फतेहाबाद पॉली क्लिनिक के डॉक्टर नरेंद्र पर महिला स्टाफ ने अश्लील टिप्पणी और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। मामले के बाद सिविल सर्जन ने आरोपी डॉक्टर का डेपुटेशन पर तबादला कर दिया है।
फतेहाबाद। फतेहाबाद जिले के सेक्टर-3 स्थित पॉली क्लिनिक में शुक्रवार को उस समय भारी हंगामा हो गया, जब महिला स्टाफ सदस्यों ने नवनियुक्त डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए। महिला कर्मचारियों के साथ उनके परिजन भी क्लिनिक पहुंचे और मीडिया के सामने डॉक्टर के व्यवहार पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। आरोप है कि डॉक्टर द्वारा महिला स्टाफ को बार-बार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है और अश्लील शब्दावली का प्रयोग किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. बुधराम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी डॉक्टर को डेपुटेशन पर भूना भेज दिया है।

विवाहित होने पर टिप्पणी और अश्लील शब्दावली का आरोप
पीड़ित महिला स्टाफ ने बताया कि अतिरिक्त एसएमओ के पद पर तैनात डॉक्टर नरेंद्र ने 1 मई को ही कार्यभार संभाला था। आरोप है कि 11 मई को एक मीटिंग के दौरान उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर में महिला स्टाफ के नाम के आगे ‘मिस’ (Miss) लिखा होने पर आपत्ति जताई और उनके विवाहित होने पर अनावश्यक टिप्पणी की। इसके अलावा, कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि मीटिंग के दौरान ओपीडी पर्ची के अन्य बिंदुओं को छोड़कर डॉक्टर ने जानबूझकर ‘निरोध’ शब्द की जगह बार-बार अश्लील अंदाज में ‘कंडोम’ शब्द का इस्तेमाल किया और शारीरिक संबंधों को लेकर आपत्तिजनक बातें कीं।
सिविल सर्जन की कार्रवाई और ट्रांसफर की सिफारिश
जब महिला स्टाफ अपनी शिकायत लेकर सिविल सर्जन डॉ. बुधराम के पास पहुंची, तो वहां आरोपी डॉक्टर और स्टाफ के बीच तीखी बहस भी हुई। करीब 20 मिनट तक चली इस बैठक में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, जिसके बाद सिविल सर्जन ने डॉक्टर नरेंद्र को डेपुटेशन पर भूना भेजने के आदेश जारी किए। साथ ही, स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र लिखकर डॉक्टर के स्थायी ट्रांसफर के लिए सिफारिश की गई है। विभाग का कहना है कि कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच सुनिश्चित की जाएगी।कर दिया गया है। साथ ही, स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र लिखकर डॉक्टर के स्थायी तबादले (Transfer) की सिफारिश की गई है। स्वास्थ्य विभाग अब इस पूरे मामले की विभागीय जांच कर रहा है ताकि कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित की जा सके।

