राकेश कथूरिया, कैथल। हरियाणा कर्मचारी महासंघ जिला कैथल की बैठक शुक्रवार को बस स्टैंड स्थित यूनियन कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान कर्मचंद मलिक और उपप्रधान ईश्वर ढांडा ने की। मंच संचालन जिला सचिव बलवान कुंडू ने किया।

बैठक में बिजली विभाग के कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों और सरकार की नीतियों पर चर्चा की गई। जिला कैशियर कुलदीप कुमार और प्रेस प्रवक्ता सत्यवान सिंह ने कहा कि बिजली बोर्ड में एग्री डिस्कॉम के माध्यम से गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली व्यवस्था को निजी हाथों में देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उन्होंने इसे निजीकरण की नीति बताते हुए आम जनता और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ बताया।

निजीकरण नीति के खिलाफ कर्मचारियों में रोष

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि बिजली विभाग का निजीकरण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में इस नीति का विरोध करते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की गई।

उन्होंने बिजली कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देने, एक्स-ग्रेशिया नीति में लगाई गई शर्तों को हटाने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग भी उठाई।

11 से 13 अगस्त तक हड़ताल का ऐलान

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। कच्चे कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जा रहा है। इसी के विरोध में बिजली विभाग के कर्मचारी 11, 12 और 13 अगस्त को तीन दिवसीय हड़ताल पर जाएंगे।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों को लागू नहीं किया तो कर्मचारी आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।

सभी विभागों के समर्थन का दावा

जिला महासचिव बलवान कुंडू ने कहा कि सरकार बिजली विभाग के कर्मचारियों को अकेला न समझे। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के अन्य विभागों के कर्मचारी भी बिजली कर्मचारियों के साथ खड़े हैं और आंदोलन में उनका समर्थन करेंगे।

बैठक में ये रहे मौजूद

इस अवसर पर राज्य नेता कृष्ण किछाना, महावीर संधू, राजेश कुमार, प्रधान प्रवीण कुमार, प्रदीप कुमार, सुशील कुमार, अमित कुमार, जसबीर सिंह, दिलबाग, शमशेर सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।

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