Lifestyle Desk – तेज गर्मी में ठंडक पाने के लिए लोग अक्सर बाजारों में मिलने वाले रंग-बिरंगे बर्फ के गोले खाना पसंद करते हैं. खासकर बच्चों और युवाओं में इसकी लोकप्रियता काफी ज्यादा होती है. सड़क किनारे मिलने वाले ये बर्फ के गोले स्वाद में भले ही मजेदार लगते हों, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इनका अधिक सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. गर्मी से राहत देने वाला यह ठंडा स्वाद कई बार बीमारियों को भी न्योता दे देता है. अगर आप भी ये बर्फ गोला बड़े चाव से खाते हैं तो अभी सावधान हो जाइए क्योंकि ये आपके सेहत के लिए बहुत ही ज़्यादा नुकसानदायक साबित होता है. आइए जानते हैं कैसे.

खराब पानी से बना बर्फ होता है इस्तेमाल
खुले में बिकने वाले बर्फ के गोलों में इस्तेमाल होने वाली बर्फ हमेशा साफ पानी से तैयार नहीं की जाती. कई दुकानदार सामान्य या अशुद्ध पानी से बनी बर्फ का उपयोग करते हैं, जिससे पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं. दूषित पानी के कारण टाइफाइड, डायरिया, उल्टी और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
कृत्रिम रंगों से बना सिरप
इसके अलावा बर्फ के गोलों में डाले जाने वाले रंगीन सिरप भी सेहत के लिए सुरक्षित नहीं माने जाते. कई जगहों पर सस्ते और कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किया जाता है, जिनमें केमिकल की मात्रा अधिक हो सकती है. लंबे समय तक ऐसे रंगों का सेवन करने से एलर्जी, त्वचा संबंधी परेशानियां और लीवर पर बुरा असर पड़ सकता है. बच्चों की सेहत पर इसका असर और ज्यादा देखने को मिलता है क्योंकि उनका इम्यून सिस्टम कमजोर होता है.
हो सकता है गले का संक्रमण
बहुत ज्यादा ठंडी चीजें खाने से गले में संक्रमण की समस्या भी हो सकती है. बर्फ का गोला खाने के तुरंत बाद गला खराब होना, खांसी या सर्दी-जुकाम होना आम बात है. जिन लोगों को साइनस, अस्थमा या टॉन्सिल की परेशानी होती है, उन्हें खासतौर पर इससे बचने की सलाह दी जाती है.
धूल- मिट्टी से हो जाता है प्रदूषित
सड़क किनारे खुले में बिकने वाले बर्फ के गोले धूल-मिट्टी और प्रदूषण के संपर्क में भी रहते हैं. कई बार इन्हें बिना ढके रखा जाता है, जिससे बैक्टीरिया और वायरस आसानी से इनमें पहुंच सकते हैं. साफ-सफाई की कमी के कारण संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है. वहीं कुछ दुकानदार एक ही बर्तन या हाथों का इस्तेमाल लगातार करते रहते हैं, जिससे हाइजीन प्रभावित होती है.
इन विकल्पों को चुनें
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के लिए प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प अपनाने चाहिए. घर में बने ताजे फलों के जूस, नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी और मौसमी फलों का सेवन शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है. अगर बर्फ का गोला खाना ही हो तो केवल साफ-सफाई का ध्यान रखने वाली जगह से ही खरीदें. गर्मी के मौसम में स्वाद के साथ सेहत का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है. थोड़ी सी लापरवाही आपकी सेहत बिगाड़ सकती है. इसलिए बाहर की ठंडी चीजें खाते समय स्वच्छता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें.

