शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने के लिए महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने सूचना विभाग में हर शनिवार को “नो व्हीकल डे” (No Vehicle Day) के रूप में मनाने के निर्देश जारी किए हैं. महानिदेशक सूचना ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि हर शनिवार को कार्यालय आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन, साइकिल जैसे विकल्पों को अपनाएं.
महानिदेशक ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास सामूहिक रूप से बड़े सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं और यह पहल ऊर्जा संरक्षण के राष्ट्रीय अभियान को मजबूती प्रदान करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि विभाग स्वयं इस पहल को अपनाकर समाज के सामने एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करेगा. “नो व्हीकल डे” के माध्यम से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित किया जा सकेगा.
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बता दें कि बीते बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई थी. जिसमें राज्य में ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे. बैठक में सीएम ने कहा कि कोविड महामारी के बाद, रूस – यूक्रेन संघर्ष और वर्तमान में जारी पश्चिम एशिया के संकट के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विशेष तौर पर ईंधन, खाद्य पदार्थ और उर्वरकों पर दबाव बढ़ा है. इस वैश्विक संकट के कारण भारत भी बढ़ती ईंधन लागत, आयात निर्भरता और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है. उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्तमान हालात में नागरिकों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की है. जिसका जनसामान्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है. इसी क्रम में उत्तराखंड में भी कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं.
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री और मंत्रीगणों के वाहन फ्लीट में वाहनों की संख्या आधी करने को भी कहा था. वहीं सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे घोषित किया था. वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ही कार्य करने की बात कही थी. जन सामान्य को भी सप्ताह में एक दिन “No Vehicle Day” के लिए प्रेरित करने का फैसला कैबिनेट ने लिया था. सरकारी और निजी भवनों में AC के प्रयोग को सीमित करने का निर्णय लिया गया था.

