अमृतसर। भारतीय चुनाव आयोग ने मतदाता सूचियों को अपडेट करने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तीसरे चरण का शेड्यूल जारी कर दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य जनगणना के तहत चल रही हाउस लिस्टिंग (घर-सूची प्रक्रिया) के साथ बेहतर तालमेल बिठाना है ताकि क्षेत्रीय मशीनरी का सही उपयोग हो सके।
मतदाता सूची सुधार का अंतिम पड़ाव
इस चरण के पूरा होने के बाद देशभर में मतदाता सूचियों के संशोधन का कार्य लगभग संपन्न हो जाएगा। हालांकि, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में इस प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित रखा गया है। आयोग के अनुसार, इन क्षेत्रों में जनगणना के दूसरे चरण और बर्फबारी जैसी मौसमी स्थितियों को देखते हुए शेड्यूल की घोषणा बाद में की जाएगी।
अभियान की मुख्य बातें
- घर-घर दस्तक: 3.94 लाख से अधिक बूथ लेवल ऑफिसर मतदाताओं के घर जाकर विवरण का सत्यापन करेंगे।
- व्यापक कवरेज: इस अभियान के तहत लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं को कवर किया जाएगा।
- राजनैतिक दलों की भागीदारी: विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट भी इस प्रक्रिया में सहायता करेंगे ताकि कोई गड़बड़ी न हो।
क्यों है यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण?
SIR के जरिए चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि मतदाता सूची में कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए और फर्जी या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए जाएं। जनगणना की प्रक्रिया के साथ इसका तालमेल होने से डेटा की सटीकता और बढ़ने की उम्मीद है।
पंजाब में भी इस अभियान को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं ताकि तय समय सीमा के भीतर मतदाता सूचियों का शुद्धिकरण किया जा सके।
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