Business Desk – Eicher Motors Share Price : Eicher Motors Share Price में मंगलवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में तेज बिकवाली के बाद शेयर निचले स्तरों से कुछ संभला, लेकिन दोपहर तक यह निफ्टी का टॉप लूजर बना रहा.

करीब 12 बजे एनएसई पर कंपनी का शेयर 290 रुपए यानी 3.91 प्रतिशत टूटकर 7,138 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था. दिन के दौरान शेयर ने 7,392.50 रुपए का हाई और 6,942.50 रुपए का लो बनाया. वहीं, इसका 52 सप्ताह का उच्च स्तर 8,230 रुपए और निचला स्तर 5,353 रुपए है.

दिल्ली की नई EV पॉलिसी बनी गिरावट की बड़ी वजह

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आयशर मोटर्स के शेयर में गिरावट की मुख्य वजह दिल्ली सरकार की नई EV पॉलिसी है. इस नीति के तहत 1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स (EV Two-Wheelers) का ही नया रजिस्ट्रेशन होगा.

वहीं, 1 जनवरी 2028 से पेट्रोल और अन्य ICE (Internal Combustion Engine) टू-व्हीलर्स का नया रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाएगा. दिल्ली देश के कुल टू-व्हीलर बाजार का करीब 3 प्रतिशत हिस्सा रखती है, जिससे इस फैसले का असर ऑटो कंपनियों पर पड़ सकता है.

Royal Enfield के लिए बढ़ी चुनौती

नई EV पॉलिसी को Royal Enfield के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. कंपनी के पोर्टफोलियो में फिलहाल सिर्फ एक इलेक्ट्रिक मॉडल है और दिल्ली के EV सेगमेंट में उसकी मौजूदगी सीमित है.

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कुल टू-व्हीलर बाजार में Royal Enfield की करीब 3.3 प्रतिशत हिस्सेदारी है. ऐसे में पेट्रोल मोटरसाइकिलों पर मजबूत पकड़ रखने वाली कंपनी के सामने अब इलेक्ट्रिक सेगमेंट में तेजी से विस्तार की चुनौती खड़ी हो गई है.

EV रेंज बढ़ाने का बढ़ा दबाव

ऑटो सेक्टर के जानकारों का कहना है कि जिन कंपनियों के पास मजबूत इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो नहीं है, उन्हें आने वाले समय में नए EV मॉडल तेजी से लॉन्च करने होंगे. यदि ऐसा नहीं हुआ तो दिल्ली जैसे बड़े बाजार में उनकी हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है. नई समयसीमा को देखते हुए Royal Enfield पर अपनी इलेक्ट्रिक रेंज का विस्तार करने का दबाव काफी बढ़ गया है.

FY26 में कंपनी का प्रदर्शन रहा मजबूत

हालांकि, परिचालन प्रदर्शन के मोर्चे पर Eicher Motors का वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) मजबूत रहा है. कंपनी ने इस दौरान रिकॉर्ड रेवेन्यू, EBITDA और शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है. इसके बावजूद बाजार फिलहाल भविष्य की चुनौतियों और EV ट्रांजिशन को लेकर चिंतित नजर आ रहा है.

दिल्ली EV पॉलिसी पर नोमूरा की राय

ब्रोकरेज फर्म Nomura का मानना है कि दिल्ली की नई EV पॉलिसी का सबसे ज्यादा असर Indraprastha Gas Limited (IGL) पर पड़ सकता है, क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ने से लंबे समय में CNG की मांग घट सकती है. हालांकि MGL पर इसका सीधा असर सीमित रहने की उम्मीद है. वहीं, Gujarat Gas पर प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहेगा और भविष्य में घरेलू तथा औद्योगिक PNG कारोबार इसकी ग्रोथ का प्रमुख आधार बन सकता है.