लिया गया और किनका नहीं।
विधायक चंद्राकर ने कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि बिना डेमो और तकनीकी जांच के उपकरण खरीदे गए हैं और भुगतान कर दिया गया है, तो यह गंभीर मामला है। दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 30/10/2024 की समीक्षा बैठक में भी उपकरण खरीदी में अनियमितता / भ्रष्टाचार का मामला सामने आया था। ऐसे में अब तक दोषियों के खिलाफ क्या अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई, इसकी जानकारी भी सदन में मांगी गई है।
विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि अंजोरा विश्वविद्यालय क्षेत्र के किसानों और युवाओं के उत्थान के लिए बना है। यदि यहां भ्रष्टाचार होगा तो इसका सीधा असर हमारे अन्नदाताओं और युवाओं पर पड़ेगा। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
बीएसपी को पीएनजी आपूर्ति करेगा अडाणी टोटल गैस लिमिटेड
भिलाईनगर । भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) एवं अडाणी टोटल गैस लिमिटेड (एटीजीएल) के मध्य भिलाई इस्पात संयंत्र तथा टाउनशिप में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति के लिए 16 जुलाई को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्यावरण- अनुकूल ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने तथा संयंत्र की ऊर्जा दक्षता में वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर समारोह में भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) के अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जैन एवं बीएसपी के निदेशक प्रभारी चित्तरंजन महापात्र मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। इस अवसर पर अडाणी टोटल गैस लिमिटेड की ओर से नविंदरजीत सिंह बेदी तथा भिलाई इस्पात संयंत्र की ओर से मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एंड यू) बी. के. बेहरा ने समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया।
बैठक के दौरान भिलाई इस्पात संयंत्र में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के उपयोग का विस्तार करने, वर्तमान में प्रयुक्त प्रोपेन एवं एलपीजी के स्थान पर तकनीकी रूप से व्यवहार्य क्षेत्रों में पीएनजी अपनाने की संभावनाओं तथा दोनों संगठनों के मध्य ऊर्जा क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर उप प्रबंधक (जनसंपर्क) सुश्री . शालिनी चौरसिया ने भिलाई इस्पात संयंत्र का विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया।
लारपवाही पर दो डॉक्टरों को थमाया नोटिस
राजनांदगांव। जिला अस्पताल के एसएनसीयू (नवजात गहन चिकित्सा वार्ड) वार्ड के दो डाक्टरों को लापरवाही बरते जाने पर सिविल सर्जन द्वारा नोटिस जारी किया गया है। अपनी ड्यूटी में इन दोनों डाक्टरों द्वारा उपस्थित नही रहने के मामले सामने आई है। वही हाजिरी रजिस्टर में भी दस्तखत नही करने के आलावा अस्पताल की टाइमिंग में निजी प्रैक्टिस की बात सामने आई है। ड्यूटीरत दोनो डाक्टरों को नोटिस जारी किया गया है।
राज्य शासन द्वारा शिशु मृत्यु दर में कमी लाने कई योजनाएं चला रही है। जिसमें हर साल लाखों रूपए खर्च किए जा रहे है। लेकिन यहां डाक्टर शासन के मुहिम पर पानी फेरते नजर आ रहे है।
जानकारी अनुसार सिविल सर्जन डां महेन्द्र प्रसाद ने इस मामले में डां विक्रम बैद और डां मयंक सुराना को नोटिस जारी किया है। जिसमें उन्होने उल्लेख किया है कि, छग स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा 14 जुलाई 2026 को अस्पताल प्रबंधन गये शिकायत पत्र सौंपा गया हैं। जिसमें एसएनसीयू विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सको के नियमित तौर पर वार्ड में उपस्थित ना रहने, शहर के अलग-अलग निजी अस्पतालो में सेवाये देने तथा स्टाफ के साथ दुर्व्यवहार करने संबंधी मामले उल्लेखित है।
सरकारी छोड़ निजी प्रैक्टिस कर रहे डाक्टर
जिला चिकित्सालय राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) सीएस द्वारा जारी किए गए नोटिस में साफतौर पर कहा गया है कि, दोनो विशेषज्ञ रोस्टरवार दैनिक रूप से प्रातः 9 से 1 बजे एवं संध्याकालीन 5 से 7 बजे तक जिला चिकित्सालय के 100 बिस्तर मातृ शिशु अस्पताल के एसएनसीयू विभाग उपस्थित रहना सुनिश्चित करेंगे। शासकीय कार्य अवधि में आपके पदस्थापना आदेश के अंतर्गत नियुक्ति शर्तों के बिन्दु कमांक 05 के अनुसार निजी प्रैक्टिस की पात्रता नहीं होगी। जिसका शत्-प्रतिशत पालन करना सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने कहा कि जांच में पता चला कि, विगत दो माह से आप लोगो के द्वारा दैनिक रूप से उक्त पंजी में हस्ताक्षर नहीं किये जा रहे हैं। अतः दैनिक रूप से उपस्थित पंजी में हस्ताक्षर करना सुनिश्चित करेंगे अन्यथा माह जुलाई का वेतन स्थागित किया जावेगा जिसके लिए आप स्वंय जिम्मेदार होगें।
मरीज व स्टाफ से शालीनता बरते निर्देश
ऑनलाईन आधार बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम के रिकार्ड के अनुसार दैनिक रूप से आप लोगो के द्वारा ऑनलाईन उपस्थिति दर्ज नहीं की जा रही है। अतः दैनिक रूप से रोस्टरवार ऑनलाईन उपस्थिति दर्ज करना सुनिश्चित करेंगे। शिकायत यह भी रही है कि स्टाफ से डाक्टरों द्वारा दुर्व्यहार भी किया जाता है। जिसे लेकर कहा गया है। कि, ड्यूटी के दौरान वाणी में संयम, व्यवहार में शालीनता एवं स्टाफ के साथ सम्मानजनक व्यवहार रखा जाए और इस तरह के प्रकरणो की भविष्य में पुनरावृत्ति नही किए जाने की चेतावनी दी गई है।
केसीसी लोन दिलाने के नाम पर 16 लाख की ठगी
छुईखदान। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन स्वीकृत कराने का झांसा देकर 16.40 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को अभिरक्षा छुईखदान पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक में जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार ग्राम गर्रा निवासी दिनाराम जंघेल (55) ने थाना छुईखदान में शिकायत दर्ज कराई थी कि राजनांदगांव के दुर्गा चौक निवासी अर्पित देवांगन (28) ने स्वयं को बैंक कर्मचारी बताकर केसीसी लोन स्वीकृत कराने और लोन प्रक्रिया के नाम पर उससे अलग-अलग किश्तों में कुल 16 लाख 40 हजार रुपये ले लिए। बाद में न तो लोन स्वीकृत हुआ और न ही रकम वापस मिली जिससे ठगी का पता चला।
शिकायत पर थाना छुईखदान में 14 जुलाई 2026 को अपराध दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318 (4) एवं 319 (2) के तहत अपराध कायम किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए छुईखदान पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का पता लगाया। पूछताछ के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से न्यायिक रिमांड पर खैरागढ़ के उपजेल सलोनी भेज दिया गया है। कार्रवाई में थाना छुईखदान पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
नए एलपीजी के लिए आवेदन बंद और 25 दिनों की नहीं हटी पाबंदी
राजनांदगांव। एलपीजी सिलेंडर के लिए अभी मारामारी मची गई है। पेट्रोल की आवक भले ही सामान्य हो गई है। लेकिन यहां अब तक एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई के लिए उपभोक्ताओं को दो चार होना पड़ रहा हैं। हालात यह है कि, घर में विविध आयोजन होने पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार एलपीजी सिलेंडर के नए आवेदन नही लिए जा रहे है। विगत दिनों अमेरिया और ईरान के बीच छिड़े युध्द के चलते सप्लाई चैन प्रभावित हुआ था। इसके बाद से ही नए आवेदन लेने की प्रक्रिया बंद कर दी गई है। उज्जवला योजना के तहत भी विभाग द्वारा नया आवेदन नही लिया जा रहा है। एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के बाद 25 दिन बीतने के बाद ही नंबर लग रहा है। मठपारा निवासी श्रीधर गजभिए ने बताया कि घर में कोई भी कार्यक्रम होने पर सिलेंडर की खपत बढ़ जा रही है। ऐसे में दूसरी व्यवस्था भी नही हो रही है।
उन्होने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर का एजेंसी संचालक विकल्प बता रहे है। लेकिन इसका रेट 32 से 33 सौ रूपए तक होने के चलते उपभोक्ता तौबा कर रहे है । एलपीजी सिलेंडर की मारामारी के बीच बाजार में इन दिनों प्रतिबंधित सिलेंडर का धडल्ले से उपयोग हो रहा है।
जानकारी के अनुसार गौ गैस यानि हरे कलर के सिलेंडर का उपयोग इन दिनों निजी दुकानों में हो रहा है। जबकि इसे प्रतिबंधित किया गया है। इसे लेकर कई गैस एंजेसियों के बीच खिंचतान की स्थिति निर्मित हैं। इसकी शिकायत फूड विभाग में भी की गई है।
कैटर्स भी हो रहे परेशान
वैवाहिक आयोजनों में भी सिलेंडर की मारामारी मची हुई है। नंदई चौक के अनुराधा कैटर्स के अनुसार आयोजनों में बुकिंग के दौरान आयोजनकर्ताओं को एलपीजी सिलेंडर लाने कहा जा रहा है। जिसके बाजार में बाद ही वे बुकिंग ले रहे है। इधर अभी भी निजी संस्थानों व ठेले खोमचे में धड़ल्ले से घरेलू यानि लाल सिलेंडर का उपयोग हो रहा है। जिस पर कोई कार्यवाही नही हो रही है।
किराएदारों को किश्तों में मिलेगा पीएम आवास
राजनांदगांव। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किराएदारों को बड़े पैमाने पर पीएम आवास के मकान आबंटित किए जाएंगे। शहर के मोहारा, लखोली, पेंड्री व रेवाडीह वार्ड में 1427 मकान बनाए गए है। जिसमें से करीब पांच सौ मकान बिक चुके है। वही शेष मकानों को बाजार से आधे दर पर बेचने की तैयारी है। हितग्राहियों को राहत देने के लिए निगम ने पूरी राशि दस किस्तो में जमा करने की सहुलियत दी है।
मकान आबंटन कराने के लिए हितग्राहियों से पूरी राशि में से सिर्फ दस फीसदी राशि जमा कराए जा रहे है। जिसके बाद मकान का आबंटन किया जा रहा है। नगरनिगम द्वारा मोहारा, लखोली, रेवाडीह व पेंड्री में करीब चार सौ फूट में एनबीएचके मकान बनाए गए है। इसकी बाजार कीमत ही छह लाख रूपए से अधिक है। लेकिन निगम द्वारा आधे दर पर मकान आबंटित किया जा रहा है। अफसरों ने बताया कि, व्यवस्थापन के तहत इन इलाको में 386 लोगों को मकान में शिफ्ट कराया जा चुका है, वही 236 मकान किराएदारों को आबंटित किया जा चुका है।
अफसरों ने बताया कि, किफायती दरों में आवास के लागत मूल्य पर वर्षों से किरायेदारों के रूप में निवासरत परिवारों का अब अपना मकान मिलेगा। नगर निगम सीमाक्षेत्र में सुविधायुक्त 1427 बहु मंजिला आवास तैयार है। इसमें लखोली, पेण्ड्री, मोहारा, रेवाड़ीह आदि स्थानों में पूर्ण रूप से निर्मित किया है एवं 503 आवास विभिन्न स्तरो पर निर्माणाधीन है। इन इलाको में इतने मकान उपलब्ध दावा आपत्ति उपरांत 834 पात्र आवेदक में से परियोजना अनुरूप राशि जमा करने के उपरांत लॉटरी के माध्यम से आवास का आबंटन किया जाना हैं।
रेवाड़ीह मोहारा 340 यूनिट की राशि 2,67,971 रुपये निर्धारित है। निकाय अंतर्गत निर्माणाधीन आवास 272 यूनिट लखोली में 2,74,044 रू. 258 यूनिट रेवाडीह, पेण्ड्री में 2,91,027 रू. 870 यूनिट पेण्ड्री एवं मोहारा में 2.80,115 रू. निर्धारित है। इस मामले में नगर निगम आयुक्त जीआर मरकाम ने बताया कि व्यवस्थापन के तहत मकान और किराएदारों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
समाधान योजना में बिजली के न्यायालयीन प्रकरणों का भी होगा त्वरित निराकरण
राजनांदगांव। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के अंतर्गत अब न्यायालयों में लंबित बिजली बिल संबंधी प्रकरणों का भी निराकरण किया जाएगा। इसके लिए उपभोक्ताओं प्रकरण वापस को न्यायालयों में लंबित लेना होगा।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने बताया कि उपभोक्ताओं से मिल रहे उत्साहजनक प्रतिसाद को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के अनुरूप छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना- 2026 की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही अब योजना का दायरा बढ़ाते हुए न्यायालयों में लंबित बिजली बिल संबंधी प्रकरणों को भी इसमें शामिल किया गया है
सीएसपीडीसीएल राजनांदगांव क्षेत्र के मुख्य अभियंता हर्श कुमार मेश्राम ने बताया मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना – 2026 के तहत निम्नदाब घरेलू, बीपीएल एवं कृषि श्रेणी बिजली बिल की मूल राशि एवं अधिभार के अशासकीय उपभोक्ताओं को बकाया में नियमानुसार छूट का लाभ प्रदान किया जा रहा है।
मेश्राम ने बताया कि राजनांदगांव रीजन के अंतर्गत चारों जिलों के 07 विद्युत संभागों में सर्वाधिक कवर्धा संभाग से 21478, पंडरिया संभाग से 19815, मोहला संभाग से 2906, राजनांदगांव संभाग से 4998, खैरागढ़ संभाग से 3589, डोंगरगढ़ संभाग से 5263 एवं डोंगरगांव संभाग से 1242 सक्रिय एवं निष्क्रिय उपभोक्ता लाभान्वित हो चुके हैं।
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