सिरसा: रक्षाबंधन के पर्व पर चौटाला परिवार से जुड़ा एक ऐसा कदम सामने आया है, जिसने हरियाणा की सियासत में चर्चाओं को हवा दे दी है। पूर्व डिप्टी सीएम एवं जेजेपी नेता दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला ने अपने पैतृक गांव चौटाला में शुक्रवार को मकान की नींव रखी। गांव में अब तक चौटाला परिवार का अपना मकान नहीं था। ऐसे में पैतृक गांव में कोठी बनाने की शुरुआत को राजनीतिक नजरिए से भी अहम माना जा रहा है।
चौटाला गांव से गौशाला रोड नेशनल हाईवे की तरफ जाता है। इसी रोड पर धान मंडी के पास जेजेपी सुप्रीमो अजय चौटाला की जमीन है। इसी जमीन पर नए मकान की नींव रखी गई। इस दौरान दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला के अलावा उनके समर्थक, खेत पड़ोसी राजेश सहारण सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
दो-तीन एकड़ में कोठी बनाने की तैयारी
जानकारी के मुताबिक, चौटाला परिवार यहां करीब दो से तीन एकड़ में कोठी बनाने की तैयारी में है। जिस जगह मकान प्रस्तावित है, वहां करीब एक से डेढ़ एकड़ में खड़ी ज्वार की फसल कटवाई गई और जमीन की जुताई कराई गई है।
बताया जा रहा है कि पहले गांव में किसी दूसरी जगह मकान बनाने की तैयारी थी, लेकिन बाद में शांत माहौल और उपयुक्त स्थान को देखते हुए इसी जगह का चयन किया गया। फिलहाल यहां सिर्फ नींव रखी गई है, मकान का निर्माण अभी पूरा होना बाकी है।
सिर्फ मकान नहीं, सियासी संकेत भी?
पैतृक गांव में कोठी बनाने के इस फैसले को महज पारिवारिक कदम के तौर पर नहीं देखा जा रहा। जेजेपी पिछले कुछ समय से हरियाणा की राजनीति में अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में चौटाला परिवार का अपने पैतृक गांव में सक्रिय रूप से ठिकाना तैयार करना आने वाले समय की राजनीतिक रणनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
चौटाला गांव में करीब 12 हजार मतदाता हैं और यह इलाके के बड़े गांवों में शामिल है। दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला की राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए पैतृक गांव में कोठी का निर्माण आने वाले समय में पार्टी के लिए स्थानीय स्तर पर संपर्क और संगठन को मजबूत करने का केंद्र बन सकता है।
डबवाली से आगे पूरे हरियाणा पर नजर?
जेजेपी की राजनीति भले ही सिरसा और डबवाली क्षेत्र से गहराई से जुड़ी रही हो, लेकिन चौटाला परिवार की राजनीतिक विरासत का दायरा हमेशा पूरे हरियाणा तक रहा है। ऐसे में पैतृक गांव में नए मकान की नींव को केवल डबवाली की राजनीति तक सीमित करके देखना जल्दबाजी होगी।
दुष्यंत चौटाला हरियाणा के डिप्टी सीएम रह चुके हैं, जबकि दिग्विजय चौटाला भी लगातार सक्रिय राजनीति में हैं। ऐसे में दोनों नेताओं का पैतृक गांव में कोठी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाना चौटाला परिवार की राजनीतिक सक्रियता को नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी का संकेत माना जा रहा है।
देवीलाल-ओपी चौटाला की विरासत की याद
चौटाला परिवार की सियासत में पैतृक गांव का अपना अलग महत्व रहा है। एक दौर में पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल ने इसी राजनीतिक विरासत के सहारे देश और प्रदेश की राजनीति में अपनी पहचान बनाई। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला ने तेजाखेड़ा फार्म हाउस से हरियाणा की राजनीति में लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अब नई पीढ़ी के दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला का पैतृक गांव में कोठी बनाने की शुरुआत करना इस विरासत से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ एक मकान की नींव है या चौटाला परिवार की हरियाणा की सियासत में एक नई राजनीतिक तैयारी की भी शुरुआत? आने वाला समय इसका जवाब देगा।
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