कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य/डीआर कांगो में इबोला (Ebola) वायरस का प्रकोप अभी भी जारी है. देश में इस बीमारी के 8,067 मामले सामने आ चुके हैं और 3,901 लोगों की मौत हो चुकी है. यह कांगो में इबोला का 17वां और अब तक का सबसे घातक प्रकोप है. विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के मुताबिक, अस्पताल में पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो रही है.
डीआर कांगो में इबोला के मामले बढ़ते जा रहे हैं. देश में इबोला से 8,000 से ज़्यादा लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हो गई है. देश में इस घातक बीमारी को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की कमी हो रही है.
कांगो में इबोला का प्रकोप अब बेकाबू होता दिख रहा है. पिछले सप्ताह, WHO ने कहा कि कांगो में बीमारी को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की कमी हो रही है. स्वास्थ्यकर्मियों ने वेतन में देरी या वेतन न मिलने की शिकायत की है, जिसके चलते प्रकोप की संवेदनशीलता को देखते हुए कई हड़तालें हुईं.
WHO ने आगे कहा कि इसका साफ मतलब यह है कि लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा. इसके साथ ही बीमारी की पहचान में देरी और समय पर इलाज ना मिल पाना भी इन मौतों का बड़ा कारण है.
डीआर कांगो में इबोला के कुल मामलों की संख्या 8,000 पार हो गई है। सरकार की तरफ से यह आंकड़ा जारी किया गया, जिसकी जानकारी देश के स्वास्थ्य अधिकारियों ने दी.
रविवार को कांगो की सत्तारूढ़ पार्टी UDPS के अधिकारी मैरी-सेलेस्टिन करोंडवा पर भी हमला किया गया. पार्टी के मुताबिक, उन्होंने रेडियो कार्यक्रम में सरकार के इबोला से जुड़े कदमों का बचाव किया था. इबोला की भयावहता को देखते हुए रोकथाम के लिए तेजी से संसाधन लगाए जा रहे हैं. इसका असर दूसरी स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ रहा है.
डीआर कांगो में इबोला की वजह से मरने वालों की संख्या 4,000 के करीब पहुंच गई है। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़े के अनुसार इस बीमारी की वजह से देश में अब तक 3,901 मौतों की पुष्टि हो चुकी है और मृत्यु दर 48.4% रही है.
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