पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने उचाना में प्रेस वार्ता कर विधायक रामकुमार गौतम को मानहानि का नोटिस भेजने और मुख्यमंत्री नायब सैनी की नीतियों पर निशाना साधा।
संजय कुमार, जींद। जिले के उचाना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने भाजपा विधायक रामकुमार गौतम पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि रामकुमार गौतम द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला को लेकर जो अमर्यादित टिप्पणी की गई है, वह बेहद निंदनीय है। इससे ओमप्रकाश चौटाला के तमाम समर्थकों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। दुष्यंत चौटाला ने एलान किया कि वे इस आपत्तिजनक बयान को लेकर रामकुमार गौतम को कानूनी (लीगल) नोटिस भेजेंगे। उन्होंने कहा कि गौतम को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और माफी मांगने के बावजूद भी उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा।
संविधान और इतिहास का हवाला देते हुए विधायक की सोच पर उठाए सवाल
दुष्यंत चौटाला ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि रामकुमार गौतम और उनका बेटा खुद कानून के जानकार हैं, फिर भी वे ऐसी छोटी सोच से समाज का बंटवारा कर रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के कार्यकाल में हरियाणा के एडवोकेट जनरल (AG) रहे सूर्यकांत शर्मा आज देश के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (CJI) हैं। दुष्यंत चौटाला ने राज्य की मौजूदा सरकार को घेरते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ‘यू-टर्न मुख्यमंत्री’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम के सलाहकार बेहद कमजोर हैं, जिसके कारण सरकार को दो साल के भीतर अपने अनेकों प्रशासनिक फैसलों को बार-बार बदलना और पीछे हटना पड़ा है।
देश के आर्थिक हालात, महंगाई और बदहाल मंडियों पर उठाए गंभीर सवाल
देश और प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर बोलते हुए पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि आज देश में वैश्विक महामारी से ज्यादा आर्थिक संकट के हालात बन चुके हैं। उन्होंने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि डॉलर लगातार महंगा हो रहा है, तेल की किल्लत के चलते चंडीगढ़ के पेट्रोल पंपों पर सीमा तय करने के पंपलेट लग रहे हैं और रसोई गैस सिलेंडर ब्लैक में मिल रहा है। स्थानीय मुद्दों को उठाते हुए उन्होंने कहा कि वे स्वयं उचाना मंडी से होकर आए हैं, जहां आज भी 20 प्रतिशत गेहूं का उठान नहीं हो पाया है और किसान अपनी पेमेंट व फसल उठान का इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में 8-8 घंटे के लंबे बिजली कट लग रहे हैं।
एनसीआर वाहन नीति और विपक्षी दलों को एकजुट होने की बड़ी अपील
नायब सैनी कैबिनेट द्वारा दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पेट्रोल और डीजल की पुरानी गाड़ियां न चलने देने के फैसले पर सवाल उठाते हुए दुष्यंत ने पूछा कि क्या यह कानूनी तौर पर लागू हो पाएगा? उन्होंने कहा कि जब कोई वाहन मालिक 10 साल का एडवांस रोड टैक्स जमा करा देता है, तो नेशनल मोटर व्हीकल एक्ट से ऊपर जाकर सरकार उसे सड़क से कैसे हटा सकती है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। अंत में दुष्यंत चौटाला ने भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिए सभी विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील की ताकि ‘एक और एक ग्यारह’ बनकर इस व्यवस्था को सुधारा जा सके।

