नई दिल्ली। दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाले समय में बिजली बिल थोड़ा और महंगा हो सकता है। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने बिजली वितरण कंपनियों को सरचार्ज बढ़ाने की अनुमति दे दी है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं के मासिक बिल पर पड़ेगा। जानकारी के अनुसार, यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से बिजली खरीद लागत (Power Purchase Cost) में आए उतार-चढ़ाव की भरपाई के लिए की गई है। सरचार्ज में बदलाव के बाद बिजली की मूल दरों में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन अतिरिक्त शुल्क बढ़ने से कुल बिल की राशि में इजाफा देखने को मिल सकता है।इस निर्णय का सबसे अधिक प्रभाव पूर्वी और मध्य दिल्ली के उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है, जिन्हें BSES यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) बिजली आपूर्ति करती है। इसके अलावा अन्य वितरण कंपनियों के उपभोक्ताओं पर भी इसका आंशिक असर देखा जा सकता है।
दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है, जिससे बिजली वितरण कंपनियों को बढ़ी हुई बिजली खरीद लागत की भरपाई करने में मदद मिलेगी। यह सरचार्ज बिजली वितरण कंपनियों को तब वसूला जाता है जब बिजली खरीदने की लागत में अचानक वृद्धि होती है। इससे कंपनियां उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाले बिना अपनी बढ़ी हुई लागत को समायोजित कर पाती हैं। बिजली वितरण कंपनियों ने अप्रैल में आयोग के सामने तर्क दिया था कि बिजली खरीद की वास्तविक लागत में बढ़ोतरी हुई है। कंपनियों ने सरचार्ज वसूली की 10 प्रतिशत की अधिकतम सीमा में संशोधन की मांग की थी। उनका कहना था कि ईंधन के बढ़ते दाम और वैश्विक बाजार में अनिश्चितता के कारण बिजली उत्पादन और खरीद लागत में लगातार इजाफा हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, पूर्वी और मध्य दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) के उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में लगभग 5.7 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। वहीं, दक्षिण और पश्चिम दिल्ली के उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति करने वाली बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) के बिलों में करीब 3.4 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिल सकती है। इसके विपरीत, टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) के उपभोक्ताओं के बिलों में फिलहाल किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई जा रही है।
अबतक कितना फीसदी सरचार्ज
आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक बढ़ोतरी बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) के सरचार्ज में की गई है। इसे 11.71 प्रतिशत से बढ़ाकर 17.43 % कर दिया गया है, यानी कुल 5.72 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। BYPL पूर्वी और मध्य दिल्ली में बिजली आपूर्ति करती है। इसके बाद बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) के सरचार्ज को 14.51 प्रतिशत से बढ़ाकर 17.94 प्रतिशत करने की मंजूरी दी गई है, जिससे इसमें भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। यह कंपनी दक्षिण और पश्चिम दिल्ली के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति करती है। वहीं, टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) के सरचार्ज में लगभग स्थिरता देखने को मिली है। इसे 15.99 प्रतिशत से बढ़ाकर 16 प्रतिशत किया गया है, यानी इसमें बहुत मामूली बदलाव हुआ है। यह संशोधित दरें जून से लागू होंगी, जबकि उपभोक्ताओं को इसका प्रभाव जुलाई के बिजली बिलों में देखने को मिलेगा।
उपभोक्ताओं पर कितना असर?
जानकारी के अनुसार, बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) के उपभोक्ताओं, जिनका लोड 2 किलोवाट है और मासिक खपत लगभग 600 यूनिट है, उनके बिजली बिल में लगभग 170 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे उपभोक्ताओं का औसत बिल लगभग 3,766 रुपये से बढ़कर 3,936 रुपये तक पहुंच सकता है। इसी तरह बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL) के उपभोक्ताओं पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। अनुमान के मुताबिक, यहां 2 किलोवाट लोड और 600 यूनिट मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं के बिल में लगभग 102 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में उनका बिल 3,850 रुपये से बढ़कर करीब 3,952 रुपये तक पहुंच सकता है।
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