कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। एमपी के मुरैना में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के औचक निरीक्षण में शिक्षा और बच्चों से जुड़ी व्यवस्थाओं की गंभीर तस्वीर सामने आई है। खड़ियाहार गांव में महज दो कमरों में संचालित मदरसा के रिकॉर्ड में 445 बच्चों का दाखिला दर्ज मिला, लेकिन मौके पर सिर्फ 35 बच्चे पढ़ते हुए मिले। रिकॉर्ड में दर्ज अधिकांश बच्चों के नियमित रूप से मदरसे नहीं आने की बात भी सामने आई है। निरीक्षण के बाद आयोग अध्यक्ष ने मदरसे को सील करा दिया और शिक्षा विभाग को मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं ज्ञानोदय आवासीय छात्रावास के निरीक्षण में भी सफाई, भोजन, सुरक्षा और व्यवस्थाओं से जुड़ी कई कमियां मिलीं।

अधिकांश बच्चे हिंदू बताए गए

मुरैना जिले के खड़ियाहार गांव में संचालित मदरसा आयसा इस्लामिया में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ निवेदिता शर्मा ने अचानक पहुंचकर निरीक्षण किया। उनके साथ शिक्षा विभाग और बाल कल्याण समिति के अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान मदरसा महज दो कमरों और छोटे से आंगन में संचालित मिला। दोनों कमरों में उस वक्त सिर्फ 35 बच्चे पढ़ते हुए मिले, जब मदरसे का दाखिला रिकॉर्ड खंगाला गया तो अधिकारियों के सामने चौंकाने वाली स्थिति आई। रिकॉर्ड में कुल 445 बच्चों के नाम दर्ज थे। अधिकारियों के मुताबिक, रिकॉर्ड में दर्ज अधिकांश बच्चे हिंदू बताए गए, लेकिन ये बच्चे नियमित रूप से मदरसे में पढ़ने नहीं आते थे। दो कमरों की क्षमता और रिकॉर्ड में दर्ज बच्चों की संख्या के बीच बड़ा अंतर मिलने पर मदरसे की व्यवस्थाओं और रिकॉर्ड पर सवाल खड़े हुए।

रिकॉर्ड में दर्ज बच्चों का दूसरी स्कूलों में होगा दाखिला

आयोग अध्यक्ष ने मदरसा प्रबंधन से बच्चों के दाखिले और संचालन से जुड़े जरूरी रिकॉर्ड मांगे, लेकिन कई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए जा सके। निरीक्षण में सामने आई इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए आयोग अध्यक्ष ने मदरसे को तत्काल सील कराने के निर्देश दिए। साथ ही शिक्षा विभाग की सहायक संचालिका को मदरसे की मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई शुरू करने को कहा गया। हालांकि आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्रवाई के बीच बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। रिकॉर्ड में दर्ज बच्चों की शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उन्हें नजदीकी प्राथमिक स्कूलों में प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। अब संबंधित विभाग मदरसे के रिकॉर्ड और संचालन से जुड़े पूरे मामले की आगे जांच करेगा।

ज्ञानोदय आवासीय छात्रावास में भी मिली कमियां

मदरसे के बाद आयोग अध्यक्ष ने ज्ञानोदय आवासीय छात्रावास का भी निरीक्षण किया। यहां सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल सामने आए और अधिकारियों के मुताबिक, मीनू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा था। छात्रावास में बच्चों के लिए बनाए गए खेल ऑडिटोरियम पर ताला लगा मिला। यानी सुविधा मौजूद होने के बावजूद बच्चे उसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे। इस पर आयोग अध्यक्ष ने नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान अधीक्षिका रामबेटी से निरीक्षण पंजी मांगी गई, लेकिन बार-बार कहने के बावजूद पंजी उपलब्ध नहीं कराई गई। छात्रावास भवन की कई खिड़कियां भी टूटी मिलीं। बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े इस मामले पर आयोग अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए खिड़कियों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही छात्रावास में मिली दूसरी कमियों को भी दूर करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

बहरहाल मुरैना में एक ही निरीक्षण के दौरान दो अलग-अलग संस्थानों में बच्चों से जुड़ी व्यवस्थाओं की तस्वीर सामने आई है। एक ओर मदरसे के रिकॉर्ड में 445 बच्चों का दाखिला और मौके पर सिर्फ 35 बच्चे मिले, तो दूसरी ओर आवासीय छात्रावास में भोजन, सफाई, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर कमियां सामने आईं। अब मदरसे के रिकॉर्ड और मान्यता की कार्रवाई के साथ-साथ छात्रावास की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर नजर रहेगी।

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