हरियाणा के हिसार में तेज आंधी के कारण ४०० केवी बिजली लाइन के ९ पोल गिरने के बाद प्रभावित किसानों को मिलने वाले मुआवजे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इनेलो के वरिष्ठ नेता प्रो. संपत सिंह ने धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों की मांगों का समर्थन किया है।

हिसार। उकलाना विधानसभा क्षेत्र के किरमारा और कनोह गांव में हाल ही में आई तेज आंधी के कारण 400 केवी बिजली लाइन के कुल 9 पोल गिरने का मामला अब किसानों के मुआवजे की मांग को लेकर तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर इनेलो के वरिष्ठ नेता ने सरकार और बिजली विभाग के रवैये पर सवाल उठाए हैं।

प्रो. संपत सिंह ने बताया कि किरमारा गांव में 400 केवी लाइन के 7 पोल तथा कनोह गांव में 2 पोल गिर गए हैं। अब नए पोल लगाने के लिए भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे किसानों की फसलों और खेतों को और अधिक नुकसान होने की आशंका है। उनका कहना है कि प्रभावित किसानों को उनकी जमीन और फसलों के नुकसान का उचित मुआवजा मिलना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रभावित किसानों को पुरानी नीति के तहत मुआवजा देने की तैयारी कर रही है, जबकि किसान नई नीति के अनुसार मुआवजे की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब सरकार ने नई मुआवजा नीति लागू कर रखी है तो उन्हें उसी के अनुरूप उनका अधिकार मिलना चाहिए।

इनेलो नेता ने बताया कि उन्होंने धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक (MD) से भी बातचीत की गई। किसानों के प्रतिनिधिमंडल की कल एमडी से मुलाकात प्रस्तावित है, जिसमें मुआवजा और अन्य मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा होगी।

प्रो. संपत सिंह ने कहा कि यदि किसानों की मांगों का संतोषजनक समाधान नहीं हुआ तो आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए नई नीति के तहत उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रभावित परिवारों को आर्थिक नुकसान की भरपाई मिल सके।

फिलहाल किसानों और बिजली विभाग के बीच होने वाली आगामी बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं। इस बैठक के परिणाम से यह तय होगा कि मामला बातचीत से सुलझता है या आंदोलन आगे और तेज होता है।