भिलाईनगर। पुलगांव थाना अंतर्गत महिला की अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी महिला को पैसों का लालच देकर सुनसान जगह ले गए थे। वहां उन्होंने जबर्दस्ती करने की कोशिश की। महिला ने विरोध किया और पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो आरोपियों ने पहले गला दबाया और फिर बड़े पत्थर से सिर और चेहरे पर वार कर उसकी हत्या कर दी थी।

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सेक्टर-6 स्थित पुलिस कंट्रोल रुम में एएसपी सुखनंदन राठौर ने पत्रवार्ता में बताया कि 16 जुलाई को मजदूरी करने वाली महिला रोज की तरह मजदूरी के लिए घर से निकली थी। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। उसी रात पुलगांव नाला फ्लाईओवर के पास झाड़ियों में एक अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना मिली। शव को जिला अस्पताल की मरच्युरी में रखा गया, जहां परिजनों ने उसकी पहचान भगवंतीन साहू के रूप में की। पोस्टमार्टम में महिला के सिर, चेहरे और हाथ पर गंभीर चोटें मिलीं।

रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलगांव थाना में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। एएसपी श्री राठौर ने बताया कि यह मामला शुरुआत में पूरी तरह अंधा कत्ल था। ऐसे में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के करीब 350 फुटेज खंगाले गए। इलाके के लोगों, मजदूरों और ई-रिक्शा चालकों से भी पूछताछ की गई।

तकनीकी जानकारी और मिले सुरागों के आधार पर पुलिस का शक हर्ष यादव (19 वर्ष) निवासी पीसेगांव और नितेश ठाकुर (20 वर्ष) निवासी चंदखुरी पर गया। दोनों को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की गई। शुरुआत में दोनों पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन जब उनके सामने तकनीकी और दूसरे सबूत रखे गए तो वे टूट गए और हत्या की बात स्वीकार कर ली है।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना वाले दिन वे बाइक से अलग-अलग जगह घूम रहे थे और लगातार शराब पी रहे थे। इसी दौरान तहसील कार्यालय के पास उनकी मुलाकात भगवंतीन साहू से हुई। दोनों ने महिला को “पैसों का लालच दिया और ई-रिक्शा से पुलगांव नाला के पुराने पुल के पास सुनसान इलाके में ले गए। एएसपी के अनुसार वहां दोनों ने महिला के साथ जबर्दस्ती करने की कोशिश की। महिला ने इसका विरोध किया और पुलिस में शिकायत करने की चेतावनी दी। इससे घबराकर दोनों ने उसकी हत्या करने का फैसला कर लिया।

निकुम सहकारी समिति की अनियमितताओं पर किसानों का धरना

अंडा। ग्राम निकुम स्थित सेवा सहकारी समिति में व्याप्त अनियमितताओं के विरोध में सोमवार को पंजीकृत किसानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। धरने के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार अधिकारी दुर्ग के माध्यम से सौंपा।

इस दौरान पूर्व एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक ताम्रध्वज साहू तथा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश ठाकुर भी धरना स्थल पर पहुंचे। दोनों नेताओं ने किसानों की समस्याएं सुनी और भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सहकारी समितियों में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण किसान परेशान हैं।

किसानों का आरोप है कि समिति में पिछले 5 वर्षों से आमसभा नहीं बुलाई गई है। कृषकों के अंशदान का कोई हिसाब नहीं दिया जा रहा। वर्ष 2023- 24 और 2024-25 में की गई शिकायती पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके साथ हो प्राधिकृत अध्यक्ष द्वारा मनमानी तरीके से कामकाज किया जा रहा है।

धरने में अध्यक्ष ब्लाक कांग्रेस कमेटी देवेंद्र देशमुख, पूर्व जनपद सदस्य रुपेश देशमुख, नंदकुमार साहू ललित देशमुख, उत्तम धनकर मनीष बेलचंदन, कुलेश्वर साहू डॉ पिलेश्वर साहू बनाम राजपाल, देवेन्द्र कुमार दियो यादव, राजेन्द्र रामकुमार आदिल रमेश साहू देवलाल साहू बलराम देशलहरे सहित बड़ी संख्या में किसान गण और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

ट्रांसपोर्ट नगर मार्ग के चौड़ीकरण में गड़बड़ी

भिलाईनगर। भिलाई नगर निगम को नगर उत्पा योजना के तहत ट्रासपोर्ट नगर जाने या मार्ग के चौड़ीकरण कार्य में बड़े पैमाने पर सामने आई है। गांध में ठेकेदार द्वारा द्वारा के विपरीत और घटिया निर्माण किए जाने पर मुख्य अभियंता ने कड़ी नाराजगी जताई है।

मिलावट घरा उद्यान से लेकर गोदाम तक लगभग 900 मीटर लंबी सड़क को 29.55 लाख की लागत से दोनों और 2-2 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। भारी वाहनों के दबाव वाले इस मार्ग पर आवाजाही को सुगम बनाने के लिए यह काम किया जा रहा है।

जांच में मिली ये खामियां : नगर निगम के मुख्य अभियंता अजीत कुमार तिग्गा ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर टेप पकड़कर नाप-जोख की। जांच में गंभीर मिया खामियां मिली। ड्राइंग के अनुसार, चौड़ाई 16 इंच रखी जानी थी, लेकिन मौके पर कहीं 10 इंच तो कहीं 13 इंच मिली। मानक के अनुसार, 16 इंच मोटा बेस और टॉप होना था, लेकिन वह भी तय मानक से कम पाया गया।

आयुक्त की नियुक्ति नहीं होने से दुर्ग निगम का कामकाज ठप

दुर्ग। दुर्ग नगर निगम का कामकाज ठप सा है। निगम आयुक्त की पदस्थापना नहीं होने से यह अप्रिय स्थिति निर्मित हुई है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत निगम के उपायुक्त महेन्द्र कुमार साहू को आयुक्त का प्रभार दिया गया है, लेकिन वित्तीय अधिकार नहीं होने से विकास कार्यों पर ग्रहण लग गया है।

बता दे कि शासन, सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय के आदेश 9 जुलाई के तहत सुमीत अग्रवाल, आयुक्त, नगर पालिक निगम, दुर्ग का स्थानांतरण मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छग राज्य शहरी विकास अभिकरण (सुद्धा) के पद पर किया गया है। इसके चलते उन्होंने 12 जुलाई को दुर्ग निगम आयुक्त का समस्त प्रभार मोहेन्द्र कुमार साहू को सौपकर भारमुक्त हुए हैं।

नवजात की मौत के मामले में लैब टेक्नीशियन के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर

राजनांदगांव। जिला अस्पताल के 100 बिस्तर मातृ एवं शिशु अस्पताल में नवजात की मौत मामले में ड्यूटीरत डाक्टर और लैब टेक्नीशियन द्वारा बड़ी लापरवाही बरतने की बात सामने आई है। बहरहाल इस मामले में सिविल सर्जन ने लैब टेक्नीशियन खोमेन्द्र कुमार को नौकरी से हटा दिया है, वही बसंतपुर थाने में एफआईआर के लिए पत्र लिखा है। इस घटना से आहत परिजनो ने पहले ही बसंतपुर थाने में शिकायत की हैं, वहीं दूसरे दिन सिविल सर्जन ने भी एफआईआर करने पत्र लिखा है।

सामने आए तथ्य के अनुसार, ड्यूटीरत डाक्टर और लैब टेक्निशियन अपने जिम्मेदारी का निर्वहन करते तो बच्चे को बचाया जा सकता था। इस पूरे प्रकरण में यह बात उभरकर सामने आई है कि रात में ड्यूटीरत डाक्टर और दूसरे दिन राउंड पर आए डाक्टरों ने गंभीरता नही दिखाई।

अगर गर्भवती महिला को स्थिति देखकर डाक्टर द्वारा रक्त जांच पर्ची में इंजरजेंसी रिपोर्ट का उल्लेख किया होता तो शायद समय पर रिपोर्ट मिल जाती, वहीं अटल लैब में दो घंटे के अंदर रिपोर्ट देने का नियम है। लेकिन लापरवाही के चलते रिपोर्ट दूसरे दिन 12.49 बजे उपलब्ध कराई गई, जिससे बच्चे मां के पेट के अंदर गंदा पानी पी गया। इस बीच अगर समय पर गर्भ से बच्चे को सीजर किया होता तो शायद जान बताई जा सकती थी।

अस्पताल में दिनभर मचा रहा हड़कंप

नवजात की मौत मामला बेहद तुल पकड़ चुका है। खबर है कि दूसरे दिन रजिस्टर पर कई कर्मचारियों द्वारा दस्तखत किए गए। जबकि सीएस द्वारा पहले भी रजिस्टर पर दस्तखत नहीं किए जाने से संबंधित डाक्टरों को नोटिस जारी की थी। जांच कमेटी बनने के बाद दूसरे दिन जिला अस्पताल में दूसरे दिन जमकर अफरा तफरी मची रही।

डॉ. डेनियल थीं ड्यूटी पर

डोंगरगढ़ के टोलागांव निवासी कविता मंडावी के गर्भ में नवजात की मौत हो गई थी। महिला को रविवार रात ढाई बजे भर्ती कराया गया था। इस दौरान प्राथमिक जांच रात के वक्त ढां एकता डेनियल ने किया था। उन्हीं ने टेस्ट के लिए लिखा था। अगर उन्होंने पर्ची में इमरजेंसी लिखी होती तो शायद समय पर रिपोर्ट मिल जाती। ये डाक्टर पर पहले भी कई चार कार्यवाही हो चुकी थी।

जिले में खत्म हो रहीं मंडियां

राजनांदगांव। कृषि प्रधान जिले राजनांदगांव में किसानों को बेहतर विपणन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कृषि उपज मंडियों की स्थापना की गई थी, लेकिन लचर प्रबंधकीय की व्यवस्था के चलते समय के साथ कई मंडियों का महत्व कम होता जा रहा है।

जिला मुख्यालय स्थित बसंतपुर कृषि उपज मंडी आज भी आधुनिक सुविधाओं से वंचित है। हाईटेक मंडी का सपना अभी तक साकार नहीं हो पाया है, जिससे किसान और व्यापारी दोनों परेशान हैं। आए दिन यहाँ पर विवाद की स्थिति भी बनी रहती है समस्याएं भी जस की तस बनी हुई है जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।

जिले की मंडियों में मंडी परिसर में पर्याप्त शेड, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छ शौचालय, आधुनिक नीलामी व्यवस्था, डिजिटल भुगतान, भंडारण और यातायात प्रबंधन जैसी सुविधाओं का अभाव बताया जाता है। राजनांदगांव जिला मुख्यालय की मंडी में भी समस्याएं हैं। बरसात के दिनों में किसानों को खुले में उपज रखनी पड़ती है, जिससे फसलों के खराब होने का खतरा बना रहता है।

व्यापारियों का कहना है कि आधुनिक सुविधाओं की कमी से व्यापार प्रभावित होता है, वहीं किसानों को समय पर उचित मूल्य और बेहतर विपणन व्यवस्था का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। जिले की एकमात्र सबसे बड़ी मंडी होने के कारण बसंतपुर मंडी में प्रतिदिन 35000 से लेकर 40000 कट्टा तक धान पहुंचता की भी है। इसके अतिरिक्त अन्य फसलों आवक होती है लेकिन किसानों को उनकी उपज की सही कीमत नहीं मिल पाती।

स्मार्ट मीटर में अचानक रीडिंग बढ़ने से लोग संशय में …

डोंगरगांव। नगर के विद्युत उपभोक्तागण विद्युत विभाग के मोर बिजली एप में प्रतिदिवस स्मार्ट मीटर की रीडिंग नहीं दिखाने से संशय की स्थिति में हैं. वहीं स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता भी स्मार्ट हो चले हैं और स्मार्ट मीटर धारी विद्युत उपभोक्ता इस एप के माध्यम से प्रतिदिन की खपत देखकर बिजली की उपयोगिता के आधार पर बचत कर खपत करते हैं, लेकिन यही मीटर परेशानी का सबब भी बना स्मार्ट हुआ है।

घर या दुकान में प्रतिदिवस होने वाले खपत पर नजर रखने वाले उपभोक्ताओं को बीते रविवार की अचानक बढ़े हुए रीडिंग ने परेशान कर दिया और एक विद्युत विभाग के स्थानीय कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज करायी। वहीं इस उपभोक्ता ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि वह मोर बिजली एप के माध्यम से रविवार का रीडिंग देखा तो उसके होश फाख्ता हो गये. जहाँ प्रतिदिवस महज 5 से 7 यूनिट बिजली खर्च करते हैं, वहीं रविवार को सीधे 24.8 यूनिट खपत बताया गया है, जिसके बाद वह इसकी शिकायत लेकर विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचा था।

हालांकि, इस विषय में विभाग व्दारा उसे संतुष्ट नहीं किया गया और यह बात शहर में आग की तरह फैली, जिसके बाद हर कोई मोर बिजली एप में रविवार की रीडिंग देखने में लग गया. इधर मीडिया तक बात पहुंचने के बाद मीडियाकर्मियों ने गहराई से जांच पड़ताल कर पाया कि इस एप में किसी कारणवश अनेक उपभोक्ताओं की रीडिंग 15 जुलाई के बाद सीधे 19 जुलाई का दिखा रहा था और रविवार 19 तारीख को सीधे चार दिनों का एक साथ खपत दर्शा रहा है।

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