ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर टोहाना के एक व्यक्ति से करीब 24 लाख रुपये ठगने के मामले में पुलिस ने फरीदाबाद के एक युवक को दबोचा है। साइबर सेल अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
फतेहाबाद। जिले में साइबर अपराध का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर एक व्यक्ति से करीब 23.93 लाख रुपये की ठगी की गई। साइबर सेल फतेहाबाद ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए फरीदाबाद से एक आरोपित को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपित की पहचान सतीश, निवासी पार्वती कॉलोनी, सेक्टर-23, फरीदाबाद के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपित के पास से ठगी गई राशि में से 10 हजार रुपये की बरामदगी भी की है।
भारी मुनाफे का लालच और 23.93 लाख का ट्रांजेक्शन
थाना साइबर सेल प्रभारी राहुल देव ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि टोहाना निवासी नीरज बंसल ने साइबर पोर्टल पर इस धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई थी। पीड़ित के अनुसार, अक्टूबर 2025 में उसके पास एक अनजान व्हाट्सएप कॉल आई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने उसे शेयर बाजार और ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश कर रातों-रात अमीर बनने का लालच दिया। आरोपित के झांसे में आकर नीरज ने अपने रिश्तेदारों, जीजा और बहन के बैंक खातों व यूपीआई आईडी के माध्यम से अलग-अलग किस्तों में कुल 23 लाख 93 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब पैसे वापस निकालने की बारी आई, तो आरोपित ने संपर्क तोड़ दिया, जिसके बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
तकनीकी जांच और साइबर सेल की आगामी कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी विश्लेषण शुरू किया। बैंक खातों की गहन जांच और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपित सतीश के ठिकाने पर दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद फिलहाल आरोपित को पुलिस जमानत पर रिहा कर दिया गया है, लेकिन मामले की जांच अभी जारी है। साइबर सेल अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उन मास्टरमाइंड्स की तलाश में जुटी है जो फर्जी बैंक खातों को संचालित कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को सचेत किया है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर निवेश न करें और साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर सूचना दें।
सावधानी ही साइबर सुरक्षा का बचाव है
साइबर सेल ने इस कार्रवाई के माध्यम से लोगों को जागरूक रहने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया या व्हाट्सएप के जरिए मिलने वाले ‘हाई रिटर्न’ के ऑफर अक्सर धोखाधड़ी होते हैं। फतेहाबाद पुलिस अब पकड़े गए आरोपित के बैंक विवरणों को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों की गिरफ्तारी होने की पूरी संभावना है।

