Lifestyle Desk – नवरात्रि, एकादशी या सावन जैसे व्रतों में फलाहार के लिए सिंघाड़े का आटा सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। इससे बनी पूड़ी, चीला, हलवा और पकौड़ी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा भी देती हैं। यही वजह है कि व्रत के दौरान यह लोगों की पहली पसंद बन जाता है। लेकिन बढ़ती मांग के बीच बाजार में मिलावटी सिंघाड़े के आटे की बिक्री भी चिंता का विषय बन चुकी है।

कई जगहों पर सिंघाड़े के आटे में सस्ता अरारोट, मैदा या अन्य स्टार्च मिलाकर बेचा जाता है। यह मिलावट न सिर्फ व्रत की शुद्धता को प्रभावित कर सकती है, बल्कि खाली पेट इसका सेवन करने से पाचन संबंधी समस्याएं, गैस, अपच और अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी हो सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि व्रत के लिए आटा खरीदते समय उसकी शुद्धता की जांच जरूर कर लें। आइए जानते हैं कैसे करें सिंघाड़े के आटे की पहचान।

रंग और बनावट पर दें ध्यान


शुद्ध सिंघाड़े का आटा हल्के भूरे या ऑफ-व्हाइट रंग का होता है। इसकी बनावट थोड़ी दरदरी महसूस होती है। यदि आटा बहुत ज्यादा सफेद, चमकदार या बेहद महीन दिखाई दे, तो उसमें अरारोट या किसी अन्य स्टार्च की मिलावट हो सकती है।

खुशबू से पहचानें


असली सिंघाड़े के आटे में हल्की प्राकृतिक और मिट्टी जैसी खुशबू होती है। अगर आटे में किसी तरह की कृत्रिम गंध हो या बिल्कुल भी खुशबू न आए, तो उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठ सकते हैं।

पानी में मिलाकर करें टेस्ट

एक गिलास पानी में एक चम्मच आटा डालें और अच्छी तरह मिलाएं। शुद्ध सिंघाड़े का आटा धीरे-धीरे नीचे बैठ जाता है, जबकि मिलावटी आटे में पानी ज्यादा गाढ़ा हो सकता है या कुछ कण अलग तरह से तैरते नजर आ सकते हैं।

पकाने के बाद भी करें जांच


शुद्ध सिंघाड़े के आटे से बनी पूड़ी या चीला हल्की कुरकुरी बनावट और प्राकृतिक स्वाद देता है। यदि खाने के बाद स्वाद अजीब लगे या बनावट बहुत ज्यादा चिपचिपी महसूस हो, तो मिलावट की आशंका हो सकती है।

खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान

  1. हमेशा भरोसेमंद ब्रांड या विश्वसनीय दुकान से ही सिंघाड़े का आटा खरीदें।
  2. पैक्ड आटा खरीद रहे हैं तो पैकेजिंग, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट जरूर देखें।
  3. बहुत सस्ता आटा खरीदने से बचें, क्योंकि कम कीमत के नाम पर मिलावटी उत्पाद मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
  4. यदि संभव हो तो साबुत सिंघाड़ा खरीदकर विश्वसनीय चक्की से पिसवाना बेहतर विकल्प हो सकता है।

सेहत और आस्था, दोनों के लिए जरूरी है सावधानी

व्रत के दौरान लोग शुद्ध और सात्विक भोजन का सेवन करते हैं, इसलिए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। मिलावटी सिंघाड़े का आटा न केवल स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी कई लोग इसे उचित नहीं मानते। इसलिए थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर आप अपने व्रत को सुरक्षित, शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक बना सकते हैं।
अगर इस बार आप व्रत के लिए सिंघाड़े का आटा खरीदने जा रहे हैं, तो इन आसान तरीकों से उसकी जांच जरूर करें। सही उत्पाद का चुनाव न केवल आपके स्वाद को बेहतर बनाएगा, बल्कि पूरे दिन शरीर को आवश्यक ऊर्जा भी देगा।