भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा संचालन से संबंधित अध्यादेश क्रमांक-5 के क्लॉज नंबर 11 में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए नई अधिसूचना जारी की है। यह निर्णय कार्य परिषद की 139वीं बैठक में लिए गए निर्णय तथा कुलाधिपति की स्वीकृति के बाद लागू किया गया है।

तकनीकी विश्वविद्यालय के अनुसार, अब से सेमेस्टर परीक्षा के प्रश्नपत्रों में किसी प्रकार की त्रुटि, विसंगति अथवा शिकायत सामने आने पर गठित रिजल्ट कमेटी में संबंधित विषय के प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पेपर सेटर को भी शामिल किया जाएगा। पहले रिजल्ट कमेटी केवल शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करती थी, लेकिन संशोधित प्रावधान के तहत अब विषय विशेषज्ञ की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस बदलाव से परीक्षा परिणामों में अधिक सटीकता आएगी और प्रश्नपत्रों में गड़बड़ी या विवाद की स्थिति में त्वरित एवं विषय आधारित निर्णय लिए जा सकेंगे। यह संशोधन विशेष रूप से एंड सेमेस्टर परीक्षा के प्रश्नपत्रों में उत्पन्न होने वाली विसंगतियों के समाधान को ध्यान में रखकर किया गया है।

नई व्यवस्था के तहत रिजल्ट कमेटी परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते समय यह भी सुनिश्चित करेगी कि विभिन्न विषयों के परिणाम सामान्य मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। यदि किसी विषय का परिणाम असंतुलित पाया जाता है तो कमेटी कुलपति को आवश्यक कार्रवाई के लिए अनुशंसा भी करेगी। विश्वविद्यालय के इस फैसले को छात्रों के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं पेपर सेटर की भागीदारी से प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता, मूल्यांकन प्रक्रिया और परिणामों की विश्वसनीयता में सुधार होगा।

आयुक्त को हटाने कलेक्टर से मिले महापौर और एमआईसी सदस्य

भिलाईनगर। नगर निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पांडेय को सामान्य सभा ने पद से हटा दिया है। सदन में सभी पार्षदों ने सर्वसम्मति से संकल्प पास कर उन्हें पद से हटाने का संकल्प पास किया है। बावजूद इसके निगम आयुक्त पद पर बैठे हैं और काम कर रहे हैं। महापौर ने बताया कि ठेकेदारों का बिल पास कर रहे हैं, जो कि आर्थिक अनियमितता की श्रेणी में आएगा।

नगर निगम भिलाई के महापौर नीरज पाल और उनके एमआईसी सदस्यों ने कलेक्टर से मुलाकात मुलाकात करके आयुक्त के बारे में बताया। साथ ही सामान्य सभा की कार्यवाही की पूरी विस्तार से जानकारी दी। बताया कि 25 मार्च को निगम में सामान्य सभा की बैठक थी। जिसमें नगर निगम अधिनियम 1956 की धारा 54 (2) में उल्लेखित प्रावधानों के तहत आयुक्त राजीव कुमार पांडेय को आयुक्त के पद से तत्काल हटाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया जा चुका है।

इसके बाद अब उन्हे आयुक्त के पद पर बने रहने, बिल पास करे, सरकारी दस्तवेजों में हस्ताक्षर करने तक का अधिकार नहीं है। बावजूद वे लगातार ठेकेदारों का बिल पास कर रहे हैं, इसलिए गत दिनों एमआईसी की बैठक बुलाई गई थी। जहां आयुक्त को हटाने का जो संकल्प पास हुआ है उस प्रस्ताव को फिर से पास करके किया गया है। इसकी जानकारी कलेक्टर से मिलकर महापौर नीरज पाल और उनके सभी एमआईसी सदस्यों ने दी। इस दौरान निगम सभापति गिरवर बंटी साहू भी उपस्थिति थे।

महापौर ने कलेक्टर को बताया कि आयुक्त मनमानी कर रहे हैं। जो संकल्प सामान्य सभा ने पास किया, उसकी कॉपी शासन को भेजा जाना चाहिए था, लेकिन आयुक्त ने शासन को सूचना तक नहीं दी है। संकल्प की कॉपी दबा दी, जिसे शासन को भेजा ही नहीं गया। कलेक्टर से मांग की गई है कि शासन को मामले की सूचना दें, संकल्प की कापी शासन को भेजें। ज्ञापन सौंपने के दौरान एमआईसी सदस्य सीजू एंथोनी, एकांश बंछोर, केशव चौबे, चंद्रशेखर गवई, साकेत चंद्राकर, रीता सिंह गेरा, नेहा साहू लाल चंद वर्मा उपस्थित थे।

क्रिकेट टीम के चयन के लिए पंजीयन 13 तक

भिलाईनगर। भारतीय टेनिस बॉल क्रिकेट महासंघ के तत्वावधान में उत्तर प्रदेश टेनिस बॉल क्रिकेट संघ द्वारा 34 वीं जूनियर नेशनल टेनिस बॉल क्रिकेट चैंपियनशिप ( बालक एवं बालिका वर्ग) 18 जून से 21 जून तक बलिया उत्तर प्रदेश में आयोजित है। उक्त चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ प्रदेश की बालक एवं बालिका टेनिस बॉल क्रिकेट टीम का चयन किया जाना है जिसके लिए पंजीयन 13 मई तक सेक्टर 1 क्रिकेट स्टेडियम के पास कार्यालय में सचिव आजाद खान से करा सकते हैं। वे ही खिलाड़ी चयन स्पर्धा में भाग ले सकते हैं जिनका जन्म 20 जून 2007 के बाद है। पंजीयन के समय जन्म प्रमाण पत्र जमा करना होगा।

क्रेडिट कार्ड बंद कराने के नाम पर 3.46 लाख की साइबर ठगी

भिलाईनगर। क्रेडिट कार्ड बंद कराने के नाम पर ओटीपी लेकर 3 लाख 46 हजार 444 रुपए की साइबर ठगी हुई है। मामले में पुलिस ने धारा 318 (4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है।

भिलाईनगर पुलिस ने बताया कि प्रार्थी देवेश कुमार (52 वर्ष) निवासी सेक्टर-7 सीएसईबी में असिस्टेंट ग्रेड-02 के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने थाना भिलाई नगर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि 12 फरवरी की दोपहर करीब 12 बजे उन्हें एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाली महिला ने स्वयं को एचडीएफसी की कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनका क्रेडिट कार्ड लंबे समय से सक्रिय नहीं है और उसे बंद करना है।

शिकायतकर्ता के अनुसार क्रेडिट कार्ड बंद करने की प्रक्रिया बताकर उनके मोबाइल पर ओटीपी भेजे गए। महिला ने प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर कई बार ओटीपी मांगे। 17 फरवरी को उसी नंबर से फिर कॉल आया और क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करने का हवाला देकर चार बार और ओटीपी लिया गया। इसके बाद कॉल करने वाले ने कहा कि कार्ड बंद करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है।

बाद में 17 अप्रैल को जब देवेश कुमार ने अपने क्रेडिट कार्ड का स्टेटमेंट देखा तो 12 फरवरी से 17 फरवरी के बीच कुल 3 लाख 46 हजार 444 रुपये की ओवरड्यू राशि दिखाई दी। इसके बाद वे नेहरू नगर स्थित बैंक शाखा पहुंचे और स्टेटमेंट की जांच कराई। जांच में पता चला कि अज्ञात व्यक्ति ने क्रेडिट कार्ड बंद करने के नाम पर ओटीपी हासिल कर खाते से यह रकम निकाल ली।

दुर्ग संभाग रैपिड शतरंज स्पर्धा 23 मई क

दुर्ग। जिला शतरंज संघ दुर्ग द्वारा प्रदेश शतरंज संघ के मार्गदर्शन में जी. एच. रायसोनी की स्मृति में जी. एच. रायसोनी स्पोट्र्स एंड कल्चरल फाउंडेशन व कल्पना प्रकाश वेलफेयर फाउंडेशन के सहयोग से 23 मई को दुर्ग संभाग एक दिवसीय रैपिड शतरंज स्पर्धा का आयोजन श्री जलाराम सांस्कृतिक भवन सिविल लाइन दुर्ग में किया गया है।

जिला शतरंज संघ दुर्ग के अध्यक्ष ईश्वर सिंह राजपूत, सचिव तुलसी सोनी ने बताया कि उक्त स्पर्धा में दुर्ग संभाग के अंतर्गत आने वाले दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़, छुईखदान, गंडई, मोहला मानपुर, अंबागढ़ चौकी जिले के शतरंज खिलाड़ी ही भाग ले सकते हैं। स्पर्धा में कुल 51 हजार रुपए राशि पुरस्कार स्वरूप दिए जाएंगे। जिसमें प्रथम पुरस्कार 11 हजार रुपए एवं विजेता ट्रॉफी, द्वितीय 7 हजार रुपए एवं उपविजेता ट्रॉफी, तृतीय 5 हजार रुपए एवं ट्रॉफी चतुर्थ 3 हजार रुपए एवं मोमेंटो, पांचवां 2 हजार रुपए एवं मोमेंटो, छठवां से लेकर दसवां स्थान 15 सौ रुपए एवं मोमेंटो तथा ग्यारहवें से लेकर पंद्रहवें स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को 1 हजार रूपए एवं मोमेंटो प्रदान किया जाएगा।

इसके अलावा बेस्ट महिला खिलाड़ी, बेस्ट दुर्ग जिला खिलाड़ी, बेस्ट वरिष्ठ खिलाड़ी में प्रथम 15 सौ रुपए एवं द्वितीय 1 हजार रूपए एवं मोमेंटो के अलावा मिनी सब जूनियर एवं सब जूनियर वर्ग में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को मोमेंटो प्रदान किया जाएगा। भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को मेडल एवं ई सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया जाएगा। स्पर्धा में प्रवेश शुल्क 5 सौ रूपए निर्धारित है तथा प्रवेश की अंतिम तिथि 16 मई तक है। प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक इंटरनेशनल आर्बिटर रॉकी देवांगन एवं तकनीकी सहायक के रूप में फीडे आर्बिटर अनिल शर्मा होंगे।

डीपीएस भिलाई में पीजीटी व टीजीटी टीचर्स की होगी भर्ती

भिलाईनगर। डीपीएस भिलाई में बड़ी संख्या में पीजीटी, टीजीटी, पीआरटी टीचर्स व स्टाफ नर्स वगैरह की भर्ती की जाएगी। इसके लिए वैकेंसीज निकाल दी गई है। स्कूल के वेबसाइट से एप्लीकेशन फार्म डाउनलोड कर 29 मई तक एप्लाई किया जा सकता है।

ज्ञात हो कि पूर्व में जारी की गई वैकेंसीज को कैंसिल कर दिया गया था। अब एक बार फिर वैकेंसीज निकाली गई है। जारी वैकेंसीज के अनुसार पीजीटी-इंग्लिश, पीजीटी/टीजीटी फिजिक्स, पीजीटी/टीजीटी-कम्प्युटर साइंस, टीजीटी-इंग्लिश, टीजीटी-संस्कृत, टीजीटी-आर्ट क्राफ्ट, टीजीटी-फिजिकल एजुकेशन, टीजीटी / पीआरटी म्युजिक (वोकल एंड इंस्ट्रुमेंटल), पीआरटी (लेडी टीचर) मैथ्स, पीआरटी (लेडी टीचर) एंड सोशल साइंस, पीआरटी (लेडी टीचर) प्री प्राइमरी विंग, पीआरटी लेडी टीचर फिजिकल एजुकेशन, पीआरटी (लेडी टीचर आर्ट एंड क्राफ्ट, स्टाफ नर्स फिमेल के पद पर भर्ती की जाएगी।

वेतनमान विद्यालय द्वारा सातवें वेतन आयोग के अनुपालन के अनुसार होगा। केन्द्र सरकार की दरों पर सीपीएफ, ग्रेच्युटी आदि की सुविधा मिलेगी। बीएसपी के हास्पिटल में निशुल्क चिकित्सा सुविधा और नाम मात्र किराये पर उपलब्धता के आधार पर बिना फर्निचर वाला आवास भी मिलेगा।

शहर की प्यास बुझाने मोंगरा से आएगा पानी

राजनांदगांव। शहर के आबादी की प्यास बुझाने अब मटियामोटी व खरखरा बांध से निर्भरता समाप्त हो जाएगी। इसके लिए जलसंसाधन विभाग द्वारा स्थायी समाधान निकाला जिसके तहत अंबागढ़ चौकी से करीब 53 किमी पाइप लाइन बिछाई जाएगी। जिसमें 174 करोड़ रूपए खर्च कर राजनांदगांव के शिवनाथ नदी तक पानी लाया जाएगा जिसके बाद हर साल बालोद के मटियामोटी और खरखरा से पानी लेने को समस्या दूर हो जाएगी।

जल संसाधन विभाग द्वारा मोंगरा से पाइप लाइन के जरिए पानी लाने की प्लानिंग की जा रही है। इसके लिए 174 करोड़ रूपए का प्रस्ताव तैयार कर इसे शासन की भेजा गया है। इस पाइप लाइन के बिछने से गर्मी के दिनों में कीमती पेयजल की बर्बादी रुकेगी, वहीं कैनाल से पानी लाने की झंझट दूर होगी। अफसरों ने बताया कि इसे बजट में शामिल कर लिया गया है। वित्तिय स्वीकृति के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा। बहरहाल डीपीआर तैयार भी कर लिया गया है। करीब 53 किमी तय कर बैराज से छोड़ा गया पानी यहां पहुंचेगा।

राजनांदगाव शहर के पेयजल संकट को दूर करने के लिए अमृत मिशन योजना के तहत बालोद जिले खरखरा बाप से पानी लाने की योजना बनाई गई थी, जिसके लिए लगभग 35-40 किमी इधर निगम ने किए करोड़ों रुपए स्वाहा लबी पाइप लाइन के माध्यम से पानी माहारा फिल्टर प्लाट तक लाने को प्लानिंग भी हलक तकनीकी विभागीय और किसानों के विरोध (अड़चनी) के कारण यह परियोजना लाइन बिछने के बाद भी फायदेमंद साबित नहीं हो पाया।

योजना का उद्देश्य था कि गर्मियों में शहर की 90 लाख लीटर पानों की कमी को पूरा करने के लिए लगभग 300 एमएलडी पानी लाने की योजना थी, जिससे मोगरा बैराज पर निर्भरता दूर हो सके। हालांकि रख बोर बंधन द्वारा पानी की कमी का हवाला देकर पानी देने से इंकार और किसानों द्वारा (पाइपलाइन के लिए जमीन देने में आपत्ति के कारण काम प्रभावित हो गया। लेकिन इसमें करोड़ों रूपए नगरनिगम ने फेंक दिए।

पानी की चोरी और बर्बादी भी रुकेगी : जलसंसाधन विभाग की माने तो मोगरा बैराज से शिवनाथ नदी का पानी आने में चार से पांच दिन लग जाता है। वहीं कैनाल से पानी आने के कारण कुछ जगह मरम्मत नहीं होने जाएगा और पानी को बबादों और बीच बीच में सिचाई के लिए पानी को चोरी भी की स्थिति में पानी की बर्बादी होती है। लेकिन पाइप लाइन बिछाने से तेजी से पानी नदी तक पहुंचेगी।

आरटीआई के नाम पर अवैध वसूली पर सचिवों ने खोला मोर्चा

मानपुर। ग्राम पंचायतों में कार्यरत सचिवों ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) नाम पर अवैध वसूली किए जाने का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। सचित्रों का कहना है कि कुछ लोग बड़ी संख्या में आवेदन लगाकर पंचायतों पर दबाव बना रहे हैं और जानकारी देने के नाम पर पैसों की मांग कर रहे हैं। मामले को लेकर सचिव संघ ने मानपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

सचिवों के अनुसार, ऑनलाइन माध्यम से एक साथ 100 से 150 तक आवेदन लगाए जा रहे हैं। जबकि सूचना का अधिकार अधिनियम में आवेदन की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। ऐसे में पंचायतों पर अनावश्यक दबाव बनता है और विकास कार्य प्रभावित होते हैं। सचिव संघ ने मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित दस्तावेज पुलिस को सौंपे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

सचिव संघ ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च न्यायालय की शरण लेने के लिए बाध्य होंगे। मानपुर थाना प्रभारी ब्रजेश सिन्हा ने बताया कि पंचायत सचिवों की शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है।

सचिवों का आरोप है कि कुछ लोग एक ही बीपीएल प्रमाण पत्र का उपयोग कर खुद को गरीबी रेखा से नीचे दर्शाते हुए निःशुल्क जानकारी के लिए आवेदन कर रहे हैं, जो नियमों के विपरीत है। बताया गया कि अमलेश्वर डोंगरी निवासी एक व्यक्ति के नाम से कई ग्राम पंचायतों में एक साथ 70 से 80 आवेदन लगाए गए।

जांच में सामने आया कि एक ही बीपीएल प्रमाण पत्र का उपयोग कई लोगों द्वारा किया जा रहा है। सचिवों का यह भी आरोप है कि जानकारी उपलब्ध कराने के बदले फोन के माध्यम से पैसों की मांग की जा रही है। इसके लिए क्यूआर कोड भेजकर राशि ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जाता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और शिकायत से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से विभागीय कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं। हड़ताल के चलते बीज निगम एवं कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर व्यापक असर पड़ा है और कई स्थानों पर कामकाज ठप होने की स्थिति निर्मित हो गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कर्मचारियों ने अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर 30 अप्रैल 2026 को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की थी। इसके पश्चात 1 मई से 4 मई तक काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया गया। प्रबंधन द्वारा कोई ठोस पहल नहीं किए जाने पर 5 मई से राजधानी रायपुर स्थित तुता धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रारंभ की गई, जो वर्तमान में जारी है।

मिल रही जानकारी अनुसार हड़ताल का सीधा असर बीज निगम के जमीनी कार्यों पर पड़ा है। बीज भंडारण, परिवहन रखरखाव, लोडिंग-अनलोडिंग, तथा किसानों तक बीज वितरण की प्रक्रिया लगभग ठप हो चुकी है। कई जिलों के गोदामों में कार्य बंद है तथा कार्यालयों में सन्नाटा देखा जा रहा है।

कर्मचारियों का कहना है कि निगम में स्थायी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संख्या सीमित है, जबकि अधिकांश कार्य वर्षों से दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों द्वारा ही संपादित किया जाता रहा है। इसके बावजूद उनके योगदान को अपेक्षित मान्यता नहीं मिल रही है।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। हड़ताल से यह स्पष्ट हो गया है कि दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की अनुपस्थिति में बीज निगम का संचालन गंभीर रूप से प्रभावित होता है।

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