महाराष्ट्र में महायुति सरकार ने मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना से 80 लाख महिलाओं का नाम काट दिया है. इस योजना की घोषणा महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 से 6 महीने पहले की गयी थी. लाडकी बहीण योजना के तहत महिलाओं को हर महीने ₹1500 दिए जाते हैं. सरकार ने 30 अप्रैल तक ऑनलाइन KYC को पूरा नहीं करने वाली 80 लाख महिलाओं का नाम लिस्ट से काट दिया है. वहीं विपक्ष का दावा है कि चुनाव के बाद ही नाम हटा दिए गए है और ऐसा सरकार गंभीर वित्तीय संकट के कारण किया गया है.
80 लाख महिलाओं का नाम हटने के बाद कुल लाभ ले रही महिलाओं की संख्या 2.4 करोड़ से घटकर अब करीब 1.7 करोड़ रह गयी है.
महराष्ट्र सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना के अंतर्गत जिन परिवारों की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से कम है, उन परिवारों की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में सत्ता में लौटने पर महायुति सरकार ने मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना के लिए अपना ईकेवाईसी वेरिफिकेशन पूरा करना अनिवार्य कर दिया.

जानकारी के अनुसार, एक अधिकारी ने बताया कि बहुत सी महिलायें इसके अंतर्गत कई तरह से अपात्र पाई गयी है जैसे आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा, 65 साल से ज्यादा उम्र की महिलाएं का होना और साथ ही 5 लाख महिलाएं पहले से दूसरी योजना का लाभ भी ले रही थीं. अधिकारी ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना के लाभार्थियों को ई-केवाईसी पूरी करने के लिए आठ महीने का समय भी दिया था.
वहीं, विपक्ष ने सरकार को इस मामले में जमकर घेरा. कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने महायुति सरकार पर योजना के लाभार्थियों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ वोट लेने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई थी. महिलाएं इस विश्वासघात का सत्तारूढ़ गठबंधन से कीमत जरूर वसूल करेगी.
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने महायुति सरकार पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि ईकेवाईसी पूरा करने की अंतिम समय सीमा मार्च 2026 तय की गई। सरकार ने इस तारीख के बाद कोई और विस्तार नहीं दिया
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