फरीदाबाद नगर निगम में लापरवाही पर मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। एक्सईएन को सस्पेंड कर कमिश्नर से सात दिनों में चार्जशीट मांगी गई है।
फरीदाबाद। नगर निगम में विकास कार्यों में लापरवाही एक अधिकारी पर भारी पड़ गई। वार्ड-16 में करोड़ों रुपये की लागत वाले विकास कार्यों का उद्घाटन होने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं कराने के मामले में हरियाणा सरकार ने नगर निगम के एक्सईएन (Executive Engineer) महेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचने के बाद शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए निगम आयुक्त को सात दिन के भीतर पूरे मामले की चार्जशीट भेजने के निर्देश भी दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, वार्ड-16 के विकास के लिए सरकार ने 1.81 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया था। इस राशि से क्षेत्र की गलियों को पक्का करने, सीवर लाइन बिछाने और पेयजल पाइपलाइन का निर्माण किया जाना था। 10 अप्रैल को केंद्रीय राज्यमंत्री ने इन विकास कार्यों का डिजिटल और भौतिक रूप से शुभारंभ भी किया था। नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर वर्क ऑर्डर जारी कर दिया था और निर्माण सामग्री भी मौके पर पहुंचा दी गई थी। इसके बावजूद ठेकेदार ने काम शुरू नहीं किया और संबंधित अधिकारी भी कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बने रहे।
विकास कार्य शुरू न होने से नाराज फरीदाबाद के मेयर प्रवीण जोशी ने पहले नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर आपत्ति जताई, लेकिन जब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री को पूरे मामले से अवगत कराया और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक्सईएन महेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी विकास कार्यों में इस तरह की लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। विभाग ने एक्सईएन के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है और नगर निगम आयुक्त को सात दिन के भीतर विस्तृत चार्जशीट एवं जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के इस कदम को विकास कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है।

