दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) की गोल्डन लाइन (Golden Line) अब अपने नए विस्तार के साथ आगे बढ़ेगी। कालिंदी कुंज-तुगलकाबाद कॉरिडोर(Tughlakabad corridor) के बनने से दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद के बीच मेट्रो कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलेगी। यह नया कॉरिडोर यमुना रिवरफ्रंट के किनारे बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद गोल्डन लाइन का संपर्क दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा और वॉयलेट लाइनों से हो जाएगा। करीब 3.9 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद के बीच मेट्रो कनेक्टिविटी और बेहतर होने की उम्मीद है। इस नए कॉरिडोर पर कुल चार स्टेशन बनाए जाएंगे।
इनमें सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर, कालिंदी कुंज और तुगलकाबाद शामिल हैं। इनमें से तीन स्टेशन एलिवेटेड होंगे, जबकि तुगलकाबाद स्टेशन अंडरग्राउंड बनाया जाएगा। इस रूट की खास बात यह होगी कि यहां दो प्रमुख इंटरचेंज स्टेशन विकसित किए जाएंगे। कालिंदी कुंज इंटरचेंज स्टेशन गोल्डन लाइन को मैजेंटा लाइन से जोड़ेगा, जबकि तुगलकाबाद इंटरचेंज स्टेशन गोल्डन लाइन को वॉयलेट लाइन से कनेक्ट करेगा। दिल्ली मेट्रो के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस नए कॉरिडोर से यमुना रिवरफ्रंट क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। साथ ही दिल्ली के रास्ते नोएडा और फरीदाबाद के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर मेट्रो सुविधा मिलेगी।
साउथ और वेस्ट दिल्ली से जुड़ेंगे नोएडा-फरीदाबाद
अधिकारियों के अनुसार, यह नया कॉरिडोर यात्रियों को कई प्रमुख इलाकों तक आसान पहुंच उपलब्ध कराएगा। दिल्ली मेट्रो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस कॉरिडोर से दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के आवासीय क्षेत्रों के साथ-साथ विकसित हो रहे औद्योगिक इलाकों को भी बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे लोगों की आवाजाही आसान होगी और सड़क यातायात पर दबाव कम होगा। अधिकारी के मुताबिक, यह लाइन साकेत और छतरपुर जैसे रिहायशी इलाकों तक सीधी पहुंच को बेहतर बनाएगी। साथ ही नोएडा और फरीदाबाद को दक्षिण और पश्चिम दिल्ली के क्षेत्रों से जोड़ने में भी मदद करेगी। उन्होंने बताया कि एयरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर के विस्तार के साथ यह मेट्रो नेटवर्क इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय टर्मिनलों से भी जुड़ जाएगा। इससे एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।
2028 तक पूरा होगा काम
दिल्ली मेट्रो के विस्तार की योजना के तहत फेज-5A में बन रहा कालिंदी कुंज-तुगलकाबाद कॉरिडोर वर्ष 2028 के अंत तक तैयार होने की उम्मीद है। इस कॉरिडोर के शुरू होने से दक्षिण दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद के बीच मेट्रो नेटवर्क को और मजबूती मिलेगी। कालिंदी कुंज-तुगलकाबाद कॉरिडोर को दिल्ली मेट्रो के फेज-5A विस्तार का हिस्सा बनाया गया है। इसके साथ ही फेज-5A के तहत दो अन्य कॉरिडोर को भी मंजूरी दी गई है। इनमें तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज कॉरिडोर और आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर शामिल हैं।
दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन फिलहाल बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से कृष्णा पार्क एक्सटेंशन तक और दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक संचालित हो रही है। वहीं, वॉयलेट लाइन कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन से राजा नाहर सिंह मेट्रो स्टेशन तक चल रही है। अधिकारियों के अनुसार, गोल्डन लाइन के तहत लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक तक 8.4 किलोमीटर लंबा नया कॉरिडोर भी निर्माणाधीन है। इस कॉरिडोर के पूरा होने के बाद दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों में मेट्रो कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। इसके अलावा गोल्डन लाइन के एक अन्य कॉरिडोर एयरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक के विस्तार को भी मंजूरी मिल चुकी है। इस विस्तार से एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और यात्रियों को बेहतर परिवहन विकल्प मिलेगा।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन फेज-5 के तहत राजधानी में कुल पांच नए कॉरिडोर विकसित कर रहा है। इन प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो कनेक्टिविटी को और मजबूत करना और भीड़भाड़ वाले रूट्स पर दबाव कम करना है। फेज-5 के तहत मैजेंटा लाइन के विस्तार में कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से दीपाली चौक और इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ तक के कॉरिडोर शामिल हैं। इन परियोजनाओं से पश्चिम और मध्य दिल्ली के बीच आवागमन और आसान होगा। वहीं, गोल्डन लाइन के तहत दो कॉरिडोर पर निर्माण कार्य चल रहा है, जिनके पूरा होने से दक्षिण दिल्ली, नोएडा और फरीदाबाद के बीच मेट्रो कनेक्टिविटी और बेहतर होने की उम्मीद है। इसके अलावा फेज-5 में रेड लाइन के विस्तार (रिठाला-कुंडली कॉरिडोर) का काम भी आगे बढ़ रहा है। यह कॉरिडोर दिल्ली को हरियाणा के कुंडली क्षेत्र से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।
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