शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य में पहली बार 3 जिलों के 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन पूरी तरह आउटसोर्स सिस्टम से किया जाएगा। नए सिस्टम को लेकर विभागीय प्रक्रिया भी शुरू कर दी हैं। निजीकरण के आरोप पर लेकर राजनीतिक पारा चढ़ता जा रहा है।

दरअसल, प्रदेश सरकार ने रीवा, देवास और गुना जिलों के 18 सीएचसी को पायलट के लिए चुना है। इन केंद्रों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भारी कमी के चलते मरीजों को जिला अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे। नए मॉडल के तहत सेहत से जुड़ा बुनियादी ढांचा खड़ा किया जाएगा। सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती,  सेवा डिलीवरी समेत अन्य चिकित्सा संचालन की सुविधाएं होंगी। 

स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के 327 संचालित सीएचसी में 1320 स्पेशलिस्ट पद स्वीकृत हैं। लेकिन इनमें से सिर्फ 113 पद ही भरे हैं। यानी करीब 85 प्रतिशत पद रिक्त हैं। 5 केंद्रों पर एक भी स्पेशलिस्ट नहीं है। इसी संकट को देखते हुए आउटसोर्सिंग का फैसला लिया गया। प्रोजेक्ट के तहत पांच साल बाद रिपोर्ट तैयार होगी। सफल होने के बाद इस मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।

निजीकरण का होगा विरोध, आउट सोर्स के नाम पर बड़े खेल की तैयारी – कांग्रेस

निजीकरण के आरोप के साथ मामले पर कांग्रेस आंदोलन की तैयारी कर रही है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ विक्रम चौधरी ने कहा कि मोदी सरकार कहती है हम चार ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बन गए हैं। मध्य प्रदेश सरकार 5 लाख करोड़ की अर्थ व्यवस्था का दावा करती है। फिर पैसा कहां जा रहा है। डॉक्टर की भर्ती के लिए पैसा नहीं है, नर्सिंग की पैसा नहीं है, पैरामेडिकल के लिए पैसा नहीं है, रूरल मेडिकल फैसेलिटीज इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए भी नहीं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग के 85 फीसदी स्टाफ की कम है। आउटसोर्स से संचालन यह दूरदर्शी समाधान नहीं है। यह अपनी जिम्मेदारियां से भागने का पायलट प्रोजेक्ट हुआ है। निजी सेक्टर में मुनाफा के लिए काम होता है। सेवा के लिए नहीं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह आउटसोर्स कंपनियां सिर्फ मुनाफा कमाएंगी, सेवा नहीं करेंगे। कांग्रेस ने मामले में बड़े विरोध प्रदर्शन की बात कहते हुए यह दावा किया कि सरकार इस नए प्रोजेक्ट के जरिए बड़े खेल करने की तैयारी में है।

विकास से कांग्रेस को प्रॉब्लम, अपनी सरकारों का आईना तो देखो – बीजेपी

मामले पर बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के सरकार में ना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होते थे ना अस्पताल होते थे। बीजेपी ने 30 मेडिकल कॉलेज बनाए और छोटे से छोटे कस्बे में स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने का काम शुरू कर रहे हैं। अब आउटसोर्स के माध्यम से अच्छी पहल है। इससे गुणवत्ता सुधार होगा और आम जनों को सुविधा का लाभ मिलेगा। हर नवाचार प्रदेश की जनता के हित में होता है।

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