दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज में सेंटेनरी शैक्षणिक भवन, कंप्यूटर केंद्र और कौशल विकास केंद्र का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने महिला सुरक्षा को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए राजधानी में एक लाख स्मार्ट स्ट्रीट लाइट और 50 हजार नए CCTV कैमरे लगाने की योजना की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार कई स्तरों पर काम कर रही है। राजधानी में एक लाख स्मार्ट स्ट्रीट लाइट लगाने और 50 हजार नए सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की हर बेटी निडर होकर आगे बढ़े, इसके लिए सरकार उसकी सुरक्षा, सम्मान और सपनों के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज के दौर में आधुनिक शिक्षा के साथ तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल भी बेहद जरूरी हैं। मुख्यमंत्री ने छात्राओं से अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखने और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने फैसले स्वयं लेने चाहिए और जीवन में आगे बढ़ने के लिए अपनी योग्यता तथा कौशल को लगातार विकसित करना चाहिए। उन्होंने शिक्षा को व्यक्तित्व निर्माण और आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव और तकनीकी दक्षता हासिल करने पर भी ध्यान देना चाहिए। इससे वे भविष्य की चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकेंगे।
कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जुड़ेंगी स्मार्ट लाइटें
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजधानी में एक लाख स्मार्ट स्ट्रीट लाइट लगाने और उन्हें कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे खराब लाइटों की पहचान करने और उन्हें निर्धारित समयसीमा में ठीक कराने में मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य अंधेरे वाले स्थानों यानी डार्क स्पॉट की संख्या कम करना और सार्वजनिक स्थानों पर रोशनी की व्यवस्था बेहतर बनाना है। इसके साथ ही दिल्ली में 50 हजार नए सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इन पहलों के जरिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं समेत सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
लड़कियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल उन पर नहीं : मुख्यमंत्री
महिला सुरक्षा के सामाजिक पहलू पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि लड़कियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल उन्हीं पर डालना उचित नहीं है। इसके लिए पूरे समाज को अपनी सोच बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लड़कों और पुरुषों को महिलाओं का सम्मान करना सिखाना जरूरी है। महिला सुरक्षा के लिए केवल तकनीकी उपाय पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज में सम्मान, समानता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी महत्वपूर्ण है।
छात्र जीवन से मिली जनसेवा की प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र जीवन में उन्होंने छात्राओं और विद्यार्थियों के हितों से जुड़े मुद्दे उठाए थे। उस दौरान लोगों की समस्याओं को करीब से समझने का अवसर मिला। आज व्यापक स्तर पर उन समस्याओं के समाधान के लिए काम करने का मौका मिलना उनके लिए संतोष का विषय है। उन्होंने छात्र जीवन के अनुभवों को अपने सार्वजनिक जीवन की महत्वपूर्ण नींव बताते हुए विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
छात्राओं ने किया आत्मरक्षा का प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान महिला विकास समिति की छात्राओं ने आत्मरक्षा का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्राओं के साहस, आत्मविश्वास और तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण लड़कियों को संकट की स्थिति में अपनी सुरक्षा करने के लिए तैयार करता है। इससे उनमें आत्मविश्वास और निर्भीकता भी बढ़ती है।
दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाएं छात्राएं
मुख्यमंत्री ने छात्राओं से कहा कि यदि कोई उनके साथ दुर्व्यवहार करता है या उन्हें डराने की कोशिश करता है, तो उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लड़कियों में आत्मविश्वास और जागरूकता बढ़ाना जरूरी है, ताकि वे किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहें। उन्होंने आश्वस्त किया कि दिल्ली सरकार बेटियों के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोपरि मानती है।
शैक्षणिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण सुविधाओं का लिया जायजा
मुख्यमंत्री ने कॉलेज में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं का निरीक्षण कर वहां संचालित गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। रीसाइक्लिंग और बेकरी यूनिट जैसी व्यवस्थाओं के जरिए विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देने के प्रयासों की भी जानकारी ली गई। इस दौरान कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। ऑडिटोरियम के नवीनीकरण की जरूरत पर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में सहयोग का आश्वासन दिया, जिससे कॉलेज में शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
‘मिस डीआरसी टैलेंट हंट’ का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मिस डीआरसी टैलेंट हंट’ की शुरुआत भी की। उन्होंने छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आत्मविश्वास के साथ मंच पर आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने और उन्हें निखारने के अवसर मिलने चाहिए।
कुलपति और कॉलेज प्रशासन के अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, दौलत राम कॉलेज की प्राचार्या प्रो. सविता रॉय, कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष मुकुल गुप्ता, विजय शंकर तिवारी सहित अन्य गणमान्यजन, शिक्षक और छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में कॉलेज की शैक्षणिक सुविधाओं, छात्राओं के कौशल विकास और प्रतिभा को प्रोत्साहित करने से जुड़े विषय प्रमुख रहे।
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