अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में आज रोहतास जिले के सासाराम और डेहरी में लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी के ठिकानों पर ईओयू की टीम ने अचानक छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के एक बड़े मामले के तहत की जा रही है, जिसमें आरोपी इंजीनियर के खिलाफ लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपये की अवैध संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है।
कुल 6 ठिकानों पर एक साथ चल रही है रेड
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आर्थिक अपराध इकाई ने रोहतास जिले के दो प्रमुख ठिकानों के अलावा पटना के दानापुर और अन्य जगहों को मिलाकर कुल 6 ठिकानों पर एक साथ यह कार्रवाई शुरू की है। छापेमारी दल में शामिल अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है और वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच की जा रही है ताकि अवैध संपत्ति के स्रोतों का खुलासा हो सके।
कार्यालय से नदारद मिले कार्यपालक अभियंता
सासाराम पहुंचे आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के डीएसपी विजय कुमार गुप्ता ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि छापेमारी के दौरान आरोपी कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी अपने कार्यालय में मौजूद नहीं मिले। हालांकि, उनके नहीं होने के बावजूद टीम ने कार्यालय पहुंचकर तमाम जरूरी कागजातों और फाइलों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कार्यालय के दस्तावेजों में किसी तरह की वित्तीय अनियमितता या हेरफेर तो नहीं की गई है।
संपत्ति जब्ती और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी
ईओयू सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर ही मामला दर्ज किया गया है। छापेमारी पूरी होने के बाद मिले दस्तावेजों, बैंक खातों और बेनामी संपत्तियों के ब्योरे को सार्वजनिक किया जाएगा। इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी से रोहतास जिले के प्रशासनिक महकमे और अन्य सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी अभियंता के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भ्रष्टाचार के इस मामले में अन्य संलिप्त लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।


