अभिषेक सेमर, तखतपुर। छत्तीसगढ़ के तखतपुर क्षेत्र से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां शासकीय प्राथमिक विद्यालय स्टेशन पारा के नन्हे विद्यार्थी पिछले कई दिनों से पेड़ की छांव में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्कूल भवन जर्जर होने के कारण दो वर्षों से कक्षाएं एक निजी मकान में संचालित की जा रही थीं, लेकिन मकान मालिक द्वारा निजी आवश्यकता के चलते मकान खाली कराने के बाद अब बच्चों के पास पढ़ाई के लिए कोई सुरक्षित भवन नहीं बचा है।
जानकारी के अनुसार, विद्यालय का मूल भवन लंबे समय से जर्जर है, जिसके चलते शिक्षा विभाग ने अस्थायी व्यवस्था के रूप में निजी मकान में कक्षाएं संचालित कराई थीं। अब वह व्यवस्था भी समाप्त हो चुकी है। ऐसे में शिक्षक खुले आसमान के नीचे पेड़ की छांव में बच्चों को पढ़ाने के लिए मजबूर हैं।

खुले में पढ़ाई करना बच्चों के लिए बड़ी चुनौती
बारिश और गर्मी के मौसम में खुले में पढ़ाई करना बच्चों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करते बच्चों का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी कई बार शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उनका कहना है कि बच्चों को सुरक्षित भवन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
जल्द विद्यालय के लिए वैकल्पिक भवन की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द विद्यालय के लिए वैकल्पिक भवन की व्यवस्था की जाए और नए स्कूल भवन का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो। एक ओर सरकार बेहतर शिक्षा, स्मार्ट स्कूल और आधुनिक सुविधाओं के दावे कर रही है, वहीं तखतपुर की यह तस्वीर उन दावों की जमीनी हकीकत बयां कर रही है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिम्मेदार अधिकारी इन मासूम बच्चों को पेड़ की छांव से निकालकर सुरक्षित कक्षाओं तक कब पहुंचा पाते हैं।
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