​Automobile Desk – Brezza vs Venue : भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में 4-मीटर से छोटी सब-कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में Maruti Suzuki Brezza और Hyundai Venue के बीच हमेशा कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है। ये दोनों गाड़ियां न सिर्फ शहर के ट्रैफिक में चलाने के लिए आरामदायक हैं, बल्कि लंबी दूरी के सफर के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प मानी जाती हैं। हाल के दिनों में Brezza में कई नए बदलाव और अपडेट देखने को मिले हैं, वहीं Venue अपने आधुनिक फीचर्स, लुक्स और कई इंजन विकल्पों के कारण ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई है।

​यदि आप इन दोनों में से किसी एक कार को फाइनेंस पर खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो सिर्फ एक्स-शोरूम कीमत जानना ही काफी नहीं है। आपको यह भी समझना होगा कि हर महीने आपकी जेब पर कितना वित्तीय बोझ पड़ेगा और किसकी मंथली किस्त (EMI) ज्यादा बजट-फ्रेंडली साबित होगी।

​लोन के गणित को समझने के लिए यदि 9.5 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर और 4 साल (48 महीने) की अवधि को आधार माना जाए, तो दोनों गाड़ियों के शुरुआती और टॉप मॉडल के खर्च में काफी अंतर आता है। मान लीजिए कि कोई ग्राहक एक्स-शोरूम कीमत के बराबर लोन अमाउंट तय करता है, तो फाइनेंस का पूरा हिसाब-किताब कुछ इस प्रकार रहेगा:

​Maruti Brezza के बेस वेरिएंट (LXI Turbo) की एक्स-शोरूम कीमत ₹7,39,900 के आसपास शुरू होती है। इस कीमत पर 4 साल के लोन टेन्योर के साथ हर महीने लगभग ₹18,589 की EMI बनती है। वहीं अगर इसके सबसे महंगे टॉप मॉडल (ZXI+ AT) की बात करें, जिसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹13,70,500 है, तो इसकी मासिक किस्त बढ़कर तकरीबन ₹34,431 प्रति माह तक पहुंच जाती है।

​दूसरी ओर, Hyundai Venue का शुरुआती पेट्रोल मॉडल (1.2 Kappa Petrol MT HX2) ₹7,99,900 की एक्स-शोरूम कीमत पर उपलब्ध है। इसके लिए ग्राहक को लगभग ₹20,096 की मंथली किस्त चुकानी होगी। यदि आप Venue का सबसे प्रीमियम डीजल ऑटोमैटिक वेरिएंट (1.5 CRDi Diesel AT DSL HX10 DT) चुनते हैं, जिसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹15,82,700 है, तो इसके लिए हर महीने करीब ₹39,762 की EMI का भुगतान करना होगा।

​इस वित्तीय तुलना से साफ है कि Maruti Brezza की EMI सीमा ₹18,589 से लेकर ₹34,431 तक रहती है, जबकि Hyundai Venue के लिए यह दायरा ₹20,096 से शुरू होकर ₹39,762 तक जाता है। यानी शुरुआती और टॉप दोनों ही वेरिएंट्स के स्तर पर Brezza का मासिक खर्च Venue की तुलना में कम बैठता है। हालांकि, गाड़ियों की वास्तविक किस्त ग्राहक द्वारा दिए जाने वाले डाउन पेमेंट, बैंक के नियमों, सिबिल स्कोर और चुनी गई लोन अवधि के आधार पर भिन्न हो सकती है।