सुरेश पांडेय, सिंगरौली। भारत सरकार की मिनी रत्न कंपनी Northern Coalfields Limited (एनसीएल) की अमलोरी परियोजना में ओवरबर्डन (ओबी) ठेके पर काम कर रहे सैकड़ों मजदूरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बीपीएल-बीआईपीएल जॉइंट वेंचर कंपनी पर लाखों रुपये के घपले का गंभीर आरोप लगा है। 60 प्रभावित मजदूरों ने आम आदमी पार्टी के यूथ अध्यक्ष नीरज कुशवाहा के नेतृत्व में कलेक्टर गौरव बैनल से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई।
READ MORE: सनसनीखेज चोरी! शिवपुरी के नरवर किले से गायब हुई 400 साल पुरानी ऐतिहासिक तोप, 25-30 हथियारबंद बदमाशों ने वारदात को दिया अंजाम
मजदूरों ने बताया कि वे पीसी ऑपरेटर, डोजर ऑपरेटर, सुपरवाइजर सहित विभिन्न पदों पर वर्ष 2020 से लगातार काम कर रहे थे। अब ठेका खत्म होने के बाद कंपनी न केवल उनका जमा किया हुआ पैसा (कटौती राशि) लौटा रही है, बल्कि सभी 60 मजदूरों को नौकरी से भी निकाल दिया गया है। मजदूरों ने आरोप लगाया कि कंपनी ने उनके वेतन से हर महीने पैसे काटे, लेकिन अब ठेका समाप्त होने पर वह राशि नहीं लौटाई जा रही है। इससे मजदूरों पर दोहरी मार पड़ी है — नौकरी चली गई और जमा पैसा भी फंस गया।
READ MORE: शिप्रा नदी में बड़ा हादसा: 24 वर्षीय युवक की डूबने से मौत, SDERF और तैराक दल ने कड़ी मशक्कत से बाहर निकाला शव
कलेक्टर गौरव बैनल को मजदूरों की समस्या सुनने के बाद एडिशनल कलेक्टर एसपी त्रिपाठी ने तुरंत बीआईपीएल-बीपीएल कंपनी के अधिकारियों को तलब किया है। उन्होंने कंपनी से पूरी जानकारी मांगी है और नियमानुसार सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। इधर आप यूथ अध्यक्ष नीरज कुशवाहा ने कहा कि मजदूरों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मजदूरों का बकाया भुगतान तुरंत कराया जाए और उनकी नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

