विकास कुमार, सहरसा। जिले में मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग के अधिकारियों और कर्मियों ने बुधवार को एक सराहनीय पहल करते हुए स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में हिस्सा लिया। सदर अस्पताल सहरसा के सहयोग से उत्पाद थाना परिसर में आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों की सहायता करने के साथ-साथ समाज में रक्तदान के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर कर लोगों को जागरूक करना था। इस सामाजिक सरोकार के कार्यक्रम में पुलिस बल और विभागीय कर्मियों ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
रक्तदान शिविर का मुख्य उद्देश्य और आयोजन
बुधवार को आयोजित इस शिविर की रूपरेखा समाज सेवा और मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई थी। उत्पाद थाना परिसर में लगे इस कैंप में सदर अस्पताल की मेडिकल टीम ने रक्त संग्रह का कार्य किया। कार्यक्रम का मुख्य केंद्र-बिंदु जरूरतमंदों के लिए रक्त की कमी को दूर करना और आपातकालीन स्थितियों में मरीजों की जान बचाना था। विभाग के कार्मिकों ने यह साबित कर दिया कि वे न केवल कानून व्यवस्था के पालन के लिए तत्पर रहते हैं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन में भी सबसे आगे हैं।



उत्पाद कर्मियों की सक्रिय भागीदारी
शिविर के दौरान उत्पाद विभाग के अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और अन्य कार्यालय कर्मियों ने बिना किसी संकोच के स्वेच्छा से रक्तदान किया। इस दौरान सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अमले का उत्साह देखते ही बनता था। हर एक कर्मी ने बारी-बारी से आकर रक्त दान किया और दूसरों के लिए एक प्रेरणादायी मिसाल पेश की। विभाग के इस सामूहिक प्रयास ने यह दर्शा दिया कि वर्दी पहनने वाले लोग समाज के हर संकट के समय में ढाल बनकर खड़े हैं।
उत्पाद निरीक्षक संजीत कुमार का संदेश
उत्पाद निरीक्षक संजीत कुमार ने शिविर के दौरान अपने विचार साझा करते हुए कहा कि विभाग के अधिकारियों, सिपाहियों और अन्य कर्मियों ने जिस उत्साह के साथ स्वेच्छा से रक्तदान किया है, वह बेहद सराहनीय है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि दान किया गया रक्त किसी भी गंभीर रूप से पीड़ित या दुर्घटना के शिकार मरीज के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकता है। निरीक्षक महोदय ने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे नियमित रूप से रक्तदान करने की आदत डालें ताकि ब्लड बैंकों में रक्त की कभी कमी न हो।
सामाजिक सरोकार और जागरूकता का प्रसार
इस तरह के आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। शिविर के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया गया कि रक्तदान महादान है और इससे शरीर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि यह किसी डूबते हुए को तिनके का सहारा देने जैसा है। अधिकारियों और कर्मियों ने एक स्वर में कहा कि रक्तदान किसी भी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस अनूठी पहल की पूरे शहर में सराहना की जा रही है, और उम्मीद जताई जा रही है कि इस तरह के आयोजनों से प्रेरणा लेकर अन्य सामाजिक और प्रशासनिक संगठन भी आगे आएंगे।



